
इनकम टैक्स विभाग ने टैक्सपेयर्स की लंबे समय से चली आ रही परेशानियों को हमेशा के लिए अलविदा कहते हुए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। ‘कर साथी’ नामक AI आधारित चैटबॉट के लॉन्च के साथ अब इन-हैंड सैलरी कैलकुलेशन से लेकर टैक्स रिटर्न फाइलिंग तक हर काम घर बैठे मिनटों में हो जाएगा। यह नया टूल नए ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ के तहत 1 अप्रैल 2026 से लागू नियमों को सरल बनाने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे आम आदमी को दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
कर साथी की ताकत और सरलीकरण
विभाग की नई वेबसाइट 2.0 पर उपलब्ध यह 24×7 चैटबॉट मशीन लर्निंग की ताकत से लैस है। टैक्सपेयर हिंदी या अंग्रेजी में सवाल पूछें, तो यह तुरंत सटीक जवाब देता है- चाहे सैलरी ब्रेकअप हो, डिडक्शन्स की गणना हो या पुरानी-नई टैक्स रिजीम की तुलना। CBDT चेयरमैन रवि अग्रवाल ने कहा, “कर साथी प्रत्यक्ष कर भरने की पूरी यात्रा को सुगम बनाएगा।” अब नियमों की संख्या 510 से घटकर 333 और फॉर्म्स 399 से 190 रह गए हैं, जिससे प्रक्रिया पहले से आधी सरल हो गई।
प्रारंभ 2026: जागरूकता का राष्ट्रव्यापी अभियान
इस पहल को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने ‘प्रारंभ 2026’ (PRARAMBH) अभियान शुरू किया है, जिसका पूरा नाम ‘पॉलिसी रिफॉर्म एंड रिस्पॉन्सिबल एक्शन फॉर मिशन विकसित भारत’ है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 19-20 मार्च को लॉन्च यह राष्ट्रव्यापी कैंपेन टीवी, रेडियो, प्रिंट और सोशल मीडिया के जरिए जागरूकता फैला रहा है। 10 क्षेत्रीय भाषाओं में ब्रोशर, ट्यूटोरियल वीडियो और गाइड उपलब्ध हैं, ताकि ग्रामीण टैक्सपेयर्स भी फायदा उठा सकें।
वेबसाइट 2.0 की नई सुविधाएं
नई वेबसाइट तेज नेविगेशन, मोबाइल-अनुकूल डिजाइन और एकीकृत डैशबोर्ड के साथ आती है। यहां ITR मूल्यांकन, रिफंड स्टेटस और ई-सत्यापन सब एक जगह दिखता है। FY 2025-26 के नए स्लैब में 12 लाख तक जीरो टैक्स (सेक्शन 87A), बढ़ी TDS सीमाएं और अपडेटेड रिटर्न के लिए ज्यादा समय जैसे बदलाव हैं। विभाग पूरे देश में 300+ ट्रेनिंग सेशन आयोजित कर रहा है, जहां अधिकारी फीडबैक लेंगे।
डिजिटल इंडिया का नया अध्याय
यह बदलाव डिजिटल इंडिया के विजन को साकार करता है। पहले टैक्स फाइलिंग में देरी और भ्रम आम था, लेकिन अब ‘कर साथी’ से छोटे सवालों का तुरंत हल मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कलेक्शन बढ़ेगा और अनुपालन आसान होगा। टैक्सपेयर्स को सलाह: आज ही पोर्टल पर लॉगिन करें और फायदा उठाएं। ‘नागरिक देवो भव’ की भावना से विभाग आगे बढ़ रहा है।









