
सहारा इंडिया परिवार की चार सहकारी समितियों में फंसा पैसा अब आसानी से वापस पाने का सुनहरा मौका आ गया है। केंद्र सरकार ने CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल पर दावों की अधिकतम सीमा को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹10 लाख कर दिया है। जिन निवेशकों के पहले आवेदन दस्तावेजों की कमी या अन्य कारणों से खारिज हो गए थे, वे अब री-सबमिशन पोर्टल के जरिए सुधार कर दोबारा आवेदन कर सकते हैं। सत्यापन के बाद 45 कार्य दिवसों में राशि आधार-लिंक्ड बैंक खाते में सीधे जमा हो जाएगी।
यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 2023 के आदेश पर आधारित है, जहां SEBI के सहारा खाते से फंड ट्रांसफर हो रहे हैं। सहकारिता मंत्री अमित शाह ने फरवरी 2026 तक लोकसभा में बताया कि 40 लाख से अधिक निवेशकों को ₹8,800 करोड़ रिफंड दिए जा चुके हैं। कुल दावे ₹97,000 करोड़ से ज्यादा हैं, जबकि 1.45 करोड़ आवेदनों में 4.06 करोड़ क्लेम दर्ज हुए। सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम समय सीमा 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी है, जिससे लाखों निवेशकों को राहत मिलेगी।
नया रिफंड प्रोसेस
सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी, सहारियन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस सोसाइटी, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी और स्टार्स मल्टीपर्पस कोऑपरेटिव सोसाइटी के निवेशक इन चरणों का पालन करें:
- पोर्टल पर जाएं: आधिकारिक वेबसाइट http://mocrefund.crcs.gov.in/depositor/ या री-सबमिशन पोर्टल पर लॉग इन करें।
- पंजीकरण: आधार के अंतिम 4 अंक और लिंक्ड मोबाइल नंबर डालें, OTP से वेरीफाई करें।
- कमी सुधारें: खारिज क्लेम की ‘डेफिशिएंसी’ दिखेगी, उसे ठीक कर दस्तावेज अपलोड करें।
- जरूरी दस्तावेज: निवेश रसीद/बॉन्ड, आधार, PAN (₹50,000 से ऊपर के लिए), आधार-लिंक्ड बैंक डिटेल्स।
- सबमिट और सेव: फॉर्म भरकर सबमिट करें, ऐक्नॉलेजमेंट नंबर नोट करें।
प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त और ऑनलाइन है। DBT के जरिए भुगतान सुनिश्चित करता है कि कोई बिचौलिया न घुसपैठ करे। पहले क्लेम के 45 दिन बाद ही री-सबमिशन की अनुमति है।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े
| विवरण | आंकड़ा (मार्च 2026 तक) |
|---|
| विवरण | आंकड़ा (मार्च 2026 तक) |
|---|---|
| कुल रिफंड दिए गए | ₹8,800 करोड़ |
| लाभान्वित निवेशक | 40 लाख+ |
| कुल आवेदन | 1.45 करोड़ |
| कुल दावे | 4.06 करोड़ |
| नई क्लेम सीमा | ₹10 लाख |
| समय सीमा | 31 दिसंबर 2026 |
सतर्क रहें, फर्जीवाड़े से बचें
निवेशक सिर्फ आधिकारिक CRCS पोर्टल इस्तेमाल करें। एजेंट्स या ऐप्स के चक्कर में न पड़ें, जो पैसे मांगते हैं। सुप्रीम कोर्ट की मार्च 2026 सुनवाई से और अपडेट्स आ सकते हैं। सरकार की यह पहल छोटे-बड़े सभी निवेशकों को न्याय दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है। लाखों परिवारों की उम्मीदें अब पूरी होने वाली हैं।









