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Dragon Fruit Farming: कम खर्च में लाखों की कमाई! ड्रैगन फ्रूट की खेती पर सरकार दे रही 40% सब्सिडी, जानें कैसे उठाएं फायदा

ड्रैगन फ्रूट की खेती कम खर्च में लाखों की कमाई का राज़ खोल रही है। सरकार 40% सब्सिडी दे रही है, जिससे मेरठ जैसे क्षेत्रों में गन्ना छोड़कर किसान लाखों कमा रहे। 20-25 साल फल देने वाली यह फसल कम पानी-रखरखाव वाली है। एक एकड़ से 5-8 लाख सालाना लाभ, बाजार भाव 35-150 रुपये/किलो। आवेदन जल्द करें!

By Pinki Negi

Dragon Fruit Farming: कम खर्च में लाखों की कमाई! ड्रैगन फ्रूट की खेती पर सरकार दे रही 40% सब्सिडी, जानें कैसे उठाएं फायदा

खेती-किसानी के बदलते दौर में पारंपरिक फसलों के मुकाबले हाई-वैल्यू फ्रूट्स पर दांव लगाना ज्यादा फायदेमंद साबित हो रहा है। इसी कड़ी में ड्रैगन फ्रूट यानी कमलम की खेती आज किसानों के लिए लग्जरी बिजनेस बन चुकी है। कम पानी और बंजर जमीन में भी सोना उगलने वाली इस फसल पर केंद्र व राज्य सरकारें 40% तक भारी सब्सिडी दे रही हैं, जिससे शुरुआती निवेश आधा रह जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मेरठ के किसान भी इसे अपना रहे हैं, जहां बाजार की बंपर मांग से सालाना लाखों का मुनाफा हो रहा है।

खेती की बदलती तस्वीर

यह कैक्टस प्रजाति का पौधा कम रखरखाव वाला है। एक बार लगाने पर 20-25 साल तक फल देता रहता है, और इसके कांटों से जानवरों का कोई डर नहीं। बीमारियां कम लगती हैं, इसलिए कीटनाशकों का खर्च न के बराबर। गर्मी सहने की जबरदस्त क्षमता के कारण सूखा प्रभावित इलाकों के लिए बेस्ट।

मिट्टी का पीएच 5.5-7 और रेतीली दोमट जमीन उपयुक्त। जुलाई-नवंबर में रोपण करें तो दूसरे साल से पैदावार शुरू, तीसरे-चौथे साल पीक पर। ड्रिप इरिगेशन और गोबर-वर्मीकम्पोस्ट से ग्रोथ तेज। एक एकड़ में 2000 पौधे लगते हैं, 75% जगह इंटरक्रॉपिंग के लिए बचती है।

सरकारी सब्सिडी का बड़ा सहारा

शुरुआती निवेश 5-8 लाख रुपये प्रति एकड़ लगता है- खंभे, ड्रिप सिस्टम, पौधे आदि पर। लेकिन राष्ट्रीय बागवानी मिशन व राज्य योजनाओं से 40-80% सब्सिडी मिलती है। बिहार में ड्रैगन फ्रूट विकास योजना से 3 लाख तक (कुल लागत 7.5 लाख पर 40%) तीन किस्तों में DBT से। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री औद्यानिक विकास योजना में 1.62 लाख/हेक्टेयर, उत्तराखंड में 80% (8 लाख पर 6.4 लाख)। मेरठ जैसे क्षेत्रों में योगी सरकार के औद्यान मिशन से अनुदान व ट्रेनिंग। आवेदन स्थानीय उद्यान विभाग या DBT पोर्टल पर। इससे छोटे किसान भी हाई-टेक फार्मिंग में कूद पड़े।

कमाई का सुनहरा ग्राफ

कमाई का ग्राफ हमेशा ऊपर। प्रति पौधा 4-6 फलन (जुलाई-नवंबर), वजन 200-500 ग्राम/फल। बाजार भाव 35-150 रुपये/किलो। एक एकड़ से 50-80 टन पैदावार, सारे खर्च काटकर 5-8 लाख सालाना शुद्ध लाभ। मेरठ के सचिन चौधरी जैसे किसान गन्ना छोड़कर 5वें साल 8 लाख कमा रहे। दिल्ली-गाजीपुर मंडी में बंपर डिमांड। हेल्थ बेनिफिट्स- एंटीऑक्सीडेंट्स, वजन घटाने- से एक्सपोर्ट पोटेंशियल। PAU जैसी संस्थाओं से मुफ्त ट्रेनिंग लें।

किसानों के लिए गेम-चेंजर

मेरठ जैसे उत्तर भारत के किसानों के लिए ड्रैगन फ्रूट गेम-चेंजर। कम मेहनत, परमानेंट इनकम। जल्द आवेदन कर तैयारी शुरू करें, वरना मौका हाथ से निकल जाएगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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