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Airtel Payments Bank पर RBI का बड़ा एक्शन! ठोंका ₹31.8 लाख का जुर्माना, जानें आखिर क्या हुई गलती?

आरबीआई ने एयरटेल पेमेंट्स बैंक पर ₹31.8 लाख का जुर्माना लगाया। वित्त वर्ष 2024-25 के लेखा-जोखा में ग्राहक शिकायतों का खुलासा न करने की लापरवाही पाई गई। कानूनी ऑडिट के बाद नोटिस और सुनवाई हुई। ग्राहकों पर कोई असर नहीं। यह वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने का कदम है।

By Pinki Negi

Airtel Payments Bank पर RBI का बड़ा एक्शन! ठोंका ₹31.8 लाख का जुर्माना, जानें आखिर क्या हुई गलती?

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को एयरटेल पेमेंट्स बैंक पर वित्तीय नियमों के उल्लंघन के लिए ₹31.8 लाख का सख्त जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई बैंक के लेखा-जोखा और वित्तीय खुलासे से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं के कारण की गई। आरबीआई ने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल नियामक दिशानिर्देशों की अवहेलना को दंडित करने के लिए है, न कि बैंक या उसके ग्राहकों के किसी लेनदेन की वैधता पर सवाल उठाने के लिए।

कानूनी ऑडिट में खुलासा

आरबीआई ने 31 मार्च 2025 तक एयरटेल पेमेंट्स बैंक की वित्तीय स्थिति का सांविधिक ऑडिट किया था। इस जांच में पाया गया कि बैंक ने वित्त वर्ष 2024-25 के अपने वार्षिक वित्तीय विवरणों में ग्राहकों की कुछ शिकायतों का खुलासा नहीं किया। यह कमी बैंकिंग विनियमन अधिनियम की धारा 47A(1)(c) का स्पष्ट उल्लंघन थी। ऑडिट रिपोर्ट के बाद आरबीआई ने बैंक को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया और सुनवाई का मौका दिया।

बैंक ने अपनी दलीलें पेश कीं, लेकिन आरबीआई की समीक्षा टीम ने इन्हें अपर्याप्त पाया। रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्राहक शिकायतों को छिपाने से वित्तीय पारदर्शिता प्रभावित हुई, जो डिजिटल पेमेंट्स सेक्टर के लिए गंभीर खतरा है। एयरटेल पेमेंट्स बैंक, जो भुगतान बैंक के रूप में सीमित बैंकिंग सेवाएं प्रदान करता है, पर यह पहला ऐसा मामला नहीं है। 2018 में भी KYC नियमों के उल्लंघन पर ₹5 करोड़ का जुर्माना लगा था।

ग्राहकों पर कोई असर नहीं

आरबीआई ने जोर देकर कहा कि यह जुर्माना बैंक के संचालन या ग्राहकों के खातों को प्रभावित नहीं करेगा। न तो कोई लेनदेन रद्द होगा और न ही ग्राहक सेवाओं में बाधा आएगी। यह केवल अनुपालन संबंधी चेतावनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल बैंकिंग में बढ़ते लेनदेन के साथ पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है।

एयरटेल पेमेंट्स बैंक ने अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया, लेकिन उद्योग स्रोतों के अनुसार, बैंक नियमों का पालन करने के लिए आंतरिक सुधार कर रहा है। भारत में पेमेंट्स बैंक मॉडल, जो जियो पेमेंट्स और पेटीएम पेमेंट्स बैंक जैसे अन्य खिलाड़ियों को भी शामिल करता है, आरबीआई की कड़ी नजर में है।

बैंकिंग सेक्टर में सख्ती बढ़ी

यह घटना वित्तीय क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की आरबीआई की रणनीति का हिस्सा है। हाल के महीनों में कई बैंकों पर KYC, लोन डिफॉल्ट और डेटा प्राइवेसी उल्लंघनों के लिए जुर्माने लगे हैं। एयरटेल पेमेंट्स बैंक, जो एयरटेल की सहायक कंपनी है, लाखों उपयोगकर्ताओं को मोबाइल बैंकिंग, रिचार्ज और छोटे बचत खाते प्रदान करता है। इस जुर्माने से अन्य संस्थानों को सबक मिलेगा।

आरबीआई गवर्नर की अगुवाई में नियामक बॉडी नियमित ऑडिट के जरिए वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित कर रही है। यह कदम ग्राहक विश्वास बढ़ाने और फिनटेक घोटालों को रोकने में महत्वपूर्ण साबित होगा। कुल मिलाकर, ₹31.8 लाख का जुर्माना छोटा लग सकता है, लेकिन इसका संदेश बड़ा है: नियम तोड़ने की कोई गुंजाइश नहीं। 

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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