
भारत में घरेलू एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर से जुड़े नियमों में इस साल मार्च 2026 से बड़े बदलाव आए हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि गैस की कोई “कमी” नहीं है, लेकिन डिलीवरी और बुकिंग प्रक्रिया में थोड़ी देरी अब सामान्य हो गई है। मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार, पहले 2-3 दिन में पहुँचने वाला सिलेंडर अब 4-5 दिन तक लग सकता है, जबकि बुकिंग नियम भी सख्त हो गए हैं।
डिलीवरी अब 4-5 दिन तक लग सकती है
अधिकारियों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में जारी राजनीतिक तनाव के बीच एलपीजी की आपूर्ति श्रृंखला पर थोड़ा दबाव बना है, लेकिन घरेलू स्तर पर स्टॉक पर्याप्त है। फिर भी ग्राहक घबराहट में आकर जल्दी‑जल्दी बुकिंग कर रहे हैं, जिससे बुकिंग में लगभग 60% तक की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इस वजह से डिलीवरी में औसतन 2 दिन की अतिरिक्त देरी देखने को मिल रही है, यानी अब बुकिंग के बाद 4-5 दिन तक इंतज़ार करना पड़ सकता है।
सरकार की ओर से यह भी कहा जा रहा है कि यह देरी अस्थायी है और जैसे‑जैसे अनावश्यक बुकिंग कम होगी, डिलीवरी समय फिर से 2-3 दिन पर लौट आएगा।
OTP और e‑KYC: डिलीवरी प्रक्रिया सुरक्षित बनाई गई
डिलीवरी प्रक्रिया को और सुरक्षित और ट्रेसेबल बनाने के लिए सरकार ने दो नए उपाय लागू किए हैं। अब हर घरेलू गैस सिलेंडर डिलीवरी से पहले मोबाइल पर आए ओटीपी (One Time Password) की जरूरत होती है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि OTP सिर्फ आधिकारिक गैस डिलीवरी बॉय या वरिष्ठ अधिकारी को ही दें और किसी अनजान व्यक्ति से शेयर न करें, ताकि धोखाधड़ी और फर्जी डिलीवरी जैसी समस्याएं कम हो सकें।
इसके साथ ही आधार‑आधारित e‑KYC अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे गैस कनेक्शन और बुकिंग तंत्र और ज़्यादा पारदर्शी बनेगा। इसका मक़सद फर्जी कनेक्शन, जमाखोरी और ब्लैक बाज़ार को रोकना है, जिससे वास्तविक उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस मिल सके।
शहरी और ग्रामीण इलाकों में अलग नियम
बुकिंग नियमों पर भी स्पष्टीकरण दिया गया है। अब उपभोक्ता जब एक घरेलू सिलेंडर लेते हैं, तो अगला बुकिंग केवल तय अवधि के बाद ही कर सकेंगे:
- शहरी क्षेत्रों में– एक सामान्य कनेक्शन पर अगला बुकिंग 25 दिन बाद ही किया जा सकेगा।
- ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में– इस गैप को बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है, ताकि गांवों में सप्लाई और लॉजिस्टिक्स की स्थिति के अनुसार डिस्ट्रीब्यूशन सुचारू रहे।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि बिना ज़रूरत के गैस बुकिंग न करें, क्योंकि देश में एलपीजी, पेट्रोल और डीज़ल का स्टॉक पर्याप्त और सुरक्षित है। उनका तर्क है कि अगर लोग समझदारी से बुकिंग करें और “पैनिक बुकिंग” से बचें, तो डिलीवरी तंत्र जल्द ही सामान्य हो जाएगा और हर किसी को नियमित रूप से गैस मिलती रहेगी।
समय से बुकिंग और शिकायत की व्यवस्था
विशेषज्ञों का कहना है कि नए नियमों के बीच उपभोक्ताओं को अब से अपनी गैस खपत का प्लानिंग पहले से कर लेना चाहिए, ताकि 25 या 45 दिन के गैप के बीच घर में गैस की कमी न रहे। अगर किसी को बुकिंग के 5 दिन से ज़्यादा समय बाद भी सिलेंडर नहीं मिलता, तो उसे गैस कंपनी की हेल्पलाइन, ऐप या गैस एजेंसी पर लिखित शिकायत दर्ज दर्ज करानी चाहिए, जिस पर उचित कार्रवाई की गारंटी है।
कुल मिलाकर, यह बदलाव लंबी दृष्टि से गैस सप्लाई सिस्टम को स्थिर बनाने के लिए किए गए हैं, लेकिन छोटे समय के लिए उपभोक्ताओं को इंतज़ार और थोड़ी अनुकूलन की चुनौती झेलनी पड़ सकती है।









