
देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने कर्मचारियों के लिए ‘हैप्पीनेस अलर्ट’ जारी करते हुए बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि छंटनी का दौर पूरी तरह समाप्त हो चुका है और अब वह अपने पारंपरिक स्टैंडर्ड सैलरी इंक्रीमेंट साइकिल पर लौट रही है। यह घोषणा अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी, जिससे लाखों कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा और वेतन वृद्धि की अनिश्चितता से मुक्ति मिलेगी। TCS के सीईओ के. कृतिवासन ने अर्निंग्स कॉल के दौरान इसकी पुष्टि की, बताते हुए कि कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत होने से यह कदम संभव हुआ है।
2025 का उतार-चढ़ाव भरा साल
2025 का साल TCS के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। जुलाई 2025 में कंपनी ने ग्लोबल वर्कफोर्स का लगभग 2 प्रतिशत, यानी करीब 12,261 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की थी। इसका मुख्य कारण स्ट्रक्चरल रिस्ट्रक्चरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उभरती तकनीकों के अनुरूप खुद को ढालना बताया गया। इसके चलते मिड और सीनियर लेवल के कर्मचारियों में भय का माहौल बन गया था।
सैलरी हाइक पर भी अनिश्चितता छाई रही, जहां पहले वेरिएबल पे को 80 प्रतिशत तक बढ़ाया गया, लेकिन सामान्य इंक्रीमेंट साइकिल में देरी हुई। कर्मचारी जॉब सिक्योरिटी और भविष्य की ग्रोथ को लेकर चिंतित थे, खासकर जब अन्य आईटी कंपनियां भी इसी दौर से गुजर रही थीं।
सकारात्मक मोड़ और वित्तीय मजबूती
अब सकारात्मक मोड़ आया है। TCS ने Q4 FY2026 में 13,718 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही से 12.2 प्रतिशत अधिक है। रेवेन्यू 9.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 70,698 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके अलावा, कंपनी ने पिछले कुछ महीनों में 12 बिलियन डॉलर के नए कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल किए, जिनमें कई मेगा डील्स शामिल हैं।
सीईओ कृतिवासन ने कहा, “मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, डिमांड में सुधार और कारोबारी माहौल के प्रति बढ़ते आत्मविश्वास ने हमें पुरानी स्थिति में लौटने का मौका दिया।” कंपनी अब AI-फर्स्ट कल्चर पर फोकस कर रही है, जिसमें अनुभवी टैलेंट और कैंपस हायरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सैलरी हाइक की उम्मीदें
सैलरी हाइक की बात करें तो TCS में परफॉर्मेंस रेटिंग और ग्रेड के आधार पर वृद्धि तय होती है। टॉप परफॉर्मर्स को डबल डिजिट (10 प्रतिशत से अधिक) हाइक मिलने की उम्मीद है, जबकि ज्यादातर कर्मचारियों के लिए यह 4.5 से 7 प्रतिशत के बीच रहेगा। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की मासिक सैलरी 1 लाख रुपये है, तो 10 प्रतिशत हाइक से उसे करीब 10,000 रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं।
C3A ग्रेड तक के सभी कर्मचारी इससे लाभान्वित होंगे। यह चक्र 1 अप्रैल से शुरू होता है, जो पिछले साल विलंबित था। 2025 में भी 80 प्रतिशत कर्मचारियों को 4-7 प्रतिशत हाइक मिल चुका था, जो इस ट्रेंड को मजबूत करता है।
नासिक विवाद का साया
हालांकि, इस खुशखबरी के बीच नासिक BPO यूनिट से जुड़ा विवाद कंपनी की छवि पर साया डाल रहा है। अप्रैल 2026 में महाराष्ट्र के नासिक TCS BPO सेंटर में यौन उत्पीड़न, शोषण और जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोप सामने आए। अब तक 9 FIR दर्ज हो चुकी हैं। पीड़ित महिलाओं ने दानिश शेख, तौसीफ अत्तार और निदा खान जैसे सस्पेंड कर्मचारियों पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और छेड़छाड़ के आरोप लगाए।
जुलाई 2022 से फरवरी 2026 तक चले इस कथित पैटर्न ने HR प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए। TCS ने जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाते हुए आरोपी कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया और पुलिस जांच में सहयोग का भरोसा दिया। नासिक पुलिस ने कई गिरफ्तारियां की हैं, और मामला अब और गहरा रहा है।
आईटी सेक्टर के लिए संदेश
कुल मिलाकर, TCS का यह फैसला आईटी सेक्टर में स्थिरता का संकेत है। छंटनी खत्म होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, जबकि सैलरी हाइक से वित्तीय सुरक्षा मिलेगी। लेकिन नासिक विवाद से सबक लेते हुए कंपनी को आंतरिक शासन मजबूत करने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के दौर में TCS जैसी कंपनियां कर्मचारी कल्याण पर अधिक ध्यान देंगी। यह घोषणा न केवल TCS बल्कि पूरे सेक्टर के लिए सकारात्मक संदेश है।









