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LPG Cylinder: सावधान! सिलेंडर लेते समय कभी न भूलें ये 3 ‘गोल्डन रूल्स’, छोटी सी चूक पड़ सकती है भारी

पश्चिम एशिया संकट के बीच बीपीसीएल ने सिलेंडर लेते समय वजन चेक, लीकेज जांच और कैश मेमो वेरिफाई करने की सलाह दी। जल्दबाजी में चूक से हादसे या ठगी हो सकती है। 2025 में 200+ ब्लास्ट इसी लापरवाही से हुए। जागरूक रहें, परिवार सुरक्षित रखें।

By Pinki Negi

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भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) ने एक्स हैंडल (@BPCLLPG) के माध्यम से सिलेंडर डिलीवरी के समय तीन महत्वपूर्ण सुरक्षा टिप्स साझा किए हैं, जो ग्राहकों को धोखाधड़ी, लीकेज और नुकसान से बचाने में कारगर साबित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डिलीवरी लेते समय इन ‘गोल्डन रूल्स’ का पालन न करने से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि जानलेवा हादसे भी हो सकते हैं। पिछले साल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कई गैस लीक से जुड़े हादसे इसी लापरवाही की वजह से हुए थे।

पहला नियम: सिलेंडर का वजन चेक करें

बीपीसीएल की सलाह के अनुसार, सबसे पहला नियम है सिलेंडर का वजन चेक करना। डिलीवरी बॉय के पहुंचते ही वेट मशीन पर सिलेंडर तौलवाएं। 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर खाली होने पर करीब 16.5 किलो का होता है, जबकि भरा हुआ लगभग 29.5 किलो का होना चाहिए। कई उपभोक्ता जल्दबाजी में इस स्टेप को छोड़ देते हैं, जिससे आधी गैस वाले सिलेंडर घर पहुंच जाते हैं।

मेरीट जैसे शहरों में उपभोक्ता एसोसिएशन ने शिकायत की है कि फर्जी डिलीवरी से सालाना करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है। वजन न चेक करने पर नुकसान तो होता ही है, साथ ही सिलेंडर की गुणवत्ता पर भी सवाल उठते हैं। डिलीवरी एजेंट से वजन स्लिप मांगें और ऐप या एसएमएस से क्रॉस-चेक करें।

दूसरा नियम: गैस लीकेज की जांच

दूसरा अहम नियम है गैस लीकेज की जांच। सिलेंडर लेने से ठीक पहले हल्की गंध या हिस्स-हिस्स की आवाज पर अलर्ट रहें। रेगुलेटर लगाने से पूर्व साबुन के पानी से जॉइंट्स चेक करें- अगर बुलबुले बनें, तो सिलेंडर न लें। गैस लीक से आगजनी का खतरा 90 प्रतिशत मामलों में इसी चूक से बढ़ता है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में देशभर में 200 से ज्यादा गैस ब्लास्ट हुए, जिनमें अधिकांश डिलीवरी के दौरान हुई लापरवाही जिम्मेदार थी। अगर संदेह हो, तो तुरंत एजेंसी को सूचित करें और सिलेंडर को बाहर हवादार जगह शिफ्ट करें। आईएसआई मार्क वाले रेगुलेटर और होज ही इस्तेमाल करें, क्योंकि नकली पार्ट्स लीक का प्रमुख कारण हैं।

तीसरा नियम: कैश मेमो चेक करें

तीसरा गोल्डन रूल है कैश मेमो के अनुसार ही पेमेंट। डिलीवरी पर मिलने वाली रसीद को ध्यान से पढ़ें- सिलेंडर का सीरियल नंबर, वजन, कीमत और टैक्स सब चेक करें। बिना बिल देखे पैसे न दें, क्योंकि ओवरचार्जिंग आम शिकायत है। डिजिटल पेमेंट के इस दौर में भी नकद लेन-देन में ठगी होती है। उपभोक्ता संरक्षण एक्ट के तहत रसीद अनिवार्य है, और इसे न देने पर एजेंसी पर जुर्माना लग सकता है। बीपीसीएल ने सलाह दी है कि पीएमयूजवान या उज्ज्वला योजना के लाभार्थी सब्सिडी स्टेटस भी वेरिफाई करें।

अतिरिक्त सुरक्षा उपाय

ये नियम न केवल डिलीवरी के समय, बल्कि स्टोरेज में भी लागू होते हैं। सिलेंडर को सीधा रखें, धूप-बारिश से दूर, और घर में सिर्फ दो ही रखें। नियमित सर्विसिंग से हादसे 70 प्रतिशत तक कम हो सकते हैं। ऑयल कंपनियां भरोसा दिला रही हैं कि सप्लाई चेन मजबूत है, ऐसे में ग्राहक पैनिक बुकिंग से बचें। जागरूक उपभोक्ता ही सुरक्षित रहता है- इन टिप्स को अपनाकर आपका परिवार सुरक्षित रहेगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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