
उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में ट्रैफिक पुलिस ने दोपहिया वाहन चालकों पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। हाल के दिनों में चलाए जा रहे ‘विशेष अभियान’ के तहत मॉडिफाइड स्कूटी और बाइक पर ₹10,000 तक के भारी चालान काटे जा रहे हैं। मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के नए नियमों के तहत यह कार्रवाई तेज आवाज वाले साइलेंसर, बिना HSRP प्लेट और प्रदूषण प्रमाण-पत्र की कमी जैसी कमियों पर हो रही है। सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर पुलिस दूर से ही इन वाहनों को पहचान ले रही है, जिससे सैकड़ों चालक चपेट में आ चुके हैं।
यह अभियान मार्च 2026 से जोर पकड़ चुका है, जब ट्रैफिक पुलिस ने विशेष चेकिंग ड्राइव शुरू की। उत्तर प्रदेश के शहरों जैसे मेरठ, लखनऊ, कानपुर और नोएडा में पुलिस टीमें दिन-रात सड़कों पर तैनात हैं। दिल्ली-NCR में भी PUC और ड्रिंक एंड ड्राइव पर फोकस बढ़ा है। एक वरिष्ठ ट्रैफिक अधिकारी ने बताया कि ये उल्लंघन सड़क दुर्घटनाओं और शोर-प्रदूषण का प्रमुख कारण हैं। पिछले हफ्ते ही मेरठ में 200 से ज्यादा बाइकों पर चालान जारी हुए, जिनमें ज्यादातर मॉडिफाइड साइलेंसर वाली थीं।
किन वाहनों पर कट रहा ₹10,000 का चालान?
सबसे ज्यादा निशाने पर हैं ‘पटाखा छोड़ने वाली’ बाइकें। अगर आपकी रॉयल एनफील्ड बुलेट या कोई अन्य बाइक में कंपनी के साइलेंसर की जगह तेज आवाज वाला आफ्टरमार्केट साइलेंसर लगा है, तो सीधे ₹10,000 का चालान। पहली बार ₹5,000 और दोबारा पकड़े जाने पर दोगुना। इसी तरह, बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) वाली स्कूटी-बाइक पर ₹5,000 से ₹10,000 तक जुर्माना। कई पुरानी गाड़ियां अभी भी सामान्य प्लेट लिए घूम रही हैं, जो अब मुसीबत बन रही हैं।
प्रदूषण अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट न होने पर भी ₹10,000 का प्रावधान है। नए नियमों में वायु प्रदूषण पर सख्ती है, खासकर दिल्ली-NCR में जहां GRAP नियम लागू हैं। नशे में गाड़ी चलाने (ड्रिंक एंड ड्राइव) पर ब्रेथ एनालाइजर चेकिंग तेज है – पहली बार ही ₹10,000 जुर्माना और तीन महीने की जेल। बिना परमिट के पर्सनल बाइक से कमर्शियल काम, जैसे बिना लाइसेंस बाइक टैक्सी चलाना, भी अब निशाने पर है। ऐसे मामलों में वाहन सीज और रजिस्ट्रेशन सस्पेंड हो सकता है।
चालान से बचने के लिए तुरंत करें ये 4 काम
चालकों को तत्काल कदम उठाने चाहिए। सबसे पहले, मॉडिफाइड साइलेंसर हटाकर ओरिजिनल कंपनी वाला लगवाएं। वरना पुलिस रुकवाते ही चालान थमा देगी। दूसरा, सभी जरूरी दस्तावेज – ड्राइविंग लाइसेंस, RC, इंश्योरेंस और PUC – की डिजिटल या फिजिकल कॉपी हमेशा रखें। digiLocker ऐप इसकी आसान सुविधा देता है। तीसरा, HSRP न होने पर bookmyhsrp.com जैसी सरकारी साइट से बुकिंग कराएं और रसीद साथ रखें। लगभग 500-1000 रुपये में यह काम हो जाता है। चौथा, हेलमेट अनिवार्य करें – चालक और पीछे बैठने वाले दोनों के लिए। रेड लाइट जंपिंग या रेसिंग से भी बचें।
वाहन मालिकों का कहना है कि यह सख्ती जायज है, लेकिन जागरूकता अभियान की कमी है। एक बाइक चालक ने बताया, “मेरठ में साइलेंसर चेकिंग में फंस गया, ₹7,000 चुकाने पड़े। अब ओरिजिनल लगवा लिया।” ट्रैफिक पुलिस का दावा है कि यह अभियान अप्रैल तक चलेगा। मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार, नाबालिग ड्राइविंग पर तो ₹25,000 तक और लाइसेंस सस्पेंशन है।
नए ट्रैफिक नियमों का असर
2026 में 1 जनवरी से चालान राशि और बढ़ाई गई। सरकार का लक्ष्य शून्य दुर्घटना और स्वच्छ हवा है। उत्तर भारत में वायु प्रदूषण चरम पर होने से PUC चेकिंग साप्ताहिक है। चालकों से अपील है – नियम मानें, चालान से बचें। वरना खर्चीला अनुभव हो सकता है। यह अभियान सड़कें सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, लेकिन चालकों को भी जिम्मेदार बनना होगा।









