
केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करके एक ऐसा फैसला सुनाया है, जो लाखों सामान्य जन के लिए राहत की खबर है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, पीपीएफ (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC), सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS), किसान विकास पत्र (KVP) और मंथली इनकम स्कीम (MIS) जैसी पसंदीदा योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यानी आपकी अब तक की प्लानिंग जो है, वही आगे भी उतनी ही सुरक्षित रहेगी।
1 अप्रैल से क्या‑क्या जारी रहेगा
वित्त सचिव और वित्त मंत्रालय की तिमाही समीक्षा के बाद जो दरें घोषित की गई हैं, वे इस तरह हैं:
- सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) – 8.2% प्रतिवर्ष
- सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) – 8.2% प्रतिवर्ष
- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) – 7.1% प्रतिवर्ष
- नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) – 7.7% प्रतिवर्ष
- किसान विकास पत्र (KVP) – 7.5% प्रतिवर्ष
- मंथली इनकम स्कीम (MIS) – 7.4% प्रतिवर्ष
- पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट – 4.0% प्रतिवर्ष
इन दरों को पिछली तिमाही से बरकरार रखा जाना निवेशकों के लिए खास तौर पर खुशी की बात है, क्योंकि इस दौर में जब बाजार की ब्याज दरें ऊपर‑नीचे हो रही हैं, तब सरकारी योजनाओं में स्थिरता मिलना छोटे‑मध्यम निवेशकों को अपने लक्ष्य बिना डरे प्लान रखने में मदद करती है।
क्यों नहीं किया बदलाव
सरकार छोटी बचत योजनाओं की दरें हर तीन महीने में जारी होने वाले नोटिफिकेशन के जरिए रिव्यू करती है। ये दरें आमतौर पर 10 साल वाली सरकारी बॉन्ड (G‑Sec) यील्ड और बाजार की ब्याज दर ट्रेंड के आधार पर तय होती हैं। इस बार सरकार ने यही चुनाव किया कि मौजूदा आर्थिक स्थितियों के हिसाब से इन योजनाओं पर दरों में न तो कटौती की जाए और न ही उछाल दिया जाए।
आखिरी बार अप्रैल 2024 में SSY की दर 8% से बढ़ाकर 8.2% की गई थी, और तब से लगातार कई तिमाही में इन योजनाओं पर दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। इससे निवेशकों को यह फायदा मिला है कि उनकी प्रोजेक्शन – चाहे वह बेटी की पढ़ाई, रिटायरमेंट फंड हो या बुजुर्गों की मासिक आय – बिना झटके के ठीक उसी रफ्तार से चलती रहे।
आम उपभोक्ता और बेटी की भविष्य की सुरक्षा
SSY विशेष तौर पर बेटियों के भविष्य को ध्यान में रखकर डिज़ाइन की गई योजना है, जहां 8.2% की अपेक्षाकृत उच्च दर पर टैक्स‑फ्री रिटर्न मिलते हैं। इसी तरह PPF और NSC जैसी योजनाएं टैक्सेशन के “ई‑ई‑ई” (Exempt‑Exempt‑Exempt) मॉडल में आती हैं, जिसका अर्थ है कि निवेश राशि, बीच का ब्याज और परिपक्वता पर मिलने वाली रकम तीनों स्तरों पर टैक्स से मुक्त रहती है। SCSS और MIS बुजुर्ग नागरिकों के लिए खासकर लाभदायक है, क्योंकि ये योजनाएं निचले जोखिम वाली होने के साथ‑साथ नियमित मासिक आय की सुविधा भी देती हैं।
निवेशकों के लिए सलाह और अगला रिव्यू
वित्त नियामक और पर्सनल फाइनेंस विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर आपका टोलरेंस लेवल जोखिम के मामले में कम है, यानी आप शेयर‑मार्केट या म्यूचुअल फंड जैसी उच्च‑जोखिम योजनाओं से दूर रहकर गारंटीड और रेगुलेटेड रिटर्न पसंद करते हैं, तो PPF, NSC, SSY और SCSS अभी भी अच्छे विकल्प बने हुए हैं।
दरों की अगली तिमाही‑आधारित समीक्षा जून महीने के अंत में जारी होगी, जब जुलाई–सितंबर 2026 के लिए नई घोषणा सामने आ सकती है। इसलिए अगर आप इन योजनाओं में निवेश या रिन्यूअल की सोच रहे हैं, तो अभी पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंक शाखा में जाकर लेटेस्ट नोटिफिकेशन और नियमों की जांच जरूर कर लें, ताकि आपकी प्लानिंग पूरी तरह अप‑टू‑डेट रहे।









