
एक समय था जब हवाई सफर अमीरों की सैर माना जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता ने इस धारणा को हमेशा के लिए बदल दिया। आज जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने दोहराया कि “हवाई चप्पल वाला भी जहाज की सवारी करेगा”। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में रिमोट दबाकर इस मेगा प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी गई। यह महज एक एयरपोर्ट का उद्घाटन नहीं, बल्कि ‘उड़ान 2.0’ योजना के तहत एविएशन सेक्टर में नई क्रांति की शुरुआत है।
आम आदमी की उड़ान का सपना साकार
‘उड़े देश का आम नागरिक’ (UDAN) योजना 2016 में शुरू हुई, जिसने छोटे शहरों को हवाई संपर्क से जोड़ा। 2014 से पहले 74 हवाई अड्डों की संख्या अब 160 से पार हो चुकी है। अब तक 663 रूट्स पर 1.62 करोड़ से अधिक यात्रियों ने सस्ते किराए (1 घंटे की फ्लाइट के लिए अधिकतम 2500 रुपये) पर सफर किया। शिमला-दिल्ली की पहली उड़ान से लेकर आज जेवर तक, यह योजना टियर-2/3 शहरों, पहाड़ी इलाकों और पूर्वोत्तर राज्यों को जोड़ रही है।
उड़ान 2.0: 28,840 करोड़ का महायोजना
केंद्रीय कैबिनेट ने हाल ही में मंजूर की 28,840 करोड़ रुपये की संशोधित उड़ान योजना (2026-2036) को मंजूरी दी। इसमें 100 नए हवाई अड्डे (‘चैलेंज मोड’ में 12,159 करोड़ से विकसित) और 200 हेलीपैड बनेंगे। व्यवहार्यता अंतर फंडिंग (VGF) के लिए 10,043 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। ‘मेड इन इंडिया’ को बढ़ावा देते हुए 400 करोड़ से स्वदेशी हेलीकॉप्टर ‘ध्रुव’ और ‘डॉर्नियर’ विमान खरीदे जाएंगे। इसका फायदा दूरदराज क्षेत्रों को मिलेगा, जहां सड़क-रेल सीमित हैं।
जेवर एयरपोर्ट: नया अध्याय
6200 हेक्टेयर में फैला जेवर एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा होगा। पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता, दो रनवे, कार्गो और MRO सुविधाएं होंगी। 2001 में राजनाथ सिंह की कल्पना आज साकार हो रही है। पीएम मोदी ने कहा, “हवाई पट्टियां अर्थव्यवस्था को उड़ान देंगी।”
रोजगार और विकास की बाढ़
नए एयरपोर्ट्स से पायलट, क्रू और ऑपरेशंस में लाखों नौकरियां पैदा होंगी। छोटे शहरों में पर्यटन, व्यापार और मेडिकल इमरजेंसी में तेज राहत मिलेगी। उड़ान ने 3 लाख उड़ानों के साथ रोजगार और पर्यटन को बढ़ाया। 2047 के ‘विकसित भारत’ में यह केंद्रीय भूमिका निभाएगी।









