
घरेलू कमोडिटी बाजार में गुरुवार, 23 अप्रैल को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे शादी के सीजन से पहले ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों और लंबी दूरी के निवेशकों के लिए एक राहत और फायदे का मौका बना है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार को गोल्ड और सिल्वर दोनों के फ्यूचर वायदे नीचे की ओर ट्रेड कर रहे हैं, जबकि रिटेल लेवल पर भी बड़े शहरों में भाव पिछले रिकॉर्ड स्तरों से नीचे टिके हुए हैं।
MCX पर सोने की आज की स्थिति
MCX पर 5 जून, 2026 एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा करीब 540 रुपये की गिरावट के साथ ट्रेड हो रहा है। यह वायदा 1,52,051 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला था, जबकि पिछले कारोबारी दिन यह 1,52,657 रुपये पर बंद हुआ था। खबर लिखे जाने तक सुबह करीब 9:50 बजे गोल्ड वायदा 0.36 फीसदी गिरावट के साथ 1,52,115 रुपये प्रति 10 ग्राम की सीमा में ट्रेड कर रहा था। शुरुआती कारोबार में यह वायदा 1,53,200 रुपये के हाई लेवल पर भी पहुंचा, जो इसकी अभी भी अपेक्षाकृत ऊंची फंडामेंटल वैल्यू को दिखाता है।
इस गिरावट के बावजूद भी घरेलू बाजार में सोना अभी भी लंबे समय तक देखे गए ऊंचे स्तरों पर ही टिका हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल मार्केट में डॉलर की ताकत, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और जियोपॉलिटिकल जोखिमों के बीच गोल्ड अभी भी एक “सेफ हैवन” एसेट के तौर पर भूमिका निभा रहा है, लेकिन अल्पकालिक तौर पर वैल्यूएशन और नफाखोरी (profit‑booking) के दबाव से भाव नीचे आ रहे हैं।
चांदी में और ज्यादा गिरावट
चांदी के मामले में दबाव उससे भी ज्यादा साफ दिख रहा है। MCX पर 5 मई, 2026 एक्सपायरी वाला सिल्वर फ्यूचर 1.55 फीसदी यानी लगभग 3,850 रुपये की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। चांदी ने कारोबारी दिन की शुरुआत 2,42,501 रुपये प्रति किलोग्राम पर की थी, जबकि दिन में इसका हाई लेवल 2,44,730 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचा। इस तरह चांदी की गिरावट न सिर्फ प्रतिशत के हिसाब से तेज है, बल्कि अमूर्त रुपया‑स्तर पर भी निवेशकों को नोटिसेबल एक्सपोजर दे रही है।
रिटेल स्तर पर भी चांदी की दरें अभी नार्मल नहीं हैं। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में 10 ग्राम चांदी आज 2,600 रुपये की दर पर बिक रही है, जिसका मतलब है कि 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को करीब 26,000 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। चेन्नई में यह दर 2,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रही है, जो अन्य बड़े शहरों की तुलना में थोड़ा महंगा स्तर दिखाता है।
दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता व अन्य शहरों में सोने का भाव
गुड रिटर्न के अनुसार आज के रिटेल स्तर पर बड़े शहरों में सोने की दरें निम्न हैं:
दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,53,700 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट 1,40,900 रुपये और 18 कैरेट 1,15,310 रुपये पर चल रहा है। मुंबई में 24 कैरेट की कीमत 1,53,550 रुपये, 22 कैरेट 1,40,750 रुपये और 18 कैरेट 1,15,160 रुपये है। चेन्नई में 24 कैरेट सोना 1,55,450 रुपये के स्तर पर सबसे ऊंचा है, जबकि 22 कैरेट 1,42,490 रुपये और 18 कैरेट 1,18,810 रुपये पर चल रहा है। कोलकाता में 24 कैरेट 1,53,550 रुपये, 22 कैरेट 1,40,750 रुपये और 18 कैरेट 1,15,160 रुपये पर दर्ज हैं।
उत्तर भारत के अन्य शहरों में भी भाव लगभग इसी रेंज में हैं। अहमदाबाद में 24 कैरेट सोना 1,53,600 रुपये, 22 कैरेट 1,40,800 रुपये और 18 कैरेट 1,15,210 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। लखनऊ में 24 कैरेट 1,53,700 रुपये, 22 कैरेट 1,40,900 रुपये और 18 कैरेट 1,15,310 रुपये के स्तर पर है, जो दिल्ली के बराबर है। पटना में 24 कैरेट 1,53,600 रुपये, 22 कैरेट 1,40,800 रुपये और 18 कैरेट 1,15,210 रुपये पर चल रहा है, जबकि हैदराबाद में 24 कैरेट 1,53,550 रुपये, 22 कैरेट 1,40,750 रुपये और 18 कैरेट 1,15,160 रुपये पर दर्ज हैं।
शादी सीजन से पहले खरीदारों के लिए आज का मौका
शादी के सीजन के आस‑पास भारतीय बाजार आमतौर पर सोने‑चांदी की मांग में तेजी देखता है, लेकिन इस बार फ्यूचर और फिज़िकल बाजार में दोनों स्तरों पर अस्थायी गिरावट ने खरीदारों के लिए अच्छा एंट्री‑लेवल बनाया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, जिन परिवारों को शादी के उपहार, गिफ्ट या तबलीख व अन्य ज्वेलरी पर निवेश करना है, उन्हें अभी भाव में तेज उतार‑चढ़ाव के बीच धीरे‑धीरे खरीदारी करना ज्यादा सुरक्षित रहेगा, क्योंकि लंबे समय में सोना अभी भी इन्फ्लेशन और मुद्रा जोखिमों के खिलाफ एक मजबूत बफर माना जाता है।
साथ ही, रिटेल खरीदारों को ध्यान रखना चाहिए कि फिज़िकल ज्वेलरी की कीमत में जीएसटी, मेकिंग चार्ज और वैल्यूएशन भी जुड़ते हैं, जिससे रिटेल दरें एक्सचेंज भाव से काफी ऊपर हो जाती हैं। इसलिए आज की गिरावट को सिर्फ एमसीएक्स भाव की तुलना में देखने के बजाय अपने शहर के कम से कम दो‑तीन ज्वेलरों से भाव चेक करना बेहतर रहेगा। इस तरह से न सिर्फ शादी की तैयारी में बचत हो पाएगी, बल्कि भविष्य में मूल्य बढ़ने की स्थिति में निवेश का फायदा भी मिल सकता है।









