
निवेश के तरीकों में आए बदलाव के बीच फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी सुरक्षित रिटर्न का सबसे भरोसेमंद जरिया बना हुआ है। कोरोना महामारी के बाद जहां डीमेट अकाउंट्स रिकॉर्ड स्तर पर खुले, वहीं शेयर बाजार और कमोडिटी में उतार-चढ़ाव के डर से लाखों निवेशक FD की ओर लौट रहे हैं। बाजार की अनिश्चितताओं से दूर FD निश्चित समय पर गारंटीड रिटर्न देता है, खासकर सीनियर सिटिजन्स के लिए जो अतिरिक्त ब्याज का लाभ उठा रहे हैं। अप्रैल 2026 तक कई बैंक 3 साल की FD पर 8% से ज्यादा ब्याज ऑफर कर रहे हैं, जिसमें स्मॉल फाइनेंस बैंकों का दबदबा साफ दिख रहा है।
स्मॉल फाइनेंस बैंकों का दबदबा
स्मॉल फाइनेंस बैंकों ने बड़े कमर्शियल बैंकों को पछाड़ते हुए निवेशकों को आकर्षित करने का नया रास्ता अख्तियार किया है। ये बैंक सीनियर सिटिजन्स को सामान्य ग्राहकों से 0.50% से 0.75% ज्यादा ब्याज देकर अपनी ओर खींच रहे हैं। उदाहरण के तौर पर उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक 3 करोड़ रुपये तक की FD पर 2 से 3 साल की अवधि में वरिष्ठ नागरिकों को 8% ब्याज दे रहा है।
वहीं जना स्मॉल फाइनेंस बैंक 375 से 400 दिनों की FD पर भी 8% का आकर्षक रिटर्न ऑफर कर रहा है, जो सामान्य ग्राहकों के लिए भी उपलब्ध है। सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक इस दौड़ में सबसे आगे है, जहां 30 महीने की FD पर सीनियर सिटिजन्स को 8.25% और 5 साल की FD पर 8.05% ब्याज मिल रहा है। ये दरें 29 मार्च 2026 से लागू नई नीतियों के तहत हैं।
बड़े बैंकों की स्थिति
दूसरी ओर बड़े सरकारी और प्राइवेट बैंकों की स्थिति कुछ अलग है। सुरक्षा और व्यापक नेटवर्क के कारण निवेशक अभी भी एसबीआई, HDFC और ICICI जैसे दिग्गजों पर भरोसा करते हैं, लेकिन उनकी ब्याज दरें अपेक्षाकृत कम हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) 2 से 3 साल की FD पर सीनियर सिटिजन्स को 6.90% ब्याज दे रहा है। HDFC बैंक 2 साल 11 महीने से 3 साल की अवधि में 6.95% ऑफर कर रहा है, जबकि ICICI बैंक भी इसी स्तर पर 6.95% ब्याज प्रदान कर रहा है।
कोटक महिंद्रा बैंक थोड़ा बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, जहां 2 से 3 साल की FD पर 7.20% रिटर्न मिल रहा है। एक्सिस बैंक 6.95%, PNB 6.80% और केनरा बैंक 6.85% ब्याज दे रहे हैं। मार्च 2026 में इन बैंकों ने दरों में मामूली बदलाव किया, लेकिन 8% का आंकड़ा पार नहीं कर पाए।
FD के फायदे
FD को निवेश का बेस्ट ऑप्शन बनाने वाली खासियतें इसे शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से अलग करती हैं। यहां पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है, DICGC द्वारा 5 लाख रुपये तक गारंटी मिलती है। निवेशक मासिक, तिमाही या वार्षिक ब्याज चुन सकते हैं, जो घरेलू खर्चों में सहायक होता है। जरूरत पड़ने पर पेनल्टी देकर FD समय से पहले तोड़ भी सकते हैं। हालांकि स्मॉल फाइनेंस बैंकों में ज्यादा रिटर्न के साथ जोखिम भी जुड़ा है, इसलिए निवेश से पहले बैंक की वित्तीय स्थिति जांचें। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ज्यादा रिटर्न चाहें तो स्मॉल बैंक चुनें, लेकिन सुरक्षा प्राथमिकता हो तो सरकारी बैंक बेहतर।
निवेशकों के लिए ये समय FD में पैसा लगाने का सुनहरा मौका है, लेकिन दरें बदलती रहती हैं। बैंक वेबसाइट्स पर लेटेस्ट अपडेट चेक करें और टैक्स प्रभाव (TDS) का ध्यान रखें। सुरक्षित भविष्य के लिए स्मार्ट चॉइस जरूरी है।









