
काउंटरपॉइंट रिसर्च की ताजा रिपोर्ट ने भारत के टैबलेट बाजार में एक नई कहानी बयां की है। साल 2025 में बाजार ने सालाना आधार पर करीब 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो उपभोक्ताओं की बढ़ती डिजिटल भूख को दर्शाता है। इस दौरान सैमसंग ने धमाकेदार प्रदर्शन कर बाजार पर अपना झंडा गाड़ दिया, जबकि एप्पल और एकर जैसी कंपनियों को झटका लगा। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यावसायिक उपयोग बढ़ने से टैबलेट की मांग में अचानक उछाल आया है।
31% हिस्सेदारी के साथ नंबर वन
रिपोर्ट के मुताबिक, सैमसंग की बिक्री में 15 प्रतिशत की छलांग लगी, जिससे इसकी बाजार हिस्सेदारी 2024 के 27 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 31 प्रतिशत हो गई। कंपनी ने गैलेक्सी टैब A9 सीरीज से शुरुआती तीन तिमाहियों में मिड-रेंज सेगमेंट पर कब्जा जमाया, जबकि चौथी तिमाही में A11 सीरीज ने धूम मचाई। प्रीमियम खंड में गैलेक्सी टैब S पोर्टफोलियो ने सैमसंग को मजबूत आधार दिया। “भारतीय उपभोक्ता अब किफायती लेकिन शक्तिशाली डिवाइस चाहते हैं, और सैमसंग ने इसी अंतर को भरा,” रिपोर्ट में उल्लेख है। यह सफलता लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर निर्भरता बढ़ने का भी प्रमाण है।
प्रीमियम सेगमेंट में धमाल
सबसे चौंकाने वाला ट्रेंड 30,000 से 40,000 रुपये वाले प्राइस बैंड में देखा गया, जहां बिक्री सात गुना तक उछल गई। यह आंकड़ा उपभोक्ताओं की प्रीमियम की ओर रुझान को साफ दिखाता है। एप्पल का iPad (2025) 128GB Wi-Fi वेरिएंट इसी रेंज में हिट रहा, लेकिन कुल बिक्री में 2 प्रतिशत की गिरावट के बावजूद कंपनी 20 प्रतिशत शेयर के साथ दूसरे पायदान पर काबिज रही।
iPad Pro सीरीज ने OLED तकनीक से हाई-परफॉर्मेंस सेगमेंट में दबदबा बनाए रखा। दूसरी ओर, लेनोवो ने 15 प्रतिशत शेयर के साथ 24 प्रतिशत ग्रोथ हासिल की, जबकि शाओमी की बिक्री 74 प्रतिशत बढ़कर 11 प्रतिशत हिस्सेदारी पर पहुंची।
चुनौतियां और निर्यात की कहानी
हालांकि, एकर को बड़ा झटका लगा। इसकी बिक्री 50 प्रतिशत लुढ़क गई, मार्केट शेयर 21 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत रह गया। रिपोर्ट में कहा गया कि कुल मिलाकर स्थिरता बनी रही, लेकिन निर्यात ने बाजार को नई ऊंचाई दी। सैमसंग और लेनोवो की अगुवाई में 10 लाख से अधिक यूनिट का निर्यात हुआ, मुख्यतः अमेरिका और यूरोप को। घरेलू उत्पादन कुल बिक्री का 50 प्रतिशत हो गया, जो ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती प्रदान करता है।
यह ट्रेंड 2026 में भी जारी रह सकता है, क्योंकि 5G टैबलेट और AI फीचर्स की मांग बढ़ रही है। उपभोक्ता अब लैपटॉप के विकल्प के रूप में टैबलेट को अपनाने लगे हैं। कुल मिलाकर, सैमसंग की रणनीति ने न सिर्फ बिक्री बढ़ाई, बल्कि पूरे बाजार को प्रेरित किया।









