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Health Tips: हर वक्त महसूस होती है थकान और कमजोरी? एक्सपर्ट से जानें कौन से विटामिन की कमी से शरीर हो रहा है बेदम

हर वक्त थकान महसूस कर रहे हैं? विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन B12 की कमी इसका मुख्य कारण हो सकती है। लेडी हार्डिंग अस्पताल के डॉ. एल.एच. घोटेकर बताते हैं कि यह ऊर्जा उत्पादन प्रभावित करती है। शाकाहारियों में आम। संतुलित डाइट, सप्लीमेंट्स और जीवनशैली बदलाव से राहत पाएं। अनदेखी न करें, जांच करवाएं।

By Pinki Negi

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग बिना ज्यादा काम किए भी पूरे दिन थकान महसूस करते हैं। सुबह उठते ही सुस्ती छा जाना, काम में मन न लगना, चक्कर आना, मांसपेशियों में दर्द और फोकस करने में दिक्कत जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। कई बार सीढ़ियां चढ़ते वक्त सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना या आंखों के सामने अंधेरा छा जाना भी इसका हिस्सा बन जाता है।

अगर ये लक्षण लंबे समय से बने हुए हैं, तो इसे सिर्फ नींद की कमी या तनाव समझकर नजरअंदाज न करें। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका मुख्य कारण शरीर में जरूरी विटामिन्स, खासकर विटामिन B12 की कमी हो सकती है।

एक्सपर्ट की राय: विटामिन B12 का महत्व

लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर एंड HOD डॉ. एल.एच. घोटेकर बताते हैं कि विटामिन B12 थकान दूर करने में सबसे महत्वपूर्ण विटामिन है। यह रेड ब्लड सेल्स (लाल रक्त कोशिकाओं) के निर्माण में मदद करता है और नर्वस सिस्टम को सुचारू रखता है। कमी होने पर व्यक्ति को लगातार कमजोरी, चक्कर और थकान महसूस होती है।

डॉ. घोटेकर के अनुसार, यह विटामिन शरीर में ऊर्जा उत्पादन प्रक्रिया को सपोर्ट करता है। इसकी कमी से ऑक्सीजन सप्लाई प्रभावित होती है, जिससे मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है और व्यक्ति जल्दी थक जाता है। अगर आप भी हर वक्त बेदम महसूस कर रहे हैं, तो ब्लड टेस्ट से B12 लेवल जरूर चेक करवाएं।

कारण: कमी क्यों होती है?

विटामिन B12 की कमी शाकाहारियों में ज्यादा पाई जाती है, क्योंकि यह मुख्य रूप से नॉन-वेज फूड्स जैसे मछली, मांस, अंडे, दूध और दही में मिलता है। शाकाहारियों के लिए फोर्टिफाइड अनाज या दूध अच्छा विकल्प हैं। पाचन संबंधी बीमारियां जैसे क्रोहन या इंट्रिंसिक फैक्टर की कमी भी अवशोषण रोकती हैं। अन्य विटामिन्स भी भूमिका निभाते हैं। विटामिन D की कमी मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी लाती है, जो धूप की कमी से होती है। विटामिन C और E की कमी इम्यूनिटी व एंटीऑक्सीडेंट प्रोटेक्शन घटाती है।

उपचार: आहार और सप्लीमेंट्स

उपचार सरल है। संतुलित डाइट अपनाएं: रोजाना दूध, पनीर, हरी सब्जियां और फल शामिल करें। डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स या इंजेक्शन लें। डॉ. घोटेकर जोर देते हैं कि बिना जांच सप्लीमेंट्स न लें, वरना साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। जीवनशैली में बदलाव जरूरी: 7-8 घंटे नींद लें, योग या वॉक करें, स्क्रीन टाइम कम करें और तनाव प्रबंधन के लिए मेडिटेशन अपनाएं। ज्यादा पानी पिएं और प्रोसेस्ड फूड कम करें।

चेतावनी: जोखिम और सलाह

एक्सपर्ट चेताते हैं कि अनदेखी करने पर एनीमिया, नर्व डैमेज या डिप्रेशन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। अगर लक्षण बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सही पोषण से आप एनर्जेटिक रह सकते हैं।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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