
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आज शाम किसी भी वक्त घोषित हो सकता है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी बताती है कि 25 लाख से अधिक छात्रों का लंबा इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। इस साल 17 फरवरी से 11 मार्च तक आयोजित परीक्षाओं के नतीजे अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होंगे।
लाखों स्टूडेंट्स ऑनलाइन वेबसाइट्स पर नजरें गड़ाए बैठे हैं, लेकिन अगर सर्वर डाउन हो जाए या इंटरनेट न चले, तो घबराने की कोई जरूरत नहीं। CBSE ने बिना इंटरनेट के रिजल्ट चेक करने के लिए आसान ऑफलाइन तरीके मुहैया कराए हैं – बस एक फोन कॉल या एसएमएस से पूरी मार्कशीट हासिल हो जाएगी।
ऑफलाइन सुविधाओं का महत्व
यह खास सुविधा उन छात्रों के लिए वरदान साबित होगी जो ग्रामीण इलाकों या इंटरनेट की कमी वाले क्षेत्रों में रहते हैं। हर साल रिजल्ट डे पर cbse.gov.in या cbseresults.nic.in जैसी साइट्स पर भारी ट्रैफिक के कारण क्रैश हो जाती हैं। ऐसे में आईवीआरएस (इंटरएक्टिव वॉइस रिस्पॉन्स सिस्टम) और एसएमएस सर्विस काम आती है। बोर्ड ने इन्हें सभी राज्यों के लिए सक्रिय रखा है, ताकि कोई छात्र पीछे न रहे। परीक्षा का पहला फेज पूरा होने के बाद दूसरा फेज मई-जून में होने वाला है, इसलिए बोर्ड जल्द रिजल्ट जारी करने की तैयारी में जुटा है।
IVRS कॉल से रिजल्ट चेक करने का आसान तरीका
दिल्ली के छात्र सीधे 24300699 नंबर डायल करें, जबकि अन्य राज्यों के लिए 011-24300699 लगाएं। कॉल कनेक्ट होते ही वॉइस निर्देश सुनाई देंगे। keypad से अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें। कुछ ही सेकंड में सिस्टम सब्जेक्ट-वाइज अंक, पास-फेल स्टेटस और कुल प्रतिशत बता देगा। यह सर्विस 24 घंटे उपलब्ध रहती है और कॉल चार्ज सामान्य लगता है। छात्रों को एडमिट कार्ड की डिटेल्स पहले से तैयार रखनी चाहिए।
एसएमएस से तुरंत मार्कशीट पाएं
अगर कॉल नहीं करना चाहें, तो मोबाइल के मैसेज ऐप में ‘cbse10 <रोल नंबर> <स्कूल नंबर> <सेंटर नंबर>’ फॉर्मेट टाइप करें। उदाहरण के लिए, अगर रोल नंबर 123456, स्कूल नंबर 56789 और सेंटर नंबर 98765 है, तो मैसेज cbse10 123456 56789 98765 लिखें। इसे 7738299899 पर भेज दें। कुछ मिनटों में ही पूरा रिजल्ट एसएमएस के जरिए फोन पर आ जाएगा। ध्यान दें, जन्मतिथि की जगह सेंटर नंबर डालना जरूरी है, जैसा कि सीबीएसई की ऑफिशियल गाइड में बताया गया है। एसएमएस चार्ज न्यूनतम होते हैं।
आगे की प्रक्रिया और सलाह
ये तरीके न सिर्फ सुविधाजनक हैं, बल्कि विश्वसनीय भी। छात्र उमंग ऐप या डिजीलॉकर से बाद में डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। अभिभावक भी स्कूलों या सीबीएसई हेल्पलाइन से संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं। रिजल्ट के बाद रीवैल्यूएशन की प्रक्रिया जून तक चलेगी। स्टूडेंट्स को सलाह है कि आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखें और फेक न्यूज से बचें। यह नया सिस्टम सीबीएसई की डिजिटल इंडिया की दिशा में सकारात्मक कदम है।









