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BH सीरीज नंबर के लिए अब सरकारी नौकरी जरूरी नहीं! प्राइवेट कर्मचारियों के लिए खुले दरवाजे; देखें नये नियम

केंद्र सरकार ने BH (Bharat Series) नंबर प्लेट इसलिए शुरू की ताकि नौकरी के कारण अलग‑अलग राज्यों में शिफ्ट होने वाले लोगों को दोबारा रजिस्ट्रेशन और टैक्स भरने की झंझट से छुटकारा मिल सके। अब सिर्फ़ सरकारी कर्मचारियों तक नहीं, बल्कि प्राइवेट सेक्टर के ट्रांसफरेबल कर्मचारी भी इसका लाभ उठा सकते हैं।

By Pinki Negi

Bh Series Number Plate Can Private Employees Apply Now Check Eligibility Rules

भारत में नौकरी के सिलसिले में एक राज्य से दूसरे राज्य में शिफ्ट होने वाले लोगों के लिए गाड़ी का नंबर प्लेट अब कम परेशानी भरा होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने BH (Bharat Series) नंबर प्लेट की शुरुआत कर कार, स्कूटर और दूसरे वाहनों को “पोर्टेबल रजिस्ट्रेशन” की सुविधा दी थी, जिससे अलग‑अलग राज्यों में ट्रांसफर होने पर दोबारा RTO में खड़े होकर रोड टैक्स भरने या नया नंबर लेने की झंझट टल जाए।

पहले यह सुविधा मुख्य रूप से सरकारी कर्मचारियों, प्रशासनिक सेवाओं और रक्षा बलों तक सीमित थी, लेकिन 2021 में नियमों में बदलाव के बाद प्राइवेट सेक्टर के ट्रांसफरेबल कर्मचारी भी इस खास BH सीरीज का फायदा उठा सकते हैं।

BH सीरीज का मुख्य फायदा

BH सीरीज का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह नंबर पूरे भारत में मान्य माना जाता है। जब आप काम के कारण दिल्ली से लेकर मुंबई, बेंगलुरु या चेन्नई तक कहीं भी शिफ्ट होते हैं, तो आपको वहां की RTO में नया रजिस्ट्रेशन कराने या दोबारा टैक्स भरने की जरूरत नहीं पड़ती। न ही आपको ‘दूसरे राज्य की गाड़ी’ कहकर ट्रैफिक पुलिस से झेलना पड़ता है, न ही पुराने राज्य से टैक्स रिफंड लेने की लंबी कागजी कार्रवाई करनी होती है। यह व्यवस्था खासकर उन युवाओं के लिए राहत भरी है, जिनकी नौकरी बार‑बार एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर होने वाली होती है।

प्राइवेट कर्मचारियों के लिए शर्तें

इसके लिए सरकार ने कुछ साफ‑साफ शर्तें भी तय की हैं। प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारी के लिए सबसे पहली शर्त यह है कि उनकी कंपनी के ऑफिस या ब्रांच कम से कम चार राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में हों। यानी ऐसी मल्टी‑स्टेट कंपनियां, जैसे बड़े बैंक, e‑commerce हाउस, टेलीकॉम कंपनियां या बड़ी फिनटेक कंपनियां, जिनके ऑपरेशन पूरे देश में फैले हुए हैं, उनके कर्मचारी आसानी से इस शर्त को पूरा कर सकते हैं।

इसके साथ ही कर्मचारी को अपनी कंपनी से एक फॉर्म‑60 जारी करवाना जरूरी है, जो प्रमाणित करे कि वह वास्तव में एक एम्प्लॉय है और उसकी नौकरी की प्रकृति ट्रांसफरेबल रूप से “मल्टी‑स्टेट” गतिविधियों से जुड़ी है।

रोड टैक्स और प्रक्रिया में आसानी

BH सीरीज में रोड टैक्स का गणित भी सामान्य नंबर प्लेट से काफी अलग है। आम तौर पर एक राज्य में वाहन रजिस्टर कराते समय 15 साल का रोड टैक्स एक साथ भरना होता था, जिससे पहले ही बड़ा फाइनेंशियल बोझ आता था। BH सीरीज में इस जटिलता को कम किया गया है और अब आपको हर दो साल में टैक्स भरना होता है, जिससे नकदी का भार कम होता है और प्लानिंग भी आसान हो जाती है। ज्यादातर राज्यों में पूरी प्रक्रिया वाहन पोर्टल पर ऑनलाइन होती है, जिससे आपको RTO के चक्कर काटने की जरूरत बहुत कम रह जाती है।

पुरानी गाड़ियों के लिए भी नई राह

एक और अच्छी बात यह है कि कुछ शर्तों के साथ अब पुरानी गाड़ियों के सामान्य नंबर को भी BH सीरीज में बदला जा सकता है। यानी आपकी पहले से रजिस्टर की हुई कार या बाइक को भी नए नियम के तहत “भारत‑वाइड” नंबर पर अपग्रेड करना संभव है, बशर्ते आप NOC और रोड टैक्स से जुड़ी शर्तें पूरी करें। इससे विशेषकर उन लोगों को फायदा मिलता है, जो एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने वाले हैं और अपनी पुरानी गाड़ी को बेचने की बजाय “भारत‑वाइड” नंबर पर अपग्रेड करना चाहते हैं।

आवेदन कैसे करें और क्या दस्तावेज़ चाहिए?

अगर आप ऊपर बताई गई शर्तों को पूरा करते हैं, तो BH सीरीज नंबर के लिए आवेदन करना अब बेहद आसान है। आवेदन से पहले आपके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, और अपनी कंपनी द्वारा जारी किया गया फॉर्म‑60 होना जरूरी है। साथ ही आवेदन के समय अपनी कंपनी का सही ऑफिस एड्रेस और GST नंबर दर्ज करना चाहिए, ताकि वेरिफिकेशन में कोई दिक्कत न आए। अगर आपकी नौकरी में ट्रांसफर की संभावना अधिक है और आप लंबे समय तक देश भर में घूमते रहने वाले हैं, तो BH सीरीज चुनना आपके लिए न केवल समय‑बचाऊ बल्कि पैसे की दृष्टि से भी सबसे समझदारी भरा फैसला साबित हो सकता है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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