
महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना” पर अब एक बड़ी डेडलाइन तय हो गई है। राज्य सरकार ने लाभार्थियों को साफ संकेत दिया है कि 31 मार्च 2026 तक जो महिलाएँ अपना अनिवार्य e‑KYC (ई‑केवाईसी) नहीं कराएंगी या अपग्रेड नहीं करेंगी, उनके लिए योजना लगभग “स्थायी रूप से बंद” हो सकती है। इस आखिरी तारीख के बाद सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि तकनीकी या दस्तावेजी गड़बड़ी से जुड़ी कोई भी दुरुस्ती स्वीकार नहीं की जाएगी।
अप्रैल में ₹4500 की बड़ी राहत
लाभार्थियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर यह है कि योजना के तहत अगर e‑KYC और जरूरी दस्तावेज पूरे होते रहे, तो अप्रैल 2026 के दौरान ₹4,500 की राशि उनके बैंक खातों में सीधे जमा हो सकती है। इस धनराशि का अर्थ यह है कि सरकार लगातार तीन महीनों (फरवरी, मार्च और अप्रैल 2026) की ₹1,500 प्रति माह की किस्तों का बंडल‑वाइज निपटान कर रही है। यह राशि न कि कोई नई योजना है, बल्कि मौजूदा लड़की बहिन योजना से जुड़ी रोकी गई किस्तों का जमा होना है। हालांकि, यह भुगतान पूरी तरह e‑KYC पूरा होने पर आधारित है। अगड़बड़ या आधे‑अधूरे KYC वालों के खातों में यह राशि रुकी रह सकती है।
डिस्क्वालिफाई होने का संकट
प्रशासन ने लाभार्थियों को चेतावनी भरी भाषा में बताया है कि 31 मार्च की सीमा के बाद KYC न कराने वाले लाभार्थियों का नाम योजना से वापस लिया जा सकता है। इस विंडो का उपयोग असली में दो काम के लिए किया जा रहा है- एक तो जाली या अपात्र लाभार्थियों को डिजिटल फिल्टर से निकालना, और दूसरा-असली गरीब महिलाओं को लाभ मिलता रहे।
सरकार के निर्देश के मुताबिक, 21 वर्ष से कम या 64 वर्ष से अधिक आयु वाली महिलाएँ, उन परिवारों में जहाँ वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक हो, या जिन घरों में कोई सरकारी नौकरीधारी या चार पहिया वाहन हो, उन्हें इस योजना के दायरे से बाहर रखा जा रहा है। साथ ही, मृतक लाभार्थियों के नाम भी योजना के डेटाबेस से धीरे‑धीरे हटाए जा रहे हैं।
मुंबई सहित राज्यभर में सहायता केंद्र
मुंबई और अन्य जिलों के स्थानीय प्रशासन ने पहले ही तैयारी शुरू कर दी है। “आपले सरकार सेवा केंद्र”, ग्राम पंचायत कार्यालय और कॉमन सर्विस सेंटर जैसे स्थानों पर डिजिटल वेरिफिकेशन में मुश्किल झेल रही महिलाओं के लिए सहायता काउंटर खोले गए हैं। यहाँ से आधार‑लिंकेज, बैंक‑खाता सत्यापन, जाति/आय प्रमाणपत्र अपडेट और बायोमेट्रिक e‑KYC जैसी सभी प्रक्रियाएँ ऑफलाइन मदद के जरिए पूरी की जा रही हैं। सरकार लगातार आह्वान कर रही है कि हर लाभार्थी तुरंत अपनी स्थिति जांचने जाए, वरना एक‑दो दिन की ढिलाई भी उसे योजना से बाहर कर सकती है।
e‑KYC कैसे करें: तीन आसान रास्ते
सरकार ने लाभार्थियों के लिए तीन उम्मीदवारी तरीके तय किए हैं:
- Narishakti Doot App: महिलाएँ अपने मोबाइल नंबर से लॉग इन करके “Applied Applications” सेक्शन में जा सकती हैं। अगर “Pending e‑KYC” का रेड फ्लैग दिखे, तो वहाँ “Update e‑KYC” बटन पर क्लिक करके प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं।
- आधिकारिक पोर्टल: ladkibahin.maharashtra.gov.in पर जाकर आधार‑OTP के माध्यम से आधार‑बैंक लिंकेज और अन्य जानकारी देकर e‑KYC अपडेट की जा सकती है।
- ऑफलाइन सेवा केंद्र: ऑनलाइन तकनीकी समस्या होने पर महिलाएँ नजदीकी आपले सरकार सेवा केंद्र या ग्राम पंचायत कार्यालय पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन करा सकती हैं।
सरकार की ओर से एक बात बार‑बार दोहराई जा रही है- “भुगतान रोकने का मुख्य कारण अब बैंक‑खाता और आधार के बीच लिंक की कमी है”। इसलिए लाभार्थियों से अपील है कि वे अपना बैंक खाता जरूर आधार‑लिंक करा लें, वरना ₹1,500 की हर मासिक किस्त रुकी रह सकती है।









