
हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2026 और फोर्ब्स की ताजा रिपोर्ट्स ने एक बार फिर साबित कर दिया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी भारत और एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। उनकी नेटवर्थ में 9 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया, जो लगभग 99.7 से 105 बिलियन डॉलर के बीच पहुंच गई है। दूसरी ओर, अडानी ग्रुप के संस्थापक गौतम अडानी की संपत्ति में करीब 14 प्रतिशत की गिरावट आई, जो 63.8 से 92 बिलियन डॉलर के दायरे में सिमट गई। यह बदलाव शेयर बाजार की उतार-चढ़ाव, एनर्जी सेक्टर की चुनौतियों और वैश्विक आर्थिक मंदी का परिणाम है।
अंबानी-अडानी की जंग में बदलाव
अंबानी का दबदबा रिलायंस की विविधतापूर्ण बिजनेस मॉडल पर टिका है, जिसमें टेलीकॉम (जियो), रिटेल, रिफाइनिंग और अब ग्रीन एनर्जी शामिल हैं। हुरुन रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अरबपतियों की संख्या 308 तक पहुंच गई, जिसमें 57 नए नाम जुड़े। यह आंकड़ा अमेरिका और चीन के बाद तीसरा सबसे बड़ा है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। अंबानी की संपत्ति में स्थिरता का राज उनकी स्ट्रैटेजिक डाइवर्सिफिकेशन है- जियो प्लेटफॉर्म्स और रिलायंस रिटेल ने महामारी के बाद डिजिटल और कंज्यूमर ग्रोथ से फायदा उठाया।
वहीं, अडानी को इंफ्रास्ट्रक्चर और कमोडिटी प्रोजेक्ट्स में रेगुलेटरी हर्डल्स व हरे एनर्जी ट्रांजिशन की वजह से नुकसान झेलना पड़ा। बजट 2026 के बाद शेयरों में गिरावट ने उनकी नेटवर्थ को 3.5 बिलियन डॉलर तक घटा दिया।
टॉप 10 अरबपतियों की पूरी सूची
शीर्ष 10 सूची में सावित्री जिंदल (ओपी जिंदल ग्रुप) तीसरे स्थान पर 39.1 बिलियन डॉलर के साथ भारत की सबसे अमीर महिला हैं, जिनकी स्टील इंडस्ट्री ने मजबूत प्रदर्शन किया। चौथे नंबर पर शिव नादर (एचसीएल टेक्नोलॉजीज) 30.9 बिलियन डॉलर के साथ आईटी सेक्टर की ताकत दिखाते हैं। लक्ष्मी मित्तल (आर्सेलरमित्तल) ने 31 बिलियन डॉलर के साथ 61 प्रतिशत की जबरदस्त ग्रोथ हासिल की, जो स्टील की वैश्विक डिमांड से प्रेरित है।
साइरस पूनावाला (सीरम इंस्टीट्यूट) 27 बिलियन डॉलर पर छठे स्थान पर हैं, जिनकी वैक्सीन बिजनेस ने 44 प्रतिशत उछाल दिया। दिलीप सांघवी (सन फार्मा) 25.6 बिलियन डॉलर के साथ फार्मा का झंडा बुलंद किये हुए हैं। कुमार मंगलम बिरला (अदित्य बिरला ग्रुप) ने 21.1 बिलियन डॉलर जोड़कर 22 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की। राधाकिशन दमानी (डीमार्ट) 15.7 बिलियन डॉलर पर नौवें और उदय कोटक (कोटक महिंद्रा बैंक) 14.4 बिलियन डॉलर के साथ दसवें पायदान पर हैं।
उभरते सेक्टर और भविष्य की संभावनाएं
2026 के मुख्य बदलावों में हेल्थकेयर, एनर्जी और इंडस्ट्रियल सेक्टरों का उभार दिखा। फार्मा और वैक्सीन में पूनावाला-सांघवी की जोड़ी ने महामारी के बाद की डिमांड का फायदा उठाया, जबकि स्टील किंग्स जिंदल-मित्तल ने ग्लोबल रिकवरी से लाभ लिया। अंबानी vs अडानी की जंग में अंबानी ‘बिजनेस किंग’ बने रहे, क्योंकि उनकी संपत्ति उतार-चढ़ाव के बावजूद स्थिर रही।
भारत के अरबपति क्लब का विस्तार आर्थिक सुधारों, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया का नतीजा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में ग्रीन एनर्जी और टेक इनोवेशन नए चेहरे लाएंगे। क्या ये महा-अरबपति भारत को ग्लोबल वेल्थ सुपरपावर बनाएंगे? समय ही बताएगा।









