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ट्रेन यात्रियों के लिए जरूरी खबर! अब कोच में लाउड म्यूजिक बजाया तो खैर नहीं, रेलवे ने लागू किया सख्त नियम और जुर्माना

रेलवे ने रात 10 बजे के बाद कोचों में तेज म्यूजिक, लाउडस्पीकर या चिल्लाने पर सख्ती शुरू की। धारा 145 के तहत ₹500-1000 जुर्माना या 6 माह जेल। रेल मदद ऐप/139 पर शिकायत करें। चेन्नई में 115 केस। यात्रियों की मिश्रित प्रतिक्रिया, लेकिन शांत सफर का लक्ष्य। हेडफोन यूज करें!

By Pinki Negi

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लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है। रात के समय कोचों में तेज आवाज में गाना बजाना, मोबाइल पर लाउडस्पीकर से बात करना या रील्स देखना अब महंगा पड़ सकता है। रेलवे ने यात्रियों की शांति और आराम सुनिश्चित करने के लिए सख्त नियम लागू कर दिए हैं, जिसमें उल्लंघन पर भारी जुर्माना और यहां तक कि जेल की सजा भी शामिल है। यह नियम खासकर रात 10 बजे के बाद प्रभावी है, जब ज्यादातर यात्री सोने की कोशिश करते हैं।

सख्त नियमों का आधार

भारतीय रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 145 के तहत ट्रेन कोच में अनावश्यक शोर मचाना ‘उपद्रव’ की श्रेणी में आता है। अगर कोई यात्री स्पीकर पर तेज संगीत चलाता है, फोन को लाउड मोड में रखकर बात करता है या चिल्लाता है, तो उसे तुरंत पकड़ा जा सकता है। पहली बार में ₹500 से ₹1000 तक का जुर्माना वसूला जाएगा, जबकि बार-बार उल्लंघन या गंभीर मामलों में कोर्ट में केस दर्ज हो सकता है।

कोर्ट से अधिकतम ₹500 का जुर्माना और 6 महीने की कैद हो सकती है। हालांकि, 10 साल से कम उम्र के बच्चों को इससे छूट दी गई है। चेन्नई रेलवे डिवीजन में पिछले साल 115 से ज्यादा मामलों में कार्रवाई हो चुकी है, जो इसकी सख्ती का सबूत है।

शिकायत का आसान तरीका

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, दिन में हल्की बातचीत या सामान्य शोर स्वीकार्य है, लेकिन रात में यह यात्रियों की नींद खराब कर विवाद पैदा करता है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) को रात में गश्त बढ़ाने के साफ निर्देश हैं। ट्रेन टिकट इंस्पेक्टर (टीटीआई) भी सतर्क रहते हैं। अगर कोई यात्री परेशान होता है, तो उसे झगड़े में पड़ने की बजाय तुरंत शिकायत करनी चाहिए।

सुविधा के लिए रेल मदद ऐप डाउनलोड करें या 139 नंबर पर कॉल करें। ऐप से शिकायत दर्ज होते ही लोकेशन के साथ संबंधित स्टाफ को अलर्ट मिल जाता है, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव होती है।

यात्रियों की प्रतिक्रियाएं

यात्रियों की प्रतिक्रिया मिली-जुली है। मुंबई से कोलकाता जा रही शालिनी सिंह ने कहा, “अंततः नींद पूरी होगी, अच्छा कदम है।” वहीं, युवा यात्री राहुल कुमार का मानना है, “सख्ती से पहले पोस्टर और जागरूकता अभियान चलाना चाहिए था।” रेलवे का उद्देश्य दंड नहीं, बल्कि शांत माहौल बनाना है। अधिकारी बताते हैं कि कोविड के बाद ट्रेनों में भीड़ बढ़ी है, ऐसे में छोटी-छोटी बातों से झगड़े आम हो गए थे। अब हेडफोन का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया है, लाइटें 10 बजे के बाद बंद रखने को कहा गया है।

भविष्य की उम्मीदें

रेलवे ने सोशल मीडिया पर भी जागरूकता कैंपेन शुरू किया है, जहां वीडियो के जरिए नियम बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नियम न केवल आराम देगा, बल्कि महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा भी बढ़ाएगा। यात्रियों से अपील है- सहयात्रियों का सम्मान करें, हेडफोन यूज करें और शिकायत का सहारा लें। आने वाले दिनों में उल्लंघनों पर और सख्ती की उम्मीद है। सुरक्षित और शांत यात्रा के लिए नियमों का पालन करें।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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