
गर्मियों की दहलीज पर खड़े मार्च महीने में उत्तर-पश्चिम भारत में प्रकृति ने करवट ली है। लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों (Western Disturbances) ने मानसून जैसा नजारा रच दिया है, जहां दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में बारिश, आंधी और गरज-चमक का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26-28 मार्च तक अलर्ट जारी किया है, जिससे भीषण गर्मी यानी हीटवेव का खतरा अप्रैल के पहले सप्ताह तक टल गया है। यह अप्रत्याशित बदलाव किसानों, यात्रियों और आमजन के लिए राहत लेकर आया है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
पश्चिमी विक्षोभ, जो सामान्यत: सर्दियों में हिमालय को प्रभावित करते हैं, इस बार मार्च में भी सक्रिय हो गए हैं। इनके कारण ठंडी हवाएं भूमध्य सागर से आ रही हैं, जो बादल, नमी और वर्षा का रूप ले रही हैं। IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में 26 और 28 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं चलेंगी।
उत्तर प्रदेश और बिहार में 27-28 मार्च को 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार वाली आंधी, आकाशीय बिजली और छिटपुट ओलावृष्टि का अलर्ट है। पंजाब, हरियाणा व राजस्थान के मैदानी इलाकों में भी प्री-मानसून जैसी गतिविधियां दिखेंगी। पहाड़ी क्षेत्रों में जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश में 26 मार्च को भारी बारिश या बर्फबारी संभव है, जबकि उत्तराखंड में हल्की बर्फबारी की चेतावनी है।
तापमान में भारी गिरावट
इस मौसम यू-टर्न से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में 25 मार्च को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, लेकिन आगामी बारिश से यह सामान्य से 3-7 डिग्री नीचे लुढ़क सकता है। स्काईमेट वेदर सर्विसेज के विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल के पहले सप्ताह तक लू की कोई आशंका नहीं, क्योंकि विक्षोभों की श्रृंखला तापमान को नियंत्रित रखेगी। IMD के दिल्ली पूर्वानुमान के अनुसार, 26 मार्च को 32-34 डिग्री अधिकतम और 17-19 न्यूनतम तापमान रहेगा, जिसमें बूंदाबांदी व गरज-चमक शामिल है। 29 मार्च तक मौसम सुहावना बना रहेगा।
मार्च में प्री-मानसून जैसी स्थिति
यह स्थिति मार्च के लिए असामान्य है, क्योंकि प्री-मानसून गतिविधियां आमतौर पर अप्रैल-मई में जून की तर्ज पर होती हैं। मौसम विज्ञानी इसे जलवायु परिवर्तन का संकेत मान रहे हैं, जहां पश्चिमी विक्षोभों की आवृत्ति बढ़ रही है। इससे शुष्क गर्मी की जगह नमी भरी बौछारें पड़ रही हैं। हालांकि, मई-जून में अल नीनो की वापसी से गर्मी तेज हो सकती है। किसानों को रबी फसलों के लिए फायदा हो रहा है, लेकिन अचानक मौसम बदलाव से बिजली गिरने और ओलावृष्टि से नुकसान की आशंका है।
सतर्कता की सलाह
सरकार ने अलर्ट जारी कर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। यात्रियों को हवाई अड्डों पर देरी का सामना करना पड़ सकता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव संभव है। कुल मिलाकर, मार्च का यह मानसून जैसा स्वागत गर्मियों को देर तक टालने का संकेत दे रहा है। विशेषज्ञों की नजर अप्रैल पर टिकी है, जब हीटवेव की वापसी तय मानी जा रही है।









