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UPI New Rules: 10 हजार से ऊपर के पेमेंट पर लगेगा 1 घंटे का ‘ब्रेक’! RBI ला रहा 5 धांसू फीचर्स, बदल जाएगा पैसे भेजने का तरीका

RBI ने डिजिटल फ्रॉड रोकने को 5-पॉइंट सेफ्टी प्लान लॉन्च किया, जिसमें 10,000 रुपये से ऊपर UPI पेमेंट पर 1 घंटे का कूलिंग पीरियड जरूरी। किल स्विच से एक क्लिक पर सभी ट्रांजेक्शन बंद, वरिष्ठों के लिए ट्रस्टेड वेरिफिकेशन, म्यूल अकाउंट लिमिट और मल्टी-लेयर 2FA शामिल। 2025 के 28 लाख फ्रॉड्स के बाद ये कदम आम यूजर की सेफ्टी बढ़ाएंगे, हालांकि इंस्टेंट पेमेंट धीमा होगा। 8 मई तक सुझाव मांगे गए।

By Pinki Negi

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देश में डिजिटल पेमेंट्स का क्रेज चरम पर है, लेकिन साइबर फ्रॉड की मार भी कम नहीं हो रही। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इस खतरे से निपटने के लिए 5-पॉइंट सेफ्टी प्लान पेश किया है, जो UPI, IMPS, कार्ड्स और नेट बैंकिंग को अभूतपूर्व सुरक्षा देगा। अभी ये नियम प्रस्तावित हैं और 8 मई तक जनता से सुझाव मांगे गए हैं, लेकिन लागू होते ही पैसे भेजने का तरीका बदल जाएगा। खास बात, 10 हजार रुपये से ऊपर के हर ट्रांजेक्शन पर 1 घंटे का ‘कूलिंग पीरियड’ लगेगा, जिससे फ्रॉडर्स की सांसें फूल जाएंगी।

फ्रॉड का बढ़ता खतरा

नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 में 28 लाख से ज्यादा डिजिटल फ्रॉड केस दर्ज हुए। इनमें औसतन 22,931 रुपये प्रति केस की चपत लगी, और 98% मामलों में 10 हजार से ऊपर की रकम लॉन्चपॉइंट रही। ठग फोन कॉल्स, फर्जी ऐप्स और सोशल इंजीनियरिंग से लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। RBI अब डिजिटल इंडिया को सिक्योर इंडिया बनाने पर जोर दे रहा है। ये प्लान न सिर्फ यूजर्स को बचाएगा, बल्कि बैंकों पर भी जिम्मेदारी बढ़ाएगा।

5 मास्टर सेफ्टी फीचर्स

पहला धमाका है किल स्विच। अगर आपको फ्रॉड का शक हो, तो एक क्लिक से UPI, कार्ड्स, वॉलेट और नेट बैंकिंग सब बंद! ये इमरजेंसी ब्रेक सिस्टम 24×7 काम करेगा, बिना बैंक फोन किए।

दूसरा, 1 घंटे का ब्रेक। 10,000 रुपये से ज्यादा के P2P ट्रांजेक्शन पर पैसा आपके अकाउंट से कटेगा, लेकिन रिसीवर को 60 मिनट बाद ही मिलेगा। इस दौरान बैंक को सूचना देकर कैंसल करा सकते हैं। इंस्टेंट पेमेंट थोड़ा धीमा होगा, लेकिन गलत ट्रांजेक्शन की भरपाई आसान। उदाहरण लें, अगर कोई ठग लिंक भेजकर पैसे उड़ा ले, तो 1 घंटे में रिकवर हो जाएंगे।

तीसरा, वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा। 70 साल से ऊपर के यूजर्स के 50,000 रुपये से ऊपर ट्रांजेक्शन पर ‘ट्रस्टेड पर्सन’ की वेरिफिकेशन जरूरी। परिवार का कोई सदस्य OTP या कॉल से कन्फर्म करेगा, सोशल इंजीनियरिंग फ्रॉड रुकेगा।

चौथा, म्यूल अकाउंट्स पर नजर। फर्जी खातों में अचानक बड़ी क्रेडिट पर सालाना लिमिट फिक्स। ज्यादा पैसा आया तो ‘शैडो क्रेडिट’ में लॉक, सोर्स प्रूफ मांगा जाएगा। इससे मनी लॉन्ड्रिंग और फ्रॉड चेन टूटेगी।

पांचवां, मल्टी-लेयर ऑथेंटिकेशन। OTP अकेला काफी नहीं। हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन पर बायोमेट्रिक्स, PIN या डिवाइस चेक अनिवार्य। नए डिवाइस से पेमेंट पर एक्स्ट्रा अलर्ट आएगा। AI रीयल-टाइम मॉनिटरिंग से सस्पिशियस एक्टिविटी ब्लॉक।

आम आदमी पर असर

ये बदलाव रोजमर्रा के छोटे ट्रांजेक्शन (10 हजार से नीचे) को बिल्कुल अप्रभावित रखेंगे। हाई-वैल्यू पेमेंट्स में थोड़ी देरी आएगी, लेकिन फ्रॉड लॉस 50% तक कम हो सकता है। बैंकों को ऑटो-अलर्ट्स और एजुकेशनल होल्ड लागू करने होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ये स्टेप्स UPI को और मजबूत बनाएंगे, जो पहले ही 10 लाख करोड़ मासिक ट्रांजेक्शन हैंडल कर रहा। RBI के डिप्टी गवर्नर ने कहा, “सुरक्षा के बिना प्रगति अधूरी है।” मई के बाद स्टेज्ड रोलआउट शुरू हो सकता है। यूजर्स, तैयार रहें- आपका पैसा अब और सेफ!

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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