
भारत में PAN कार्ड जारी करने के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के हालिया अपडेट के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 से सिर्फ आधार कार्ड से PAN नहीं बनेगा। अब जन्मतिथि (DOB) का अलग प्रमाण देना अनिवार्य होगा। यह कदम डिजिटल वेरिफिकेशन को मजबूत बनाने और फर्जी PAN पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है। इनकम टैक्स विभाग के इस नए नियम से लाखों आवेदकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
वर्तमान प्रक्रिया: आसान और तेज
अभी PAN बनवाना बेहद सरल है। आधार आधारित ई-KYC से फोटो, सिग्नेचर और DOB ऑटोमैटिक ले लिया जाता है। NSDL या UTIITSL पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन भरें, ₹107 फीस जमा करें और आधार OTP से वेरिफाई कर लें। 15-20 दिनों में PAN घर पहुंच जाता है। कोई अतिरिक्त दस्तावेज नहीं चाहिए, यही वजह है कि करोड़ों लोग इंस्टेंट PAN ले चुके हैं।
नया नियम: DOB प्रूफ की सख्ती
1 अप्रैल से पुरानी व्यवस्था खत्म। CSCeGov के ट्वीट (@CSCegov_, 17 मार्च) में चेतावनी दी गई है कि अब आधार के साथ DOB सत्यापन के लिए अलग डॉक्यूमेंट जरूरी। स्वीकार्य दस्तावेज:
- बर्थ सर्टिफिकेट
- वोटर आईडी
- 10वीं मार्कशीट/सर्टिफिकेट
- ड्राइविंग लाइसेंस
- पासपोर्ट
- मजिस्ट्रेट एफिडेविट
CSC ने सलाह दी: “31 मार्च तक सिर्फ आधार से PAN बनवाएं।” इसके बाद पुराने फॉर्म रिजेक्ट होंगे। यह बदलाव टैक्स सिस्टम को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में DOB प्रूफ जुटाना चुनौती बनेगा।
आवेदन के आसान स्टेप्स
- पोर्टल चुनें: protean-tinpan.com या utiitsl.com पर New PAN-Indian Citizen (Form 49A) सिलेक्ट करें।
- रजिस्टर: नाम, ईमेल, मोबाइल भरें; टोकन नंबर नोट करें।
- ई-KYC: आधार विकल्प चुनें; फोटो-सिग्नेचर ऑटो भरें।
- फीस: ₹107 ऑनलाइन पेमेंट।
- OTP वेरिफाई: आधार लिंक्ड मोबाइल पर OTP डालें।
CSC सेंटर्स या abhirendra.pal@csc.gov.in पर संपर्क करें।
सरकार का उद्देश्य और प्रभाव
सरकार का कहना है कि यह फर्जीवाड़े रोकेगा और पहचान सत्यापन मजबूत करेगा। हालांकि, छोटे व्यापारी, छात्र और बुजुर्गों को दिक्कत हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधार डेटा में त्रुटि होने पर भी समस्या बढ़ेगी। साथ ही, 1 जनवरी 2026 से अनलिंक्ड PAN इनऑपरेटिव हो चुके हैं।
क्या करें आम नागरिक?
31 मार्च की डेडलाइन मिस न करें। ऑफिशियल साइट incometaxindia.gov.in चेक करें। यदि DOB प्रूफ नहीं, तुरंत जुटाएं। यह बदलाव टैक्स अनुपालन को सशक्त बनाएगा, लेकिन जागरूकता जरूरी है।









