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Char Dham Yatra 2026: श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी! ‘ई-स्वास्थ्य धाम’ पोर्टल रखेगा आपकी सेहत का ख्याल

उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 के लिए ‘ई-स्वास्थ्य धाम’ पोर्टल लॉन्च किया। 177 एंबुलेंस, हेली सेवा, 25 मेडिकल पोस्ट और 33 स्क्रीनिंग पॉइंट्स तैनात। ऊंचाई बीमारियों पर नजर, 16 विशेषज्ञ डॉक्टर सहित 100 स्वास्थ्य मित्र तैयार। डॉ. धन सिंह रावत: "जीरो लॉस का लक्ष्य।" लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित।

By Pinki Negi

Char Dham Yatra 2026: श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी! 'ई-स्वास्थ्य धाम' पोर्टल रखेगा आपकी सेहत का ख्याल

उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। लाखों श्रद्धालुओं की सेहत का खास ख्याल रखने के लिए लॉन्च किया गया ‘ई-स्वास्थ्य धाम’ पोर्टल यात्रा से पहले ही रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगा। यह पहल ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में सांस की तकलीफ, थकान या अन्य स्वास्थ्य जोखिमों से निपटने में क्रांतिकारी साबित होगी।

ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल की खासियतें

‘ई-स्वास्थ्य धाम’ पोर्टल के जरिए हर श्रद्धालु यात्रा से पूर्व अपनी स्वास्थ्य जानकारी जैसे बीपी, हृदय गति, ऑक्सीजन लेवल और पुरानी बीमारियों का विवरण रजिस्टर कर सकेगा। इससे यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति में डॉक्टरों को तुरंत अलर्ट मिलेगा और सहायता पहुंचाई जा सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि यह पोर्टल आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (ABHA) से लिंक होगा, जिससे मेडिकल हिस्ट्री डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगी।

पोर्टल पर स्वास्थ्य जांच के बाद ग्रीन, येलो या रेड जोन का वर्गीकरण होगा, ताकि हाई-रिस्क यात्रियों को विशेष सलाह दी जा सके। यह व्यवस्था न केवल जान बचाएगी, बल्कि यात्रियों का आत्मविश्वास भी बढ़ाएगी।

व्यापक चिकित्सा नेटवर्क

यात्रा मार्ग पर 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट और 33 हेल्थ स्क्रीनिंग पॉइंट्स स्थापित किए जा रहे हैं, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर ऊंचाई जनित बीमारियों जैसे एक्यूट माउंटेन सिकनेस (AMS) पर नजर रखेंगे। इन केंद्रों में ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयां और बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, 16 विशेषज्ञ डॉक्टर, 46 मेडिकल ऑफिसर, 85 पैरामेडिकल स्टाफ को 15 दिन के रोस्टर पर तैनात किया जाएगा।

मार्ग पर 100 स्वास्थ्य मित्र भी रहेंगे, जो प्राथमिक उपचार और यात्रियों को मार्गदर्शन देंगे। चार धामों- यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ तथा प्रमुख पड़ावों पर स्थायी-अस्थायी चिकित्सा केंद्र पूरी तरह सुसज्जित होंगे।

177 एंबुलेंस से सशक्त बचाव तंत्र

आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए यात्रा मार्ग पर 177 एंबुलेंस तैनात की जाएंगी, जिनमें ALS (एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट) और BLS (बेसिक लाइफ सपोर्ट) वाली शामिल हैं। टिहरी क्षेत्र में एक बोट एंबुलेंस झील पार करने वाले यात्रियों के लिए और एक हेली एंबुलेंस एम्स ऋषिकेश के सहयोग से सक्रिय रहेगी। डॉ. रावत ने कहा, “हमारा लक्ष्य जीरो लॉस है। हेलीकॉप्टर से मरीजों को बेस अस्पताल तक पहुंचाने का समय घटाकर 30 मिनट किया गया है।” यह इंतजाम पिछले वर्षों की तुलना में 40% अधिक मजबूत हैं, जब यात्रा में स्वास्थ्य कारणों से सैकड़ों श्रद्धालु प्रभावित हुए थे।

सुरक्षित यात्रा का नया अध्याय

स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समय से तैयार हों। यात्रियों से अपील है कि पोर्टल पर अनिवार्य रजिस्ट्रेशन कराएं, पहले स्वास्थ्य जांच कराएं और ऊंचाई पर जल्दबाजी न करें। यह पहल चारधाम यात्रा को न केवल धार्मिक आयोजन, बल्कि सुरक्षित पर्यटन मॉडल के रूप में स्थापित करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मॉनिटरिंग से मृत्यु दर 25% तक कम हो सकती है।

चारधाम यात्रा मई से शुरू होनी है, और ये इंतजाम लाखों भक्तों के लिए वरदान साबित होंगे। सरकार की यह पहल देशभर में स्वास्थ्य-पर्यटन एकीकरण का उदाहरण बनेगी।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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