
देश में एलपीजी सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता के बीच साइबर अपराधियों ने एक खतरनाक ऑनलाइन स्कैम का जाल बिछा दिया है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के CyberDost हैंडल ने ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए लोगों को सतर्क किया है। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण LPG आयात पर दबाव बढ़ा है, जिसका फायदा उठाकर ठग गैस सिलेंडर की कथित कमी की अफवाहें फैला रहे हैं। फर्जी मैसेज के जरिए वे लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं, और यह स्कैम इतनी सफाई से चल रहा है कि आम उपभोक्ता असली और नकली में फर्क नहीं कर पा रहे।
I4C की आधिकारिक चेतावनी
I4C ने अपनी आधिकारिक एक्स पोस्ट में चेतावनी दी, “Fake LPG booking scams से सतर्क रहें। Urgent booking, discount offers या panic messages के माध्यम से scammers लोगों को trap कर रहे हैं- fake links, apps और QR codes के जरिए payment और personal details चुरा ली जा रही हैं।” यह अलर्ट मार्च 2026 में जारी हुआ, जब देशभर से सैकड़ों शिकायतें मिलने लगीं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि LPG की कोई कमी नहीं है, लेकिन ठग डर और जल्दबाजी का फायदा उठा रहे हैं। हाल के दिनों में 6,000 से ज्यादा छापों में 11,000 सिलेंडर जब्त हो चुके हैं, जो जमाखोरी रोकने की कार्रवाई का हिस्सा हैं।
Fake LPG booking scams से सतर्क रहें।
— CyberDost I4C (@Cyberdost) March 31, 2026
Urgent booking, discount offers या panic messages के माध्यम से scammers लोगों को trap कर रहे हैं – fake links, apps और QR codes के ज़रिए उनसे payment और personal details ली जा रही हैं।#LPGScamAlert #OnlineFraud #CyberSafetyIndia #ScamAware pic.twitter.com/l4UUEhIlo4
स्कैम का जाल कैसे फैल रहा है?
स्कैमर्स SMS, WhatsApp, Telegram और सोशल मीडिया पर मैसेज बमबारी कर रहे हैं। इनमें लिखा होता है, “गैस खत्म! तुरंत बुक न करें तो सिलेंडर नहीं मिलेगा” या “स्पेशल डिस्काउंट पर बुकिंग करें”। मैसेज में एक लिंक, QR कोड या ‘Gas Bill Update APK’ जैसी फाइल होती है, जो बिल्कुल आधिकारिक वेबसाइट (जैसे lpggas.in) जैसी नकली साइट पर ले जाती है।
यूजर क्लिक करता है तो OTP, ATM PIN, CVV या UPI डिटेल्स मांग ली जाती हैं। कुछ सेकंडों में बैंक अकाउंट से पैसे उड़ जाते हैं। उदाहरण के लिए, ललितपुर पुलिस ने हाल ही में ऐसे फर्जी LPG बुकिंग मैसेज की चेतावनी दी। ठग KYC अपडेट या कनेक्शन कटने की धमकी भी दे रहे हैं।
एक क्लिक में बर्बादी
फर्जी APK डाउनलोड करने पर फोन हैक हो जाता है, जिससे न सिर्फ बैंक डिटेल्स चोरी होती हैं बल्कि डेटा भी लीक हो जाता है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, ठग मिडिल ईस्ट संकट का हवाला देकर पैनिक क्रिएट करते हैं। अमर उजाला ने बताया कि इंटरनेट पर हजारों फेक ऐप और हेल्पलाइन नंबर सक्रिय हैं। पिछले हफ्ते ही दर्जनों मामले सामने आए, जहां लोग एडवांस पेमेंट के नाम पर लुट गए। I4C के अनुसार, यह स्कैम खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को टारगेट कर रहा है, जो रोजमर्रा में गैस पर निर्भर हैं।
सरकार के सुझाव: ऐसे बचें खतरे से
सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं। LPG बुकिंग सिर्फ MyLPG ऐप, BHIM UPI या Indane, HP Gas, Bharat Gas की आधिकारिक साइट्स से करें। अनजान लिंक, QR कोड या APK से दूर रहें- इन्हें सिर्फ Google Play Store या Apple App Store से डाउनलोड करें। OTP, PIN कभी शेयर न करें। संदिग्ध मैसेज मिले तो 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें। गैस एजेंसी से सीधे संपर्क जोड़ें। थोड़ी सावधानी से आपका पैसा और डेटा सुरक्षित रहेगा।
यह स्कैम न सिर्फ आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है बल्कि डिजिटल विश्वास को भी कमजोर कर रहा है। I4C जैसी एजेंसियां 24×7 निगरानी कर रही हैं, लेकिन जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।









