
ईरान-इजरायल के बीच छिड़ा तनावपूर्ण संघर्ष कच्चे तेल की कीमतों को आसमान छूने पर मजबूर कर रहा है। ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ना शुरू हो चुका। तेल विपणन कंपनियों (OMC) ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम ₹2.09 प्रति लीटर बढ़ा दिए, जबकि इंडस्ट्रियल डीजल में ₹22.03 का जबरदस्त उछाल आया। इंडियन ऑयल ने इंडस्ट्रियल डीजल को ₹87.57 से ₹109.59 प्रति लीटर कर दिया- यह 25% से अधिक की वृद्धि है।
प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल क्या?
प्रीमियम पेट्रोल (ऑक्टेन 91+) रेगुलर (ऑक्टेन 87) से बेहतर है। इसमें एडिटिव्स होते हैं जो इंजन को साफ रखते हैं, कीचड़ जमा होने से रोकते हैं। कार-बाइक वाले इसे पसंद करते हैं। वहीं, इंडस्ट्रियल डीजल हाई-स्पीड ईंधन है- फैक्टरियों, जनरेटरों, खनन मशीनों के लिए। यह थोक में लाल रंग का बिकता है, पेट्रोल पंपों पर नहीं।
शहरों में नॉर्मल ईंधन दरें (20 मार्च 2026)
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 94.77 | 87.67 |
| मुंबई | 103.54 | 90.03 |
| कोलकाता | 105.41 | 92.02 |
| चेन्नई | 101.06 | 92.39 |
| बेंगलुरु | 102.96 | 90.99 |
जेब पर असर: चेन रिएक्शन शुरू
प्रीमियम पेट्रोल सीधे वाहन मालिकों को चोट पहुंचाएगा- मासिक ₹500-1000 अतिरिक्त खर्च। इंडस्ट्रियल डीजल महंगा होने से फैक्टरियां, कंस्ट्रक्शन प्रभावित। इनपुट कॉस्ट बढ़ेगी, लॉजिस्टिक्स महंगी होगी। ट्रांसपोर्ट रेट ऊपर, सामान के दाम बढ़ेंगे- महंगाई 3.4% से अधिक। OMC पहले नुकसान उठा रही थीं, अब समायोजन। भारत के पास 25 दिन का स्टॉक, आयात स्रोत बदलने पड़ेंगे।
भविष्य: राहत कब?
SBI रिपोर्ट के मुताबिक जून 2026 तक क्रूड $50 तक गिर सकता है। बजट में एक्साइज कट संभव, लेकिन EV को प्राथमिकता। सरकार निर्यात रोक, वैकल्पिक स्रोत तलाश रही। फिलहाल, ईरान संकट से $150-180/लीटर का खतरा मंडरा रहा।









