
जापानी ऑटो दिग्गल निसान ने ग्लोबल स्तर पर अपनी रणनीति में क्रांतिकारी बदलाव की घोषणा कर दी है। कंपनी ने पुष्टि की है कि वह अपने 56 मॉडल्स वाले विशाल पोर्टफोलियो को सिकोड़कर 45 तक सीमित कर देगी, जिसमें 11 कम बिक्री वाले मॉडल्स को पूरी तरह बंद किया जाएगा।
यह फैसला कंपनी के नए CEO इवान एस्पिनोसा के नेतृत्व में लिया गया है, जो Juke EV और नेक्स्ट-जनरेशन X-Trail के वैश्विक अनावरण के दौरान सामने आया। निसान का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर उपयोग कर मुनाफे को बढ़ावा देना और बाजार में मजबूत वापसी करना है।
कंपनी की वित्तीय चुनौतियां और नई रणनीति
कंपनी लंबे समय से वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही थी, जिसमें कमजोर बिक्री और बढ़ते खर्च शामिल हैं। एस्पिनोसा ने स्पष्ट कहा कि जो मॉडल पर्याप्त प्रदर्शन नहीं दे पा रहे, उन्हें हटा दिया जाएगा ताकि फोकस उच्च-प्रदर्शन वाले प्रोडक्ट्स पर शिफ्ट हो सके। अब निसान की कारें चार स्मार्ट कैटेगरी में बांटी जाएंगी: हार्टबीट, कोर, ग्रोथ और पार्टनर। हार्टबीट में आइकॉनिक Leaf EV और Patrol SUV जैसे मॉडल्स रहेंगे, जबकि कोर कैटेगरी में X-Trail, Qashqai जैसे बैकबोन प्रोडक्ट्स शामिल होंगे।
ग्रोथ सेगमेंट में Elgrand MPV और Sakura Kei कार, तथा पार्टनर में Micra हैचबैक और Frontier पिकअप ट्रक जैसे नाम आएंगे। इस स्ट्रक्चर से ग्राहकों को अपनी जरूरत के हिसाब से चॉइस आसानी से मिलेगी, और हर मॉडल में ज्यादा इंजन व फीचर ऑप्शंस उपलब्ध होंगे।
बंद हो रहे मॉडल्स और प्रीमियम फोकस
बंद हो रहे 11 मॉडल्स में मुख्य रूप से वे वेरिएंट्स शामिल हैं जो पुरानी प्लेटफॉर्म्स पर आधारित हैं और नए उत्सर्जन-सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते। उदाहरणस्वरूप, अमेरिकी बाजार में Titan फुल-साइज पिकअप पहले ही रिटायर हो चुका है, Versa सेडान और Altima का भविष्य अनिश्चित है, जबकि March (Micra) का ICE वर्जन इलेक्ट्रिक अवतार से रिप्लेस होगा।
ये ज्यादातर क्षेत्रीय मॉडल्स हैं जो दक्षिण-पूर्व एशिया, लैटिन अमेरिका और अन्य बाजारों में बिकते थे। निसान अब प्रीमियम सेगमेंट पर दांव लगा रही है, जिसमें Skyline, X-Trail Hybrid, Juke EV, X-Terra, नई हाइब्रिड SUVs, पावरफुल सेडान्स और बड़ी SUVs शामिल हैं। इन्फिनिटी ब्रांड के तहत भी फ्रेश प्रीमियम लाइनअप की योजना है, जो ब्रांड वैल्यू को नई ऊंचाई देगी।
भारत में निसान का भविष्य
भारतीय ग्राहकों के लिए यह खबर ज्यादा चिंताजनक नहीं है। यहां निसान का पोर्टफोलियो सीमित है- मुख्य रूप से Magnite SUV और Renault के साथ साझा Triber MPV पर निर्भर। ग्लोबल कट्स का सीधा असर इन पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि Magnite निर्यात में सफल रहा है (12 लाख यूनिट्स का माइलस्टोन)। कंपनी भारत में प्रतिबद्ध है; 2026 के मध्य में नया C-SUV लॉन्च होगा, जिसका 7-सीटर वर्जन 2027 में आएगा, और EV वेरिएंट भी प्लान में है।
FY2027 तक 1 लाख घरेलू और 1 लाख निर्यात यूनिट्स का टारगेट है, साथ ही 20 नई डीलरशिप्स। निसान के MD सौरभ वत्सा ने स्पष्ट किया कि चेन्नई प्लांट के लिए रेनॉल्ट के साथ मजबूत एग्रीमेंट है, इसलिए प्रोडक्शन सुरक्षित रहेगा। डीजल मॉडल्स की कोई योजना नहीं, क्योंकि BS-7 नॉर्म्स के कारण लागत बढ़ेगी।
ग्राहकों के लिए निहितार्थ
निसान के मौजूदा मालिकों को सर्विस और पार्ट्स की चिंता करने की जरूरत नहीं। यह कदम कंपनी को Re:Nissan Recovery Plan के तहत मजबूत बनाएगा, जो 17 से घटाकर 10 प्लांट्स पर फोकस कर रहा है। भारतीय बाजार, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा PV मार्केट होने के नाते, निसान के लिए बड़ा अवसर है। अगर आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो Magnite या आगामी C-SUV पर नजर रखें- भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है।









