
महाराष्ट्र सरकार की फ्लैगशिप योजना मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन ने लाखों महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का वादा किया था, लेकिन अब पारदर्शिता के नाम पर सख्ती ने 68 लाख लाभार्थियों को परेशान कर दिया है। राज्य में कुल 2.43 करोड़ पंजीकृत महिलाओं में से करीब 68 लाख के खाते e-KYC पूरी न करने के कारण अचानक बंद हो गए हैं। अब सक्रिय लाभार्थियों की संख्या घटकर महज 1.75 करोड़ रह गई है, जिससे योजना का दायरा काफी सिकुड़ गया है।
खाते बंद होने की पृष्ठभूमि
यह योजना, जो जून 2024 में शुरू हुई, 21 से 60 वर्ष की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर माह 1500 रुपये की सीधी सहायता प्रदान करती है। रोजमर्रा के खर्चों से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक, यह राशि लाखों परिवारों का सहारा बनी हुई है। लेकिन सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि अपात्र लोग, जैसे पुरुष लाभार्थी, सरकारी कर्मचारी या दोहरी एंट्री वाले नाम, योजना का दुरुपयोग कर रहे थे। जांच में ऐसी गड़बड़ियां सामने आईं, जिसके बाद आधार-आधारित e-KYC को अनिवार्य कर दिया गया। समय पर प्रक्रिया न पूरी करने वालों के खाते निष्क्रिय कर दिए गए।
e-KYC डेडलाइन में राहत
सरकार ने महिलाओं को राहत देते हुए e-KYC की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। पहले 31 मार्च 2026 तय थी, लेकिन अब 30 अप्रैल 2026 तक मौका है। इस दौरान बंद खाते चालू हो सकते हैं, बशर्ते लाभार्थी आधिकारिक पोर्टल पर सत्यापन पूरा करें। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम योजना की विश्वसनीयता बढ़ाएगा, लेकिन ग्रामीण इलाकों में डिजिटल साक्षरता की कमी से कई पात्र महिलाएं वंचित हो रही हैं।
सरल e-KYC प्रक्रिया
e-KYC प्रक्रिया बेहद सरल है और घर बैठे मोबाइल से की जा सकती है। सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ladakibahin.maharashtra.gov.in/ekyc पर जाएं। यहां 12 अंकों का आधार नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें। ‘सहमति दें और OTP भेजें’ पर क्लिक करने के बाद आधार से लिंक्ड मोबाइल पर OTP आएगा। उसे भरते ही सत्यापन पूरा हो जाएगा और स्टेटस ‘Completed’ दिखेगा। जरूरी है कि बैंक खाता महिला के नाम पर हो, आधार से जुड़ा हो और मोबाइल नंबर सक्रिय रहे। किसी भी एजेंट या फीस वाले झांसे में न फंसें। हेल्पलाइन 1800-120-8040 पर संपर्क करें।
लंबित किस्तों पर अनिश्चितता
उधर, फरवरी-मार्च 2026 की लंबित किस्तों पर भी अनिश्चितता बनी हुई है। e-KYC जांच, प्रशासनिक ऑडिट और चुनावी आचार संहिता के चलते ये रुक गईं। अनौपचारिक खबरें हैं कि 15 अप्रैल से पहले 3000 रुपये (दोनों महीनों की संयुक्त राशि) जारी हो सकती है, लेकिन आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। लाभार्थी महिलाओं ने सोशल मीडिया पर चिंता जताई है कि समय पर किस्त न मिलने से घरेलू बजट बिगड़ रहा है।
महिलाओं की अपील
योजना महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है, लेकिन e-KYC जैसे तकनीकी कदमों से लाखों को बाहर न होने पाएं, यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। 30 अप्रैल तक कार्रवाई करें, वरना स्थायी बहाली मुश्किल हो सकती है। महाराष्ट्र की बहनें अब सतर्क हो चुकी हैं—आखिर यह उनके आत्मनिर्भरता का सवाल है।









