
डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान को अपडेट करने वालों के लिए गूगल ने Gmail में एक क्रांतिकारी बदलाव की घोषणा कर दी है। अब यूजर्स अपने ईमेल आईडी के यूजरनेम, यानी @gmail.com से पहले वाले हिस्से को आसानी से बदल सकेंगे। यह सुविधा, जो 22 साल पुराने Gmail के इतिहास में पहली बार आ रही है, अमेरिका में शुरू हो चुकी है और भारत समेत एशिया के देशों में आने वाले हफ्तों में रोलआउट होने की पूरी उम्मीद है। लंबे समय से चली आ रही यूजर्स की मांग को पूरा करते हुए यह फीचर नई पीढ़ी के प्रोफेशनल्स के लिए वरदान साबित होगा।
Gmail का इतिहास बदलने वाला अपडेट
Gmail की शुरुआत 1 अप्रैल 2004 को हुई थी, जब सुंदर पिचाई जैसे दिग्गज अभी कंपनी के शुरुआती दिनों में थे। तब से लेकर अब तक लाखों यूजर्स ने बचपन की जल्दबाजी या मजाक में चुने गए अजीबोगरीब यूजरनेम के साथ जीना सहना सीख लिया था। जैसे-जैसे करियर आगे बढ़ा, ये नाम प्रोफेशनल दुनिया में हंसी का कारण बन जाते। नया अकाउंट बनाना मतलब पुराने ईमेल, फोटोज, ड्राइव फाइल्स और सब्सक्रिप्शन्स को दोबारा सेटअप करना। लेकिन अब सब बदल गया।
गूगल ने आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट में पुष्टि की है कि यूजरनेम बदलने पर पुराना ईमेल वैकल्पिक एड्रेस के रूप में एक्टिव रहेगा। इससे कोई जरूरी मेल मिस नहीं होगा और सभी Google सर्विसेज जैसे Drive, Photos, YouTube सब सुरक्षित रहेंगे।
अमेरिका से भारत तक चरणबद्ध रोलआउट
यह फीचर अमेरिका के सभी Google अकाउंट यूजर्स के लिए उपलब्ध हो चुका है। कंपनी चरणबद्ध तरीके से इसे वैश्विक स्तर पर फैला रही है, जिसमें भारत प्रमुख बाजार है। भारतीय यूजर्स, जो Gmail के सबसे बड़े इस्तेमालकर्ता समूहों में शुमार हैं, खासकर उत्साहित हैं। प्रोफेशनल्स, स्टूडेंट्स और छोटे बिजनेसमैन अब अपनी डिजिटल पहचान को जॉब साइट्स, लिंक्डइन या क्लाइंट कम्युनिकेशन के लिए परफेक्ट बना सकेंगे। उदाहरण के लिए, अगर आपका पुराना यूजरनेम ‘funnyboy123@gmail.com’ है, तो इसे ‘yourname.professional@gmail.com’ में बदल सकते हैं, बशर्ते वह उपलब्ध हो।
यूजरनेम बदलने की आसान प्रक्रिया और सीमाएं
यूजरनेम बदलने की प्रक्रिया बेहद सरल रखी गई है। Google Account की सेटिंग्स में ‘Personal Info’ सेक्शन में जाकर ‘Email’ विकल्प चुनें। वहां ‘Change Google Account email’ बटन दिखेगा। नया यूजरनेम डालें, उपलब्धता चेक करें और कन्फर्म करें। बस दो मिनट में काम हो जाएगा। हालांकि, कुछ सीमाएं हैं- साल में सिर्फ एक बार और कुल तीन बार ही बदलाव संभव। नया नाम Gmail के नियमों (कोई अपशब्द न हो) का पालन करेगा। भारत में रोलआउट की टाइमलाइन स्पष्ट नहीं है, लेकिन US के बाद एशिया सबसे पहले होगा।
डिजिटल पहचान को नया रूप
यह अपडेट Gmail को और यूजर-फ्रेंडली बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे यूजर रिटेंशन बढ़ेगा और नई जनरेशन गूगल से और जुड़ेगी। सुंदर पिचाई ने ट्विटर पर इसे ‘यूजर्स की सुनने वाली कंपनी’ बताते हुए खुशी जताई। भारतीय बाजार में जहां डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जोरों पर है, यह फीचर समय पर आया है। फिलहाल, यूजर्स को सलाह है कि वे सेटिंग्स चेक करते रहें। क्या आपका यूजरनेम बदलने का मन है? कमेंट में बताएं!









