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EV Sales Record: मार्च में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रिकॉर्ड बिक्री! उद्योग ने बताया- क्यों बढ़ रही है ईवी की डिमांड

मार्च 2026 में भारत के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार ने नया इतिहास रचा, जब इलेक्ट्रिक कार और दोपहिया वाहनों की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई। उद्योग ने इसे बेहतर प्रोडक्ट, बढ़ती जागरूकता और सरकारी सब्सिडी योजनाओं के चलते मजबूत मांग का नतीजा बताया है, न कि सिर्फ ईंधन डर का।

By Pinki Negi

EV Sales Record: मार्च में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रिकॉर्ड बिक्री! उद्योग ने बताया- क्यों बढ़ रही है ईवी की डिमांड

मार्च 2026 में भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार एक नए रिकॉर्ड के साथ बंद हुआ, जहां इलेक्ट्रिक कारों और दोपहिया वाहनों की बिक्री एक महीने के लिए अब तक के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गई। सरकार के VAHAN पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 21,528 यूनिट्स दर्ज की गई, जो फरवरी के 13,733 यूनिट्स से लगभग 56.8 प्रतिशत अधिक है।

इसी तरह इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री भी 70.9 प्रतिशत बढ़कर 1,90,941 यूनिट्स तक पहुँच गई, जो बीते महीने के 1,11,709 यूनिट्स के मुकाबले एक व्यापक उछाल है। इन आंकड़ों ने खुद इशारा कर दिया कि EV बाजार अब सिर्फ निचले सेगमेंट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इलेक्ट्रिक कारों के लिए भी शहरी और मिड‑इनकम खरीदारों का फ्लो बहुत तेज हो गया है।

ईंधन संकट या मजबूत डिमांड?

उद्योग खुद स्पष्ट कर रहा है कि यह उछाल ज़्यादा तरह से “ईंधन संकट” से बचने की कोशिश से ज़्यादा मजबूत मांग, बेहतर प्रोडक्ट और कीमत- कार्यक्षमता (value proposition) का नतीजा है। ऑटो विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च का उतार‑चढ़ाव वित्त वर्ष के अंत में इकट्ठा हुई डिमांड का नतीजा है, न कि सिर्फ तात्कालिक चिंता का असर। इसके पीछे अहम भूमिका नई EV- सब्सिडी नीतियों, फाइनेंसिंग योजनाओं और नए मॉडल्स की लॉन्चिंग की है, जिन्होंने बायर को “अभी खरीदो, वरना बाद में महंगा पड़ेगा” वाली मानसिकता से निकालकर प्रैक्टिकल लॉन्ग‑टर्म प्लानिंग की दिशा में धकेला है।

फाइनेंशियल ईयर 2026 में EV मार्केट का प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2026 (अप्रैल 2025-मार्च 2026) में इलेक्ट्रिक कारों की कुल बिक्री 1,87,549 यूनिट्स रही, जबकि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 13,92,787 यूनिट्स तक पहुँच गई, जो गत वर्ष के आंकड़ों के मुकाबले लगभग 60- 70% की हाई सालाना वृद्धि को दर्शाता है। साल की आखिरी तिमाही (जनवरी-मार्च) में सबसे ज़्यादा बिक्री हुई- इलेक्ट्रिक कारों की 53,731 यूनिट्स और इलेक्ट्रिक दोपहिया की 4,25,462 यूनिट्स बिकीं, जिसने FY26 को ऐतिहासिक तरीके से बंद करने में अहम योगदान दिया।

इन्हीं आंकड़ों पर नज़र रखकर ट्रेड एनालिस्ट मान रहे हैं कि अब EV बाजार ने शुरुआती “ट्रायल फेज़” पार कर लिया है और शहरी मार्केट में इसे नॉर्मल ऑटोमोबाइल चॉइस की तरह स्वीकार किया जा रहा है।

मार्च की खास भूमिका और नए मॉडल्स का असर

मार्च ने FY26 की कुल EV बिक्री में बड़ा हिस्सा अपने नाम किया। इस महीने इलेक्ट्रिक कारों की सालाना बिक्री में लगभग 11.5 प्रतिशत और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में लगभग 13.7 प्रतिशत हिस्सेदारी रही, जो यह दिखाती है कि ऑटो कंपनियों ने फाइनेंशियल ईयर‑एंड पर खास तरह की डिस्काउंट‑कंबीनेशन, ऑन‑रोड ऑफर और फाइनेंसिंग पैकेज लाकर बायर को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। विशेषज्ञों की नज़र में नए मॉडल्स ने बाजार को बड़ा बढ़ावा दिया- मारुति सुजुकी की e VitaraMahindra XEV 9S और टाटा Punch.ev जैसी कारें ने ग्राहकों को आकर्षित किया, जिससे ईवी सेगमेंट में विकल्पों की चौड़ाई बढ़ी और ब्रांड‑लॉयल्टी भी बनी।

दोपहिया सेगमेंट में भी टीवीएस, बजाज, एथर और अन्य कंपनियों की नई बैटरी‑पैक वाली EV स्कूटर और बाइक्स ने ई- फ्लीट ऑपरेटर्स और रिक्शा चलाने वालों को जल्दी स्विच करने पर मजबूर किया।

सरकारी नीतियां और आगे की रफ्तार

सरकारी नीतियों ने EV बाजार में तेज़ी लाने में भी बड़ी भूमिका निभाई। भारी उद्योग मंत्रालय ने PM E‑DRIVE Scheme के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए सब्सिडी की समय‑सीमा 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है, जिससे बाजार को और स्थिर समर्थन मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा GST रेट में छूट, लोकल बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने वाली PLI‑स्टाइल योजनाएँ और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को देशभर के लिए व्यवहार्य विकल्प बनाने में योगदान दिया है।

विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ती जागरूकता, नए उत्पाद और सरकारी समर्थन के बलबूते EV बाजार की ग्रोथ आगे भी जारी रह सकती है, हालांकि ईंधन कीमतों और वैश्विक परिस्थितियों का असर धीरे‑धीरे दिखने लग सकता है। फिलहाल यह साफ है कि बाजार की तेजी मुख्य रूप से मजबूत डिमांड और बेहतर प्रोडक्ट ऑफरिंग पर टिकी है, न कि सिर्फ ईंधन‑डर पर।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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