
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में राशन वितरण की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही। राशन डीलर तय कोटे से कम अनाज बांटते हैं, ऊंची कीमत वसूलते हैं और उपभोक्ताओं को रौब दिखाते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्ट इसकी गवाही दे रहे हैं। लेकिन अब केंद्र सरकार ने खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) के जरिए आम जनता को सशक्त बनाने के लिए डिजिटल हथियार थमा दिया है। व्हाट्सऐप नंबर, IVRS कॉल और साप्ताहिक ऑनलाइन सुनवाई से मात्र एक क्लिक पर डीलर की खैरियत पूछी जा सकेगी।
राशन व्यवस्था में गड़बड़ियों का अंबार
राशन व्यवस्था में गड़बड़ी के मामले देशभर से सामने आते रहे हैं। उत्तर प्रदेश में हालिया शिकायतों के अनुसार, कई डीलर आधार कार्ड चेक करने का बहाना बनाकर मुफ्त राशन देने से इनकार कर देते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो यह समस्या चरम पर है, जहां गरीब परिवार भूखे पेट सोने को मजबूर हो जाते हैं।
उदाहरण के तौर पर, झारखंड के गढ़वा में लाभार्थियों ने डीलर को बंधक बना लिया था, जबकि राजस्थान में 11 डीलरों की संपत्ति कुर्क कर 5 हजार क्विंटल गेहूं जब्त किया गया। उत्तर प्रदेश में भी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 और रसद विभाग के 1800-1800-1090 पर हजारों शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जिसके बाद लाइसेंस निलंबन और FIR तक की कार्रवाई हुई।
व्हाट्सऐप से तुरंत शिकायत
अब DFPD ने इसे और आसान बना दिया है। अगर डीलर रौब दिखाए या कोटे से कम चावल-गेहूं दे, तो व्हाट्सऐप नंबर +91-9868200445 पर सिर्फ “Hi” मैसेज भेजें। ऑटोमेटेड चैटबॉट तुरंत सक्रिय हो जाएगा, जो राशन कार्ड नंबर, समस्या का विवरण मांगेगा। शिकायत दर्ज होते ही स्थानीय खाद्य अधिकारी को अलर्ट चला जाएगा। यह सुविधा खासतौर पर उन लाखों ग्रामीणों के लिए वरदान है, जो साक्षरता की कमी या दूरी के कारण पहले शिकायत नहीं कर पाते थे। विभाग के अनुसार, यह सिस्टम 24 घंटे सक्रिय रहेगा और ट्रैकिंग कोड भी मुहैया कराएगा।
IVRS नंबर पर कॉल का विकल्प
व्हाट्सऐप के अलावा IVRS नंबर 14457 पर कॉल करें। कॉल कनेक्ट होते ही स्वररिक्स्टर भाषा चुनने का विकल्प देगा। फिर राशन कार्ड विवरण और समस्या बताएं- जैसे “कम मात्रा मिली” या “पैसे मांगे”। सिस्टम शिकायत को संबंधित जिला कार्यालय भेज देगा, जहां 48 घंटे में स्टॉक वेरिफिकेशन और डीलर पूछताछ होगी। पिछले आंकड़ों से साबित है कि ऐसी शिकायतों पर 70 फीसदी मामलों में तत्काल सुधार होता है।
साप्ताहिक ऑनलाइन सुनवाई
सबसे रोचक है साप्ताहिक ऑनलाइन शिकायत सुनवाई। हर बुधवार दोपहर 3 से 4 बजे DFPD के वरिष्ठ अधिकारी लाइव सेशन आयोजित करेंगे। इसमें शामिल होने के लिए लिंक http://dfpd.gov.in/vc-link/en पर क्लिक करें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधे समस्या रखें, सबूत (फोटो/वीडियो) शेयर करें। यह व्यवस्था उन मामलों के लिए है, जहां स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न हो। मेरठ जैसे जिलों में पत्रकारों ने पाया कि पहले शिकायतें दब जाती थीं, लेकिन अब डिजिटल ट्रेल से डीलरों पर लगाम लगेगी।
गरीब कल्याण योजना को मिलेगी मजबूती
यह पहल प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) को मजबूत करेगी, जो 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मुफ्त राशन देती है। लेकिन सफलता के लिए उपभोक्ताओं को सजग रहना होगा। राशन लेते वक्त आधार, कार्ड और मोबाइल साथ रखें, वीडियो बनाएं। शिकायत दर्ज करने से डीलर का रौब टूटेगा, भ्रष्टाचार रुकेगा। सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है- दोषी डीलर का लाइसेंस रद्द, जुर्माना लाखों में और जेल तक संभव।









