
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP), प्रयागराज ने कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्च 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं की स्क्रूटनी यानी रीचेकिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 17 मई 2026 निर्धारित की है। बोर्ड ने इसकी घोषणा रविवार 25 अप्रैल को ट्वीट करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि इस तिथि के बाद भेजे गए कोई भी आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऐसे में जिन छात्रों को अपने रिजल्ट में अंकों से असंतुष्टि है या उन्हें लगता है कि किसी विषय की कॉपी में गलती से नंबर कम दिए गए हैं, उनके लिए यह आवेदन पत्र भरने का आखिरी मौका माना जा रहा है।
फीस दर और शुल्क की व्यवस्था
बोर्ड के आधिकारिक ट्वीट के अनुसार, रीचेकिंग के लिए हर विषय के प्रश्नपत्र पर ₹500 (पाँच सौ रुपये) की दर से स्क्रूटनी शुल्क निर्धारित की गई है। यह शुल्क लिखित परीक्षा और प्रयोगात्मक (प्रैक्टिकल) परीक्षा दोनों के लिए अलग‑अलग लागू होगा, यानी एक विषय की लिखित की स्क्रूटनी के लिए ₹500 और उसी विषय की प्रैक्टिकल की स्क्रूटनी के लिए अलग से ₹500 देना होगा। यही दर निर्धारण छात्रों को यह भी समझाता है कि वे कितने विषयों की रीचेकिंग करवाना चाहते हैं, इस पर उनकी वित्तीय योजना बनानी होगी।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और चालान जमा
आवेदन प्रक्रिया काफी स्पष्ट और केवल ऑनलाइन ही है। छात्रों को सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाकर रीचेकिंग/स्क्रूटनी से सम्बंधित नोटिफिकेशन और लिंक देखने होंगे। यहां से ही ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरा जा सकेगा। फॉर्म में रोल नंबर, नाम, वर्ग (10वीं या 12वीं), स्कूल/कॉलेज विवरण और वह विषय चुनना होगा जिसकी उत्तरपुस्तिका की दोबारा जांच करवानी है। विषय का चयन करने के बाद फीस जमा करने का विकल्प दिया जाएगा। फीस ऑनलाइन चालान के माध्यम से राजकीय कोषागार में जमा करनी होगी और इसका मूल चालान पत्र रखना जरूरी है।
ऑफलाइन दस्तावेज और रजिस्टर्ड डाक की जरूरत
आवेदन प्रक्रिया के इस चरण के बाद बोर्ड ने एक अतिरिक्त दिशा भी दी है। ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद छात्रों को अपने आवेदन के विवरणों का प्रिंटआउट निकालना होगा और उसके साथ जमा किए गए स्क्रूटनी शुल्क का मूल चालान पत्र संलग्न करके रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से यूपी बोर्ड के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय पर 17 मई 2026 की शाम तक प्रेषित करना होगा।
यह निर्देश यह दिखाता है कि आवेदन केवल ऑनलाइन ही रिकॉर्ड पर नहीं रहेगा, बल्कि ऑफलाइन दस्तावेज की भी जांच होगी। बोर्ड ने इतना साफ शब्दों में कहा है कि ऑनलाइन आवेदन फॉर्म के अलावा सीधे या कोरियर/डाक से भेजा गया कोई भी अन्य आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे गलत‑भराव या दोहराव की संभावना कम हो जाती है।
रीचेकिंग का उद्देश्य और नंबर में बदलाव की संभावना
इस रीचेकिंग प्रक्रिया का मकसद वस्तुतः उन त्रुटियों को सुधारना है, जो जोड़‑घटाव, गलत मूल्यांकन या उत्तरों की जांच में छूट गई हों। बोर्ड के निर्देशों से यह साफ है कि यह कोई नई मार्किंग या पूरी तरह से दोबारा मूल्यांकन नहीं है, बल्कि उसी उत्तरपुस्तिका की क्रॉस‑चेकिंग होती है। अगर रीचेकिंग के बाद कोई गलती‑सुधार होती है तो छात्रों को संशोधित मार्कशीट आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। यही वजह है कि विशेषज्ञ ऐसे विषयों पर ही रीचेकिंग करवाने की सलाह देते हैं, जहां छात्रों को ज्यादा भरोसा हो कि उनके नंबर कम आए हैं, न कि हर विषय को ढंग‑से अंक बढ़ाने के मकसद से।
रिजल्ट जारी होने के नियम और पासिंग‑कंपार्टमेंट
बोर्ड ने 25 अप्रैल 2026 को ही कक्षा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया था, जिसके बाद छात्र upmsp.edu.in और upresults.nic.in के माध्यम से अपने नतीजे चेक कर सकते हैं। पासिंग के लिए हर विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। अगर किसी छात्र के एक या दो विषयों में यह न्यूनतम अंक कम आते हैं तो उसकी स्थिति कंपार्टमेंट की मानी जाती है, जिसके लिए बाद में सुधार परीक्षा देनी होती है।
लेकिन यदि दो से अधिक विषयों में 33 से कम अंक आते हैं तो छात्र फेल माना जाता है। ऐसे में जिन छात्रों ने रीचेकिंग के जरिए नंबर बढ़वाकर या तो कंपार्टमेंट से बचना है या पासिंग लाइन पार करनी है, उनके लिए यह 17 मई 2026 की लास्ट डेट और भी ज्यादा क्रिटिकल है।
पत्रकारिता की नजर से रीचेकिंग नीति का विश्लेषण
पत्रकारिता की नजर से देखें तो यह नोटिफिकेशन यूपी बोर्ड की ऑनलाइनकरण और पारदर्शिता की दिशा में एक सुसंगत कदम है। साथ ही यह भी स्पष्ट हो जाता है कि बोर्ड अब ऑफलाइन या कागजी फेरबदल कम चांस दे रहा है और हर आवेदन को डिजिटल रूप से ट्रैकेबल बना रहा है। छात्रों के लिए यह भी जरूरी है कि वे आवेदन के दौरान रोल नंबर, विषयों, फीस जमा की तिथि और चालान जैसी पूरी जानकारी सुरक्षित रखें, ताकि बाद में कोई विवाद या गड़बड़ी न हो।
शिक्षा‑हित रिपोर्ट प्रकाशन के लिए यह भी उल्लेखनीय है कि रीचेकिंग चाहे जितना भी उपयोगी हो, लेकिन वह मेहनत और तैयारी का विकल्प नहीं बनती, बल्कि एक त्रुटि‑सुधार तंत्र ही है।









