
स्मार्टफोन की दुनिया में फोल्डेबल टेक्नोलॉजी ने पिछले कुछ सालों में जबरदस्त धूम मचा रखी है। दक्षिण कोरियाई दिग्गल सैमसंग ने Galaxy Z TriFold को कुछ महीनों पहले लॉन्च किया था, जिसमें 10 इंच का इमर्सिव मेन डिस्प्ले था। यह फोन पूरी तरह खुलने पर टैबलेट जैसा अनुभव देता था, लेकिन अब कंपनी का मन इससे भर नहीं रहा। हाल ही में सामने आए एक पेटेंट से पता चला है कि सैमसंग Galaxy Z TriFold Wide नामक एक और बड़े ट्राईफोल्ड फोन पर काम कर रही है।
यह नया मॉडल मौजूदा TriFold से भी ज्यादा चौड़ा होगा, जो लैपटॉप जैसा फॉर्म फैक्टर प्रदान करेगा। टेक एनालिस्ट्स का मानना है कि यह फोन उन यूजर्स के लिए बूस्ट साबित होगा जो पॉकेट में पूरा वर्कस्टेशन कैरी करना चाहते हैं।
Galaxy Z TriFold Wide का अनोखा डिजाइन
पेटेंट डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, Galaxy Z TriFold Wide का डिजाइन मौजूदा TriFold जैसा ही दिखेगा, लेकिन इसमें एक बड़ा बदलाव होगा। फोल्ड होने पर यह फोन किसी सामान्य स्मार्टफोन की तरह लंबा-चौड़ा नहीं, बल्कि ज्यादा चौड़ा (Wide) नजर आएगा। यह फॉर्म फैक्टर हाल के फोल्डेबल आईफोन कॉन्सेप्ट्स से प्रेरित लगता है, जहां स्क्रीन का आस्पेक्ट रेशियो चौड़ाई की तरफ झुका होता है। सैमसंग का यह कदम मार्केट ट्रेंड्स को ध्यान में रखकर उठाया गया है। पिछले कुछ समय से वाइड फॉर्म फैक्टर वाले फोन्स की डिमांड तेजी से बढ़ रही है।
ऐप्पल भी अपने फोल्डेबल आईफोन को इसी डिजाइन में लाने की तैयारी कर रही है, जबकि चाइनीज कंपनी Huawei ने Pura X Max जैसे वाइड ट्राईफोल्ड को सफलतापूर्वक मार्केट में उतार दिया है। सैमसंग का यह पेटेंट WIPO (वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन) में दाखिल किया गया है, जो तीन फोल्डिंग सेक्शन्स और एडवांस्ड हिंज मैकेनिज्म दिखाता है। फोल्डेड स्टेट में यह फोन करीब 4-5 इंच चौड़ा हो सकता है, जो वन-हैंड यूज को आसान बनाएगा।
फोल्डेबल मार्केट में ट्राईफोल्ड का उदय
फोल्डेबल फोन्स का मार्केट अब ट्राईफोल्ड सेगमेंट में शिफ्ट हो चुका है। Galaxy Z Fold7 और Oppo Find N6 जैसे ड्यूल-फोल्ड फोन तो मार्केट में छाए हुए हैं, लेकिन यूजर्स अब और बड़े डिस्प्ले की तलाश कर रहे हैं। सैमसंग का TriFold Wide इस ट्रेंड को कैच करता है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह फोन पूरी तरह खुलने पर 11-12 इंच का अल्ट्रा-वाइड डिस्प्ले देगा, जो मल्टीटास्किंग, वीडियो एडिटिंग और प्रोडक्टिविटी ऐप्स के लिए परफेक्ट होगा। बैटरी लाइफ, प्रोसेसर और कैमरा सिस्टम में भी Galaxy AI इंटीग्रेशन होगा, जो पिछले TriFold की कमियों को दूर करेगा। हालांकि, चुनौतियां भी कम नहीं।
क्रेज विजिबिलिटी, हिंज ड्यूरेबिलिटी और कीमत जैसे इश्यूज अभी भी बाकी हैं। TriFold को लॉन्च होते ही डिमांड अच्छी मिली, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में इसकी डिस्कंटिन्यूएशन की बात भी सामने आई, शायद प्रोडक्शन कॉस्ट्स के कारण।
कड़ी हो रही कंपटीशन की जंग
कंपटीशन भी कड़ा हो रहा है। Huawei ने Mate XT Ultimate के साथ ट्राईफोल्ड रेस में लीड ली है, जो स्लिम बॉडी और वाइड डिजाइन के लिए जाना जाता है। ओप्पो ने कई प्रोटोटाइप्स टेस्ट किए, लेकिन हाई कॉस्टिंग के चलते मार्केट में नहीं उतारा। वहीं, शाओमी इस साल के आखिर तक अपना पहला ट्राईफोल्ड लॉन्च करने वाली है, जिसका डिजाइन Huawei से मिलता-जुलता होगा।
GSMA सर्टिफिकेशन में इसका जिक्र हो चुका है। ये सभी डेवलपमेंट्स बताते हैं कि ट्राईफोल्ड फोन महंगे एक्सपेरिमेंट से स्टैंडर्ड डिवाइस बनने की राह पर हैं। सैमसंग का Wide वेरिएंट इस रेस में गेम-चेंजर साबित हो सकता है, खासकर भारत जैसे मार्केट में जहां प्रोडक्टिविटी डिवाइसेस की डिमांड हाई है।
भविष्य की संभावनाएं और लॉन्च टाइमलाइन
एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले 2-3 सालों में ट्राईफोल्ड फोन 20% मार्केट शेयर कवर कर लेंगे। सैमसंग अगर Galaxy Z TriFold Wide को स्लिम रखते हुए किफायती कीमत पर लाता है (अनुमानित 2.5-3 लाख रुपये), तो यह Huawei और शाओमी को कड़ी टक्कर देगा। फिलहाल पेटेंट स्टेज पर है, लेकिन Galaxy Unpacked 2026 में इसका अनाउंसमेंट हो सकता है। टेक वर्ल्ड की नजरें सैमसंग पर टिकी हैं- क्या यह वाकई फोन को लैपटॉप का विकल्प बना देगा?









