
भारत में सोना न केवल निवेश का साधन है, बल्कि शादियों, त्योहारों और परंपराओं का अभिन्न अंग भी। अक्षय तृतीया या धनतेरस जैसे अवसरों पर सर्राफा बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ‘1 तोला सोना’ खरीदते समय होने वाला भ्रम आपको हजारों रुपये का नुकसान पहुंचा सकता है? अधिकांश लोग 1 तोले को 10 ग्राम मान लेते हैं, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।
तोला का ऐतिहासिक मानक
पारंपरिक रूप से 1 तोला 11.6638 ग्राम के बराबर होता है, जो ब्रिटिश काल से चला आ रहा 180 ट्रॉय ग्रेन पर आधारित है। भारत और दक्षिण एशिया में यह सोने की व्यापारिक इकाई रही। हालांकि, आधुनिक सर्राफा बाजारों में सुविधा के नाम पर ज्वैलर्स 10 ग्राम को तोला बता देते हैं। पुराने गहने बेचते समय 11.66 ग्राम का तोला तौला जाता है, लेकिन नया सोना 10 ग्राम रेट पर बिकता है। इससे 1 तोले पर 1.66 ग्राम का फर्क पड़ता है, जो ₹7,000 प्रति 10 ग्राम भाव पर ₹1,200 का सीधा नुकसान है।
रत्ती-माशा जैसे पुराने पैमाने
ग्रामीण क्षेत्रों में रत्ती और माशा अभी भी प्रचलित हैं। 1 रत्ती लगभग 0.1215 ग्राम, 1 माशा=8 रत्ती (0.97 ग्राम) और 1 तोला=12 माशा। रत्न जड़ाई के समय ये इस्तेमाल होते हैं। गलत गणना से रत्नों का वजन भी प्रभावित होता है। हमेशा डिजिटल स्केल से ग्राम में जांचें।
कैरेट: शुद्धता की कुंजी
सोने की शुद्धता कैरेट से मापी जाती है- 24K (99.9% शुद्ध, निवेश के लिए बेस्ट लेकिन नरम), 22K (91.6% या 916 गोल्ड, गहनों के लिए आदर्श), 18K (75% शुद्ध, हीरों वाले डिजाइन के लिए)। बिना हॉलमार्क सोना न खरीदें।
HUID और बिलिंग का पूरा हिसाब
सरकार ने HUID (हॉलमार्क यूनिक ID) अनिवार्य किया है। BIS Care ऐप पर 6-अंकीय कोड स्कैन कर शुद्धता, वजन व ज्वैलर वेरीफाई करें। बिल फॉर्मूला: (वजन × भाव) + मेकिंग चार्ज (5-25%) + 3% GST। उदाहरण- 10 ग्राम 22K सोना ₹7,000/ग्राम पर: ₹70,000 (मूल) + ₹7,000 (मेकिंग 10%) + ₹2,310 (GST) = ₹79,310। मेकिंग पर मोलभाव करें।
खरीदारों के लिए सलाह
ग्राम में वजन लें, HUID बिल रखें। बड़ी खरीदारी में तीसरे पक्ष से जांच करवाएं। MCX भाव चेक करें। इस भ्रम से बचें, वरना त्योहार की खुशी फीकी पड़ सकती है। विशेषज्ञ कहते हैं, जागरूक खरीदारी ही सच्चा सोना है।









