
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से प्रभावित एलपीजी आपूर्ति को सुव्यवस्थित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, शनिवार तक 6000 पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए। मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इन ‘डू गुड’ नागरिकों का आभार जताते हुए कहा, “कल तक 6000 पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपनी एलपीजी सरेंडर कर दी! उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद!!” उन्होंने अन्य उपभोक्ताओं से अपील की कि वे उन क्षेत्रों की मदद करें जहां पीएनजी उपलब्ध नहीं।
यह अभियान 14 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना के बाद तेज हुआ, जिसमें पीएनजी पाइपलाइन वाले इलाकों में एलपीजी कनेक्शन रखने पर रोक लगा दी गई। सरकार का उद्देश्य सिलेंडरों को उन ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में भेजना है जहां गैस नेटवर्क नहीं पहुंचा। पश्चिम एशिया से आयात बाधित होने से दबाव बढ़ा है, लेकिन घरेलू एलपीजी डिलीवरी सामान्य बनी हुई है- प्रतिदिन 55 लाख सिलेंडर वितरित हो रहे।
तीन महीने का अल्टीमेटम और प्रक्रिया
पीएनजी उपलब्ध इलाकों में 3 महीने बाद एलपीजी सप्लाई बंद हो सकती है, यदि कनेक्शन न लिया जाए। सीजीडी कंपनियां एसएमएस और कॉल से संपर्क करेंगी; कोई प्रतिक्रिया न मिले तो आपूर्ति रुक जाएगी। किराएदारों समेत सभी पर लागू, नए एलपीजी कनेक्शन प्रतिबंधित। 27 मार्च को लॉन्च MyPNG-D पोर्टल से घर बैठे सरेंडर संभव। लगभग 60 लाख उपभोक्ता योग्य, जिनमें 2.2 लाख पहले ही शिफ्ट हो चुके। तकनीकी रूप से असंभव जगहों पर एनओसी से छूट मिलेगी।
गैस आवंटन में प्राथमिकताएं
गैस क्षेत्र में प्राथमिकता तय: घरेलू पीएनजी और सीएनजी को 100% आपूर्ति, औद्योगिक-वाणिज्यिक को 80%, उर्वरक संयंत्रों को 70-75%। अतिरिक्त एलएनजी कार्गो से कमी पूरी हो रही। कमर्शियल एलपीजी 70% बहाल, होटल-रेस्तरां को प्राथमिकता। कालाबाजारी रोकने 2900 छापे, 1000 सिलेंडर जब्त; केरोसिन आवंटन बढ़ाया।
पीएनजी विस्तार और इंसेंटिव्स
मार्च में 2.9 लाख नए पीएनजी कनेक्शन जोड़े। आईजीएल 31 मार्च तक रजिस्ट्रेशन पर 500 रुपये का मुफ्त गैस, एमजीएल, गेल और बीपीसीएल समान छूट दे रही। पीएनजी एलपीजी से 30-40% सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल। पीईएसओ ने सीजीडी आवेदनों को 10 दिन में मंजूरी तेजी से दी। सरकार ने राज्यों से निगरानी, ब्रीफिंग और बुनियादी ढांचे को हरी झंडी दिखाने को कहा।
पीएनजी को बिजली-पानी जैसी बेसिक सुविधा बनाने का लक्ष्य सफल होता दिख रहा। अफवाहों पर जनता को सतर्क रहने की सलाह दी। यह कदम ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करेगा।









