
आज के दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। किसी दोस्त से बात करनी हो, ऑफिस का जरूरी काम निपटाना हो या फिर सोशल मीडिया पर अपडेट रहना हो, सब कुछ पहले मोबाइल ही उठाते हैं। लेकिन जब यही ‘सुपरफास्ट’ फोन कुछ ही महीनों में लैग करने लगे, ऐप्स खुलने में देर लगे और बैटरी फटाफट डिस्चार्ज हो जाए, तो परेशानी बढ़ जाती है। खासकर नया स्मार्टफोन खरीदने पर ये समस्या चौंकाती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका सबसे बड़ा कारण है ब्लोटवेयर। नाम भले ही डरावना लगे, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं। ये वे अनचाहे प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स हैं जो बैकग्राउंड में RAM चूसते रहते हैं, स्टोरेज भरते हैं और फोन की स्पीड को धीमा कर देते हैं। सही तरीके से इन्हें हटाएं, तो फोन नया जैसा तेज चलेगा।
ब्लोटवेयर: फोन को स्लो करने वाला असली विलेन
ब्लोटवेयर क्या है और ये फोन को कैसे स्लो करता है? स्मार्टफोन कंपनियां जैसे Samsung, Xiaomi, Realme या Vivo अपने फोन में कई ऐप्स पहले से डाल देती हैं। इनमें कंपनी के ब्राउजर, गेम सेंटर, शॉपिंग ऐप्स या डुप्लीकेट गैलरी-म्यूजिक प्लेयर शामिल होते हैं। थर्ड-पार्टी वाले जैसे कैरियर ऐप्स या विज्ञापन वाले टूल्स भी इन्हीं में शुमार हैं। ये ऐप्स दिखने में उपयोगी लगते हैं, लेकिन बैकग्राउंड में लगातार चलते रहते हैं। नतीजा? फोन की RAM का 20-30 फीसदी हिस्सा व्यर्थ खर्च, स्टोरेज में सैकड़ों MB कब्जा और प्रोसेसर पर अतिरिक्त बोझ।
धीरे-धीरे ऐप्स क्रैश होने लगते हैं, स्क्रीन स्क्रॉलिंग में रुकावट आती है और नया फोन भी पुराना सा लगने लगता है। ऊपर से बैटरी पर असर पड़ता है, क्योंकि ये ऐप्स GPS, नेटवर्क और पुश नोटिफिकेशन के जरिए डेटा ट्रैक करते रहते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, औसतन ब्लोटवेयर फोन की परफॉर्मेंस को 15-25 फीसदी तक घटा देता है।
ब्लोटवेयर का असर: स्पीड से आगे की परेशानियां
इन ऐप्स का असर सिर्फ स्पीड तक सीमित नहीं। स्टोरेज भरने से नए ऐप इंस्टॉल नहीं होते, कैमरा वीडियो रिकॉर्डिंग रुक जाती है और गेमिंग में फ्रेम ड्रॉप हो जाता है। कई यूजर्स तो फोन सर्विस सेंटर ले जाते हैं, लेकिन समस्या ब्लोटवेयर ही होती है। अच्छी बात ये है कि ज्यादातर मामलों में इन्हें आसानी से डिलीट या डिसेबल किया जा सकता है। आइए जानें वो टॉप 5 ऐप्स जो सबसे ज्यादा परेशान करते हैं और इन्हें हटाने से फोन की स्पीड दोगुनी हो जाती है।
टॉप 5 ब्लोटवेयर ऐप्स: इन्हें बनाएं पहला निशाना
पहला निशाना है Samsung Free या Mi Browser। ये डिफॉल्ट ब्राउजर विज्ञापनों से भरे रहते हैं और बैकग्राउंड में ट्रैकिंग करते हैं। इन्हें हटाने से RAM फ्री होती है और ब्राउजिंग 20 फीसदी तेज हो जाती है। दूसरा, Samsung TV Plus या Game Center। ये अनचाहे कंटेंट और गेम लॉन्चर स्टोरेज खाते हैं, बिना यूज के। तीसरा, Samsung Shop या GetApps जैसे शॉपिंग ऐप्स। ये लगातार अपडेट डाउनलोड करते हैं और 500 MB से ज्यादा जगह घेरते हैं।
चौथा, Samsung Kids या डुप्लीकेट Weather ऐप। अगर बच्चे नहीं हैं, तो ये बेकार हैं और डुप्लीकेट फीचर्स दोहराते हैं। आखिर में Global Goals या AR Zone। ये सोशल AR गेम्स स्टोरेज चूसते हैं, लेकिन रियल यूज कम। इन्हें हटाने से फोन स्मूद चलता है।
ब्लोटवेयर हटाने के आसान और सुरक्षित तरीके
इन ऐप्स को कैसे हटाएं? सबसे आसान तरीका है सेटिंग्स में जाना। Settings > Apps पर जाएं, ऐप चुनें और Uninstall या Disable दबाएं। अगर न हटे (सिस्टम ऐप्स के मामले में), तो Developer Options चालू करें (About Phone में बिल्ड नंबर 7 बार टैप), USB Debugging ऑन करें और PC से ADB टूल यूज करें। कमांड प्रॉम्प्ट में adb shell pm uninstall -k --user 0 com.samsung.android.tvplus जैसा टाइप करें (पैकेज नाम प्ले स्टोर से चेक करें)। ये सेफ है और वारंटी पर असर नहीं डालता। इसके अलावा, बैकग्राउंड ऐप्स बंद करें (Battery > Background usage limits), कैश क्लियर करें और Unused Apps को प्ले स्टोर से हटाएं। फोन रीस्टार्ट करें, तो फर्क तुरंत दिखेगा।
स्पीड बूस्ट के अतिरिक्त टिप्स
अतिरिक्त टिप्स से स्पीड और बूस्ट करें। स्टोरेज को 20 फीसदी खाली रखें, OS अपडेट करें, मालवेयर स्कैनर जैसे Avast चलाएं और ऑटो-अपडेट बंद रखें। नए फोन पर खरीदते ही ये कदम उठाएं, तो सालों तक सुपरफास्ट रहेगा। याद रखें, ब्लोटवेयर कोई खराबी नहीं, बल्कि कंपनियों का कमर्शियल ट्रिक है। स्मार्ट यूजर्स इसे हैंडल कर स्मूद एक्सपीरियंस ले सकते हैं।









