
भारत भर में मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वायरल संदेश के बाद लोगों में अफरा–तफरी का माहौल बन गया। एक PDF फाइल और फोटोशॉप किए गए दस्तावेज के जरिए दावा किया जा रहा था कि ईरान–अमेरिका तनाव को देखते हुए भारत में “वॉर लॉकडाउन” या “युद्ध लॉकडाउन” लगाने की तैयारी चल रही है और लोगों को 24 घंटे घर में रहने के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
इस वायरल संदेश में फर्जी नोटिफिकेशन जारी करने वाले विभाग का नाम, लोगो और फॉर्मेट इतना वास्तविक दिखाया गया था कि कई लोग इसे वही आधिकारिक सरकारी आदेश समझकर दहशत में आ गए। हालांकि जांच और सरकारी स्रोतों की पुष्टि के बाद यह साफ हो गया है कि भारत में फिलहाल किसी भी तरह का नया लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है और जो “वॉर लॉकडाउन नोटिस” वायरल हो रहा है, वह पूरी तरह से फर्जी और मजाक के तौर पर बनाया गया दस्तावेज है।
अप्रैल फूल्स प्रैंक से बनी भ्रमित जानकारी
सोशल मीडिया पर जो PDF फाइल व्हाट्सएप, टेलीग्राम और न्यूज फीड पर तेजी से शेयर की जा रही है, उसे शुरुआती नजर में ही असली सरकारी नोटिस लगती है। इसमें आशोक चक्र और कुछ मंत्रालयों के लोगो शामिल कर दिए गए हैं, जिससे लोग भ्रमित हो जाते हैं। लेकिन जब यूजर्स इस PDF को पूरी तरह से खोलकर अंत तक पढ़ते हैं, तो सामने आता है कि दस्तावेज के अंत में बड़े अक्षरों में “April Fool!” लिखा हुआ है, साथ ही कुछ इमोजी भी दिखाई देती हैं।
इससे यह साफ हो जाता है कि यह पूरे कार्यक्रम एक अप्रैल फूल्स प्रैंक है, जिसे मजाक में बनाकर शेयर किया गया, लेकिन भरपूर संख्या में लोगों ने इसे वायरल कर दिया और बिना जांच किए यह दावा थोप दिया कि सरकार ने देश में लॉकडाउन की घोषणा कर दी है।
मध्य पूर्व तनाव से जोड़कर फैलाई गई अफवाह
इस वायरल अफवाह के पीछे बड़ा कारण मध्य पूर्व में चल रहे अमेरिका–ईरान/इजरायल–ईरान तनाव से जुड़ी चिंताएं हैं, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन की आपूर्ति को लेकर डर फैलाया गया। कुछ अभियानों ने पुराने कोविड–19 लॉकडाउन के अनुभवों को फिर से हवा देते हुए लोगों को डराने की कोशिश की और इस तरह की असत्यापित खबरों को भरपूर री–शेयर मिला। हालांकि, सरकारी स्तर पर ऐसी कोई चेतावनी या रिस्ट्रिक्शन प्लान नहीं चल रहा है और देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी कोई आपात स्थिति घोषित नहीं की गई है।
सरकार और मंत्रियों ने किया खंडन
केंद्रीय स्तर पर भी इस अफवाह के खिलाफ तुरंत सफाई दी गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आधिकारिक रूप से इन दावों को नकारा है। उन्होंने साफ किया है कि भारत में लॉकडाउन या “वार लॉकडाउन” लगाने का कोई प्रस्ताव या योजना नहीं है और देश की ऊर्जा आपूर्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों ही स्थिर और सुरक्षित हैं। PIB फैक्ट चेक ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे सनसनीखेज या असत्यापित खबरों पर भरोसा न करें और किसी भी अहम निर्णय के लिए केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों, प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो और विश्वसनीय न्यूज पोर्टलों की रिपोर्ट को ही विश्वसनीय मानें।
लॉकडाउन की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं
विशेषज्ञों और न्यूज एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में फिलहाल सभी नियमित गतिविधियां- स्कूल–कॉलेज, कार्यालय, बाजार, बस–रेल यातायात और व्यापार- पूरी तरह सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। किसी भी राज्य या केंद्र सरकार ने आपातकालीन तौर पर लॉकडाउन या घर में रहने के लिए कोई आदेश जारी नहीं किया है।
इस तरह की अफवाहें अक्सर तब फैलती हैं जब वैश्विक या क्षेत्रीय तनाव की खबरों के साथ स्थानीय चिंताओं को जोड़कर भ्रामक दस्तावेज तैयार किए जाते हैं। इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि सोशल मीडिया पर आने वाली ऐसी अतिरंजित या डर जगाने वाली खबरों को तुरंत शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर की जाए, आधिकारिक स्रोतों से तुलना की जाए और अपने दोस्तों–परिवार को भी भ्रमित न किया जाए।









