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NPS स्वास्थ्या: पेंशन के साथ अब इलाज की भी टेंशन खत्म! PFRDA की नई स्कीम में मिलेंगे ये बेमिसाल फायदे

PFRDA की नई 'NPS स्वास्थ्या' योजना रिटायरमेंट को सुरक्षित बनाती है। यह NPS को हेल्थ कवर से जोड़ती है, जहां 70% फंड पेंशन और 30% मेडिकल पूल के लिए। बुढ़ापे में OPD-IPD खर्च आसानी से निकालें। मेडी असिस्ट ऐप से क्लेम तुरंत। 9.64 करोड़ सब्सक्राइबर्स के लिए वरदान, 2026 में 14% बढ़ते मेडिकल खर्चों पर कंट्रोल। सभी नागरिकों के लिए खुली।

By Pinki Negi

NPS स्वास्थ्या: पेंशन के साथ अब इलाज की भी टेंशन खत्म! PFRDA की नई स्कीम में मिलेंगे ये बेमिसाल फायदे

रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी में सबसे बड़ी चिंता होती है पेंशन के साथ-साथ बढ़ते मेडिकल खर्चों का बोझ। इसी समस्या का समाधान लेकर आया है पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA)। हाल ही में लॉन्च हुई ‘NPS स्वास्थ्या’ योजना ने एनपीएस (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) को एक नए आयाम में बदल दिया है। यह नई पहल रिटायरमेंट प्लानिंग को हेल्थ इंश्योरेंस से जोड़ती है, जिससे निवेशक बुढ़ापे में आर्थिक और स्वास्थ्य दोनों मोर्चों पर सुरक्षित रह सकें। अगर आप एनपीएस में निवेश करते हैं, तो यह खबर आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

मल्टी-पार्टनर साझेदारी

PFRDA ने इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में शुरू किया है, जो रेगुलेटरी सैंडबॉक्स के तहत प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC) के रूप में काम कर रही है। यह मल्टी-पार्टनर प्रोजेक्ट है, जिसमें मेडी असिस्ट हेल्थकेयर सर्विसेज टेक्नोलॉजी पार्टनर बनेगी। CAMS KRA अकाउंट ओपनिंग और KYC प्रक्रिया संभालेगा, जबकि टाटा पेंशन फंड और एक्सिस पेंशन फंड फंड मैनेजमेंट की जिम्मेदारी निभाएंगे। आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस टॉप-अप कवर देगा और मेडी असिस्ट TPA क्लेम प्रोसेसिंग करेगा। इस साझेदारी से निवेशकों को फाइनेंशियल सिक्योरिटी के साथ हेल्थ कवर मिलेगा।

मेडिकल खर्चों की चुनौती

देश में मेडिकल खर्चों की रफ्तार चिंताजनक है। PFRDA के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में ये खर्च 11.5 से 14 प्रतिशत सालाना बढ़ सकते हैं, जो महंगाई से कहीं ज्यादा है। लाखों लोग रिटायरमेंट के बाद इस बोझ तले दब जाते हैं। NPS स्वास्थ्या इसी समस्या का जवाब है। सामान्य NPS में फंड रिटायरमेंट तक लॉक रहते हैं, लेकिन यहां सब्सक्राइबर्स अपने योगदान का 25 प्रतिशत तक ‘नेट एलिजिबल बैलेंस’ मेडिकल खर्च के लिए निकाल सकेंगे। गंभीर बीमारियों में यह सीमा 100 प्रतिशत तक हो सकती है। निकासी मेडी असिस्ट के MAven ऐप से आसानी से हो जाएगी, जो CAMS सिस्टम से लिंक है।​

NPS का विस्तार और फंड विभाजन

NPS और APY का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है। मार्च 2026 तक 9.64 करोड़ सब्सक्राइबर्स और 16.55 लाख करोड़ की एसेट्स के साथ यह सिस्टम मजबूत है। योजना में फंड का 70 प्रतिशत हिस्सा नियमित मासिक पेंशन के लिए और 30 प्रतिशत मेडिकल पूल के लिए अलग होगा। इससे डॉक्टर फीस, दवाइयां, OPD-IPD और अस्पताल भर्ती जैसे खर्च कवर होंगे। 40 वर्ष से अधिक उम्र के ग्राहक (सरकारी कर्मचारियों को छोड़कर) 30 प्रतिशत तक फंड ट्रांसफर कर सकेंगे। सभी शुल्क MSF नियमों के तहत होंगे।

भविष्य की संभावनाएं

यह स्वैच्छिक योजना सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुली है। अगर आपके पास पहले से NPS नहीं है, तो कॉमन स्कीम के साथ जोड़ा जा सकता है। PFRDA ने निकासी नियमों में शिथिलता दी है, ताकि पायलट चरण सुचारू चले। निवेश रियल एस्टेट, AIF और गोल्ड ETF तक 5 प्रतिशत तक हो सकेगा, जिससे रिटर्न बढ़ेगा। अस्पतालों को तुरंत पेमेंट से मरीजों को डिस्काउंट मिलेगा। कुल मिलाकर, NPS स्वास्थ्या बुढ़ापे को डर मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि सफल होने पर इसे पूर्ण रूप से लागू किया जा सकता है। 

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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