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Health Tips: अगर आपकी उम्र भी है 30 के पार, तो शरीर में दिखने वाले इन 3 इशारों को न करें इग्नोर; वरना पछताएंगे

30 की उम्र पार करते ही मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ता है, मसल मास कम होता है और थकान-ब्लड प्रेशर जैसे खतरे मंडराने लगते हैं। विशेषज्ञ चेताते हैं, इन्हें नजरअंदाज करने से हृदय रोग व डायबिटीज पनप सकती हैं। सही डाइट, व्यायाम व चेकअप से जोखिम कम करें। जागरूक रहें, स्वस्थ रहें।

By Pinki Negi

Health Tips: अगर आपकी उम्र भी है 30 के पार, तो शरीर में दिखने वाले इन 3 इशारों को न करें इग्नोर; वरना पछताएंगे

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में 30 साल की दहलीज पार करते ही शरीर चुपचाप बदलाव की ओर बढ़ने लगता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस उम्र के बाद मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ना, मसल मास की कमी और लगातार थकान जैसे इशारे आम हैं, लेकिन इन्हें हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।

पहले वाली जानकारी में हमने मसल स्ट्रेंथ घटना, थकान और पोस्चर बिगड़ने पर चर्चा की थी, वहीं अब उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, हड्डियों की कमजोरी व लीवर-किडनी की दिक्कतें भी जोड़ लें तो तस्वीर साफ हो जाती है। ये बदलाव लाइफस्टाइल की लापरवाही से तेजी पकड़ते हैं और हृदय रोग, स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों का रास्ता बना देते हैं।

मेटाबॉलिज्म में बदलाव

30 की उम्र के बाद हार्मोनल शिफ्ट और सेडेंटरी आदतें मेटाबॉलिज्म को 3-5 प्रतिशत सालाना धीमा कर देती हैं। नतीजा? वजन अनियंत्रित होना शुरू। पुरुषों में पेट की चर्बी बढ़ती है, महिलाओं में हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं।

उच्च रक्तचाप का खतरा

उच्च रक्तचाप का खतरा सबसे पहले मंडराता है। लंबे समय तक अनियंत्रित बीपी हृदय को नुकसान पहुंचाता है, स्ट्रोक का जोखिम दोगुना हो जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सालाना चेकअप अनिवार्य करें, नमक कम करें और 30 मिनट पैदल चलें।

डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल

डायबिटीज का खतरा भी काल पर वैसा ही है। गलत खानपान से टाइप-2 का प्रकोप बढ़ता है, खासकर उत्तर भारत में जहां तला-भुना खाना आम है। ब्लड शुगर नियमित जांचें, फाइबर युक्त आहार अपनाएं जैसे ओट्स, हरी सब्जियां। कोलेस्ट्रॉल लेवल में LDL का उछाल धमनियों में ब्लॉकेज पैदा करता है, जो हार्ट अटैक की दस्तक है। तेल-मसाले घटाएं, बादाम-मछली शामिल करें।

हड्डियां और अंगों की सेहत

हड्डियों का स्वास्थ्य चिंता का विषय है। कैल्शियम-विटामिन D की कमी से ऑस्टियोपोरोसिस की नींव पड़ती है। सूर्य स्नान, दूध-सब्जियां लें। लीवर-किडनी फंक्शन की अनदेखी घातक है; शराब-अधिक चीनी से ये अंग कमजोर होते हैं।

थकान का राज

थकान महसूस होना ‘ओल्ड बॉडी सिंड्रोम’ का संकेत हो सकता है, जो मसल लॉस से जुड़ा है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और 7-8 घंटे नींद से इसे काबू करें।

बचाव के उपाय

स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेताते हैं कि 30 के बाद सही खानपान, व्यायाम और चेकअप ही बचाव हैं। योग, प्राणायाम और संतुलित डाइट से 50 की उम्र में भी जोश बरकरार रखें। जागरूकता ही पहला कदम है। अगर ये इशारे दिखें तो डॉक्टर से संपर्क करें।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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