
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (आरबीएसई) ने कक्षा 10वीं के वार्षिक परीक्षा परिणाम 2026 की घोषणा को स्थगित कर दिया है। बोर्ड सचिव ने स्पष्ट पुष्टि की है कि आज 20 मार्च को परिणाम जारी नहीं होंगे। इसके बजाय, नई तारीख 23 मार्च (सोमवार) तक की संभावना जताई गई है, हालांकि अगले सप्ताह तक परिणाम आने की उम्मीद है। आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर लिंक सक्रिय होने के बाद छात्र अपने रोल नंबर से स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इस वर्ष फरवरी में आयोजित परीक्षाओं में लगभग 10 लाख छात्र शामिल हुए थे, जिनका बेसब्री से इंतजार चल रहा है।
परीक्षाएं 12 फरवरी से 28 फरवरी तक राज्यभर के परीक्षा केंद्रों पर सुचारू रूप से संपन्न हुईं। मूल रूप से 20 मार्च को परिणाम घोषित होने की अफवाहें सोशल मीडिया और न्यूज पोर्टल्स पर जोरों पर थीं, लेकिन बोर्ड ने आधिकारिक बयान जारी कर इन्हें खारिज कर दिया। जिला स्तर पर मूल्यांकन केंद्रों पर करीब 35,000 शिक्षकों को तैनात किया गया था। अधिकारी बताते हैं कि कॉपी जांच का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अंतिम तैयारी चल रही है। देरी के पीछे तकनीकी कारण या अंतिम सत्यापन बताए जा रहे हैं, लेकिन बोर्ड ने विस्तृत कारण नहीं बताया।
छात्र कैसे चेक करें परिणाम?
परिणाम जारी होते ही छात्रों को निम्नलिखित चरण अपनाने होंगे:
- आधिकारिक साइट rajeduboard.rajasthan.gov.in या rajresults.nic.in पर जाएं।
- ‘मुख्य परीक्षा परिणाम 2026′ या ‘Secondary Exam Result 2026’ लिंक पर क्लिक करें।
- रोल नंबर, जन्मतिथि आदि विवरण भरें और सबमिट बटन दबाएं।
- स्क्रीन पर अंकतालिका प्रदर्शित हो जाएगी, जिसे डाउनलोड कर प्रिंट ले सकते हैं।
वैकल्पिक रूप से, इंडियन एक्सप्रेस एजुकेशन पोर्टल पर भी रोल नंबर से पास स्टेटस चेक किया जा सकेगा। उच्च ट्रैफिक के कारण वेबसाइट धीमी पड़ सकती है, इसलिए धैर्य रखें या दूसरी साइट्स का सहारा लें। पासिंग क्राइटेरिया में प्रत्येक विषय और कुल योग में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। एक या दो विषयों में फेल छात्रों को सप्लीमेंट्री परीक्षा का अवसर मिलेगा, जिसकी तिथि अलग से घोषित होगी।
पास प्रतिशत और टॉपर लिस्ट का अनुमान
पिछले वर्षों के रुझान से 2026 में भी 85-90 प्रतिशत पास प्रतिशत रहने की उम्मीद है। टॉपर्स की सूची, जिला-वार प्रदर्शन और लिंग-आधारित सांख्यिकी परिणाम के साथ जारी होगी। आरबीएसई ने डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई है, जो समयबद्धता बढ़ाती है। फिर भी, देरी से छात्रों और अभिभावकों में निराशा है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि छात्र इस समय को अगली कक्षाओं की तैयारी में लगाएं।
बोर्ड की तैयारी और छात्रों की प्रतिक्रिया
आरबीएसई ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की। 10.68 लाख छात्रों की कॉपियां केंद्रित मूल्यांकन केंद्रों पर जांच गईं। अभिभावक संगठनों ने देरी पर सवाल उठाए हैं, लेकिन बोर्ड ने आश्वासन दिया है कि जल्द सुधार होगा। दिल्ली स्थित पत्रकार सोलर ने बताया कि छात्रों को लाइव अपडेट्स के लिए आधिकारिक चैनल्स पर नजर रखनी चाहिए।
यह स्थगन शिक्षा क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। क्या यह तकनीकी खराबी है या मूल्यांकन में अनियमितता? बोर्ड को स्पष्ट संचार बढ़ाने की जरूरत है। छात्रों से अपील है कि अफवाहों से बचें और आधिकारिक अपडेट्स का इंतजार करें। अगले सप्ताह तक लाखों सपनों का फैसला होगा









