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App Store चलाने वालों को लगेगा झटका? अब ऐप सर्च करते ही दिखेंगे विज्ञापन, जानें क्या-क्या बदल जाएगा

एपल 2026 से App Store सर्च में ज्यादा स्पॉन्सर्ड ऐड्स ला रहा है। डेवलपर्स कीवर्ड बोली से टॉप स्पॉट हथियाएंगे, लेकिन यूजर्स को स्क्रॉल बढ़ाना पड़ेगा। रेवेन्यू बढ़ाने का कदम डेवलपर्स को फायदा देगा, पर क्वालिटी पर पैसे का बोलबाला। 'Sponsored' टैग से भ्रम कम, पर ऐप चुनना मुश्किल।

By Pinki Negi

App Store चलाने वालों को लगेगा झटका? अब ऐप सर्च करते ही दिखेंगे विज्ञापन, जानें क्या-क्या बदल जाएगा

एपल ने अपने App Store को पूरी तरह बदलने का ऐलान कर दिया है। 2026 से सर्च रिजल्ट्स में ज्यादा विज्ञापन दिखने शुरू हो जाएंगे, जो Maps ऐप के बाद कंपनी का दूसरा बड़ा कदम है। अभी सिर्फ टॉप पर एक स्पॉन्सर्ड ऐड दिखता है, लेकिन अब सर्च के नीचे भी पैसे वाले ऐप्स प्रमुखता से नजर आएंगे। यह बदलाव एपल के रेवेन्यू को बढ़ाने का नया हथियार है, लेकिन iPhone यूजर्स का ऐप खोजने का अनुभव हमेशा के लिए बदल सकता है।

कैसे बदलेगा विज्ञापन सिस्टम?

नया सिस्टम नीलामी-आधारित होगा, जहां डेवलपर्स ‘कॉस्ट-पर-टैप’ या ‘कॉस्ट-पर-इंस्टॉल’ मॉडल से कीवर्ड्स पर बोली लगाएंगे। मिसाल के तौर पर, ‘फिटनेस ऐप’ या ‘फोटो एडिटर’ सर्च करने पर सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले का ऐप ऊपर चमकेगा। Google Play या Yelp जैसे प्लेटफॉर्म्स पर यह तरीका पुराना है, लेकिन एपल अब इसे App Store पर लागू कर रहा है। एपल खुद प्लेसमेंट तय करेगा, जिससे 65% सर्च-आधारित डाउनलोड्स प्रभावित होंगे। स्पॉन्सर्ड ऐड्स को साफ ‘Sponsored’ टैग से चिह्नित किया जाएगा, ताकि यूजर्स भ्रमित न हों।

यूजर्स के लिए चुनौतियां बढ़ेंगी

सबसे बड़ा सवाल है- क्या अब टॉप रिजल्ट सबसे अच्छा ऐप होगा? नहीं, क्योंकि पैसे वाले ऐप्स ऊपर दिखेंगे, न कि सबसे पॉपुलर या हाई-रेटेड। यूजर्स को ज्यादा स्क्रॉल करना पड़ेगा, रिव्यूज चेक करने होंगे और ऑर्गेनिक रिजल्ट्स तक पहुंचना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ऐप चुनने में समय लगेगा और गलत चुनाव की संभावना बढ़ेगी। हालांकि, प्रासंगिक ऐड्स से जरूरी ऐप्स जल्दी मिल सकते हैं।

डेवलपर्स: सुनहरा मौका या महंगा खेल?

छोटे डेवलपर्स के लिए दोहरी तलवार है। एक तरफ बेहतर विजिबिलिटी मिलेगी, खासकर सर्च-डिपेंडेंट ऐप्स के लिए। लेकिन बड़े प्लेयर्स जैसे गेमिंग या टेक कंपनियां भारी खर्च कर टॉप स्पॉट हथिया लेंगी, जिससे नए entrants पिछड़ जाएंगे। एपल का Ads प्लेटफॉर्म पहले से मौजूद है, लेकिन यह विस्तार डेवलपर्स को प्रमोशन का नया जरिया देगा।

फायदे-नुकसान का बैलेंस

फायदे साफ हैं- एपल को नया कमाई का स्रोत, डेवलपर्स को टारगेटेड पहुंच। लेकिन नुकसान भी कम नहीं: सर्च में ‘बायस’ बढ़ेगा, जहां क्वालिटी से ज्यादा पैसा मायने रखेगा। एपल का यह कदम Google के मुकाबले देर से आया है, लेकिन iOS इकोसिस्टम की मजबूती इसे सफल बना सकती है। जैसे-जैसे अपडेट रोलआउट होगा, यूजर्स और डेवलपर्स की प्रतिक्रिया तय करेगी कि यह क्रांति बनेगी या विवाद। फिलहाल, App Store अब सिर्फ स्टोर नहीं, विज्ञापन का बाजार बनने को तैयार है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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