
अमेरिकी दिग्गज Apple 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी अपने वर्चुअल असिस्टेंट Siri को iOS 27 के साथ पूरी तरह नया रूप देगी, जिसमें यूजर्स को थर्ड‑पार्टी AI टूल्स और चैटबॉट्स तक सीधे Siri के जरिए पहुंच मिलेगी। इस बदलाव के साथ आईफोन अब सिर्फ स्मार्टफोन नहीं, बल्कि एक “AI‑फर्स्ट” पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट की तरह काम करने लगेगा।
Siri Extension
रिपोर्ट्स के अनुसार Apple एक नया फीचर “Siri Extensions” लॉन्च कर सकती है, जिसकी मदद से आईफोन यूजर्स Siri के अंदर ही अलग‑अलग AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल कर पाएंगे। इसमें न केवल OpenAI का ChatGPT और Google का Gemini, बल्कि Anthropic का Claude जैसे टूल्स भी शामिल हो सकते हैं। यानी अब आपको अलग‑अलग ऐप्स खोलने की जरूरत नहीं रहेगी-बस “Hey Siri, इस सवाल के लिए ChatGPT / Gemini से जवाब लाओ” जैसा कमांड देने से काम पूरा हो जाएगा।
यह फीचर खासकर कंटेंट क्रिएटर्स, स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए फायदेमंद है, जो अलग‑अलग टास्क के लिए अलग AI टूल चाहते हैं-जैसे लिखाई के लिए ChatGPT, डॉक्यूमेंट और इमेज‑आधारित काम के लिए Gemini और लॉन्ग‑फॉर्म रिसर्च के लिए Claude।
AI App Store
Apple साथ ही एक नया “AI App Store” भी ला सकता है, जो मौजूदा App Store का एक विशेष सेक्शन होगा। इसमें अलग‑अलग कंपनियों के AI चैटबॉट्स, टूल्स और एजेंट्स उपलब्ध रहेंगे, जिन्हें यूजर्स सीधे Siri से जोड़कर इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे AI‑स्टार्टअप्स और टेक जायंट्स दोनों को आईफोन यूजर्स तक आसानी से पहुंच मिलेगी, और Apple को प्रत्येक ट्रांजैक्शन या सब्सक्रिप्शन पर कमीशन के जरिए एक नया राजस्व सोर्स मिलेगी।
यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब Apple अपने खुद के AI मॉडल्स में कुछ‑कुछ पीछे माना जा रहा है, और बाजार में OpenAI, Google और अन्य कंपनियों के LLM (लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स) की चर्चा तेज है। ऐसे में Apple की रणनीति साफ है: वह अपनी हार्डवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम की ताकत का इस्तेमाल करके एक यूनिफाइड AI प्लेटफॉर्म बनाना चाहता है, जहां सभी टॉप AI टूल्स सिंगल गेटवे-Siri के जरिए उपलब्ध हों।
Gemini‑पावर्ड Siri
इसी कड़ी में Apple ने हाल ही में Google के Gemini AI के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत आने वाला Siri Gemini की ताकत से काम करेगा। इस नए AI‑पावर्ड Siri को आंतरिक रूप से “Campo” कोडनेम दिया गया है, जिसे कंपनी शायद WWDC 2026 में 8 जून 2026 को पेश करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, आम यूजर्स इसे ठीक से जब तक Android‑नजीर की तरह iOS 27 के साथ 2026 के अंत में नए iPhone मॉडलों के साथ फुल‑स्केल पर इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
Gemini‑बेस्ड नया Siri सिर्फ “हां/ना” या मौसम बताने वाले वॉइस‑कमांड से आगे जाकर यूजर्स के लिए “काम खत्म करने वाला” डिजिटल एजेंट बनने वाला है। यह आपके लिए ऐप्स खोल सकेगा, ईमेल और मैसेज लिखवा सकेगा, कैलेंडर और टास्क मैनेज कर सकेगा, साथ ही न्यूज, रिसर्च और डॉक्यूमेंट्स को समझकर सारांश भी दे सकेगा।
Siri ऐप और चैटबॉट‑जैसा अनुभव
Apple इस दिशा में एक कदम और आगे बढ़कर एक अलग “Siri ऐप” भी डेवलप कर रहा है, जो आज के ChatGPT या Gemini जैसा चैटबॉट‑जैसा अनुभव देगा। यहां यूजर्स टाइप या वॉइस में लंबे सवाल पूछ सकेंगे, फाइल या फोटो अपलोड कर सकेंगे और AI उन्हें स्टेप‑बाय‑स्टेप गाइड या रिपोर्ट की तरह जवाब देगा। भारतीय संदर्भ में यह फीचर खासकर तब फायदेमंद होगा, जब हिंदी और अन्य लोकल भाषाओं में ट्रांसलेशन, न्यूज समरी, स्कूल‑कॉलेज वर्क और छोटे‑मोटे बिज़नेस ऑटोमेशन में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
Apple का यह फोकस दिखाता है कि वह अब सिर्फ डिवाइस बनाने वाली कंपनी से ऊपर जाकर एक “AI‑पावर्ड एकोसिस्टम” के निर्माता के रूप में उभरना चाहता है। iPhone के साथ आने वाला यह नया Siri न सिर्फ यूजर अनुभव बदलेगा, बल्कि भारतीय भाषाओं, कंटेंट क्रिएशन और डिजिटल एक्सेसिबिलिटी पर भी लंबी दूरी तक असर डाल सकता है।









