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प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से हैं परेशान? इस टोल फ्री नंबर पर तुरंत करें शिकायत, मिनटों में होगा समाधान!

नए सत्र के साथ निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि, जबरन यूनिफॉर्म और महंगी किताबें खिलवाने की शिकायतों में तेजी आई है। इसी बीच उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों ने टोल‑फ्री हेल्पलाइन और ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था चालू की है, ताकि अभिभावक फीस, यूनिफॉर्म और अन्य अनुचित नियमों की बात सीधे शिक्षा विभाग तक पहुंचा सकें।

By Pinki Negi

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से हैं परेशान? इस टोल फ्री नंबर पर तुरंत करें शिकायत, मिनटों में होगा समाधान!

देशभर में 01 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित कई राज्यों में सीबीएसई, आईसीएसई और राज्य बोर्ड के स्कूलों में नए छात्रों का दर्जा लग रहा है, लेकिन इसी के साथ अभिभावकों की शिकायतों की धार भी बढ़ रही है। अधिकांश मामलों में शिकायत है कि निजी स्कूल मनमानी फीस वृद्धि कर रहे हैं, सिलेबस से जुड़ी महंगी किताबें और यूनिफॉर्म किसी चुनी‑बुनी दुकान से या खुद स्कूल की कैंटीन/डिपो से ही खरीदने के लिए दबाव डाल रहे हैं।

इन हालातों के बीच विभिन्न राज्य सरकारों और शिक्षा विभागों ने अभिभावकों की राहत के लिए टोल‑फ्री हेल्पलाइन और ऑनलाइन शिकायत‑व्यवस्थाएं शुरू की हैं, ताकि “मनमानी” के खिलाफ आसानी से कार्रवाई की जा सके।

उत्तराखंड: 1800‑180‑4275 पर शिकायत

उत्तराखंड में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने निजी विद्यालयों से जुड़ी विभिन्न शिकायतों के निपटारे के लिए टोल‑फ्री नंबर 1800‑180‑4275 जारी किया है। यह नंबर राज्य के अभिभावकों के लिए सीधा रास्ता है, जहां फीस बढ़ाने, यूनिफॉर्म या किताबों की निश्चित शॉप से खरीद की शर्तें, अन्य अनुचित नियम आदि की शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि इस नंबर पर आने वाली हर शिकायत का निदेशालय स्तर पर मूल्यांकन किया जाएगा और संबंधित जनपद अधिकारियों को निराकरण हेतु भेजा जाएगा।

उत्तर प्रदेश: 1800‑180‑5310 पर शिकायत

उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग की हेल्पलाइन 1800‑180‑5310 पूरे राज्य के अभिभावकों के लिए काम कर रही है। यदि कोई स्कूल बिना स्पष्ट गाइडलाइंस के फीस बढ़ा रहा है, यूनिफॉर्म या सिलेबस‑लिस्ट किसी खास दुकान से ही खरीदने के लिए बाध्य कर रहा है या अन्य तरह से अभिभावकों को दबाव में रख रहा है, तो इस नंबर पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन शिकायतों पर त्वरित निगरानी और जांच की जाती है, ताकि अतिरिक्त आर्थिक बोझ और अनावश्यक शर्तें बच्चों के खिलाफ न हों।

राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली की हेल्पलाइन

राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में सरकार ने एक ही हेल्पलाइन नंबर 181 निजी स्कूलों की शिकायत के लिए उपयोग करने की व्यवस्था रखी है। अभिभावक यहां फीस बढ़ाने, यूनिफॉर्म और टेक्स्टबुक की शर्तों, अन्य अनुचित नियमों की शिकायतें कर सकते हैं। दिल्ली में शिक्षा विभाग ने 1800‑11‑6888 नंबर जारी किया है, जहां अभिभावक नए सत्र में बढ़ती फीस, जबरन ड्रेस‑किट या महंगी किताबों की बात की शिकायत कर सकते हैं। दिल्ली सरकार के यहां ऑनलाइन भी एक शिकायत‑पोर्टल चल रहा है, जिससे कागजी दस्तावेजों की फोटो अपलोड करके शिकायत ज्यादा जल्दी निपटती है।

अन्य राज्यों की टोल‑फ्री व्यवस्था

हरियाणा में अभिभावक 1800‑180‑4179 नंबर पर संपर्क करके निजी स्कूलों की फीस और यूनिफॉर्म‑संबंधी शिकायत दर्ज कर सकते हैं, जबकि बिहार में शिक्षा विभाग की हेल्पलाइन 1800‑345‑4444 और महाराष्ट्र में 1800‑233‑7955 नंबर इसी तरह की शिकायतों के लिए उपलब्ध है। कई राज्यों में सीएम हेल्पलाइन या जनसुनवाई पोर्टल के जरिए भी शिकायत की सुविधा है, जहां अभिभावक ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपनी बात रिकॉर्ड कर सकते हैं।

कानूनी और प्राक्टिकल सलाह अभिभावकों के लिए

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी स्कूल को इस बात की अनुमति नहीं है कि वह अभिभावकों को किसी निश्चित दुकान से यूनिफॉर्म या किताबें खरीदने के लिए बाध्य करे; यह शैक्षणिक नियमों के अनुरूप नहीं है। इसलिए अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि वे फीस रसीद, स्कूल के नोटिस, यूनिफॉर्म‑लिस्ट, किताबों की लिस्ट आदि सभी दस्तावेजों की कॉपी या फोटो सुरक्षित रखें, ताकि शिकायत करते समय ठोस प्रमाण उपलब्ध हों। यदि हेल्पलाइन या ऑनलाइन शिकायतों से भी समाधान नहीं मिले, तो विशेष परिस्थितियों में अभिभावक उपभोक्ता फोरम या लोक अदालत में भी जाकर अपनी बात रख सकते हैं।

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Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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