
देश में एलपीजी गैस सिलेंडर की कथित शॉर्टेज की अफवाहों के बीच स्कैमर्स ने आम जनता को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। जहां सरकार पर्याप्त स्टॉक का भरोसा दिला रही है, वहीं ठग सस्ते सिलेंडर बुकिंग के फर्जी ऑफर भेजकर लोगों के बैंक अकाउंट खाली कर रहे हैं। हाल के दिनों में अमर उजाला और पंजाब केसरी जैसे अखबारों ने इस खतरे को उजागर किया है, जिसमें साइबर ठगों ने SMS, व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया के जरिए हजारों को चूना लगाया।
‘लिमिटेड टाइम ऑफर’ का जाल
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि स्कैमर्स को “लिमिटेड टाइम ऑफर” जैसे शब्द बहुत पसंद हैं। ये तीन शब्द देखते ही लोग जल्दबाजी में आ जाते हैं और बिना सोचे फर्जी लिंक पर क्लिक कर लेते हैं। विशेष रूप से एलपीजी जैसी जरूरी सेवा के साथ ये ट्रिक ज्यादा घातक साबित हो रही है, क्योंकि हर घर में गैस सिलेंडर की डिमांड रहती है। साइबरडॉस्ट I4C ने चेतावनी दी है कि “तुरंत बुक करें वरना सिलेंडर नहीं मिलेगा” जैसे मैसेज सबसे खतरनाक हैं। इनके जरिए ठग OTP चुराते हैं और खाते से पैसे उड़ा लेते हैं।
स्कैम की आसान पहचान
स्कैम की पहचान करना अब आसान हो गया है। अगर कोई मैसेज आता है जिसमें आपको “चुना हुआ ग्राहक” बताया जाए या रियायती दर पर सिलेंडर का वादा किया जाए, तो सावधान! स्कैमर्स अक्सर लिमिटेड स्टॉक का डर दिखाते हैं या नकली अप्रूवल लेटर भेजते हैं, जिसमें रिफंडेबल फीस मांगते हैं। BPCL, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल जैसी तेल कंपनियां कभी अनजान लिंक या QR कोड नहीं भेजतीं।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ये फ्रॉड गैस क्राइसिस की अफवाहों का फायदा उठा रहे हैं, जो मार्च 2026 से तेज हुए हैं। हालिया केस में एक मेरठ निवासी को 50,000 रुपये का चूना लग गया, जब उसने फर्जी व्हाट्सऐप लिंक पर क्लिक किया।
सुरक्षित बुकिंग के आसान तरीके
बचाव के लिए सबसे पहला नियम: कभी अनजान नंबर से आए लिंक पर न क्लिक करें। असली बुकिंग के तरीके सरल हैं- इंडेन के लिए 8454955555 पर मिस्ड कॉल दें, भारत गैस के लिए 7710955555 या SMS से “REFILL” 7588888824 पर भेजें। व्हाट्सऐप, ऐप या mylpg.in जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म ही इस्तेमाल करें। सब्सिडी चेक pmuy.gov.in/mylpg.html से करें और OTP या आधार कभी शेयर न करें। शक हो तो 1930 पर साइबर हेल्पलाइन कॉल करें।
आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा
सरकार ने साफ कहा है कि LPG डीलरशिप या तेल कंपनियां फर्जी ऑफर नहीं चलातीं। मंत्रालय के आधिकारिक X हैंडल और mylpg.in से ही अपडेट लें। इस फ्रॉड से लाखों प्रभावित हो चुके हैं, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। नागरिक सतर्क रहें, ताकि रोजमर्रा की जरूरत स्कैम का शिकार न बने।









