Tags

गैस के बाद अब ‘दूध’ की बारी! सिर्फ 10 दिन का स्टॉक बचा; डेयरी सेक्टर में मचा हड़कंप

ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत में LPG संकट गहरा गया। डेयरी उद्योग पर चोट- पाश्चुरीकरण और पैकेजिंग रुकी। गोवर्धन डेयरी के देवेंद्र शाह बोले, "10 दिन का स्टॉक बचा।" महाराष्ट्र सबसे प्रभावित, अमूल पर कम असर। सप्लाई ठप होने का डर। सरकार को तत्काल राहत जरूरी।

By Pinki Negi

lpg crisis hit milk supply packeting supplies will last only 10 days dairy sector tension

खाड़ी क्षेत्र में ईरान-अमेरिका युद्ध की आग ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को झुलसा दिया है। ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पाबंदी लगाने से भारत का तेल-गैस आयात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। LPG संकट ने पहले ही घर-घर में हाहाकार मचा दिया, जहां लोग सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लगा रहे हैं। अब यह संकट डेयरी सेक्टर तक पहुंच गया है, जहां पैकेजिंग सामग्री का स्टॉक महज 10 दिनों का बचा है। महाराष्ट्र सहित कई राज्यों के डेयरी मालिक चेतावनी दे रहे हैं कि अगर गैस सप्लाई शीघ्र सामान्य न हुई तो दूध की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो सकती है।

युद्धग्रस्त खाड़ी का असर भारत पर

मिडिल ईस्ट, जो दुनिया का प्रमुख तेल-गैस उत्पादक है, इजरायल-ईरान संघर्ष की चपेट में है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस टकराव में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया, जिससे वैश्विक ऊर्जी सप्लाई का 20 प्रतिशत और भारत के 50-55 प्रतिशत तेल-गैस आयात का रास्ता अवरुद्ध हो गया। भारत अपनी 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत LPG आयात पर निर्भर है। रिफाइनरियों पर मिसाइल हमलों से निर्यात-आयात बिगड़ गया। भारत ने ईरान से बातचीत कर दो LPG जहाज- शिवालिक और नंदा देवी- पहुंचाए हैं, बाकी के लिए प्रयास जारी हैं।

सरकार ने संकट से निपटने के लिए सिलेंडर नियम सख्त कर दिए। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाइप्ड गैस कनेक्शन पर रिफिल बंद, 24 घंटे में नए नियम लागू। शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतर 25 दिन का कर दिया गया। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आश्वासन दिया कि घरेलू आपूर्ति प्राथमिकता में है, लेकिन उद्योग प्रभावित हो रहे हैं।

डेयरी सेक्टर पर LPG का चक्रव्यूह

दूध प्रसंस्करण में LPG की अहम भूमिका है। पाश्चुरीकरण- दूध को 72 डिग्री सेल्सियस पर गर्म कर बैक्टीरिया मारना में भारी गैस लगती है। पैकेट और कार्टन बनाने वाली फैक्टरियां भी गैस पर निर्भर हैं। गैस किल्लत से उत्पादन ठप, पैकेजिंग स्टॉक सूख रहा है। गोवर्धन डेयरी के संस्थापक देवेंद्र शाह ने कहा, “हमारे पास सिर्फ 10 दिन का पैकेजिंग मटेरियल बचा है। संकट न सुलझा तो सप्लाई रुक जाएगी।” चेंबूर की सुरेश डेयरी के मैनेजर शरीब शेख ने भी चिंता जताई।

महाराष्ट्र सबसे प्रभावित, जहां छोटी-मध्यम डेयरियां जूझ रही हैं। बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सी.के. सिंह के अनुसार, होटल-रेस्टोरेंट ने ऑर्डर काट दिए, क्योंकि वे खुद गैस संकट से त्रस्त हैं। भैंस दूध के तीन बड़े ऑर्डर रद्द। छोटे संचालक स्टोरेज की कमी से दूध सस्ते में बेचने को मजबूर। बड़ी कंपनियां जैसे अमूल पर कम असर- एमडी जयेन मेहता ने बताया कि 80 प्रतिशत गैस मिल रही, बाकी डीजल से। फिर भी, ग्रामीण-शहरी सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा।

आंकड़ों में संकट की गंभीरता

पैरामीटरसामान्य स्थितिवर्तमान संकट
पैकेजिंग स्टॉक30-45 दिन10 दिन 
LPG आयात निर्भरता60%50% रुकावट 
प्रभावित डेयरियांमहाराष्ट्र 70% 
मांग में गिरावट20-30% (होटल) 

आगे की राह और चिंताएं

सरकार ने LPG उत्पादन 10 प्रतिशत बढ़ाया, उद्योगों को सीमित सप्लाई दी। लेकिन डेयरी को प्राथमिकता की जरूरत। विशेषज्ञों का मानना है कि वैकल्पिक ईंधन – बायोगैस, बिजली – अपनाने होंगे। किसान पहले ही दूध फेंक रहे, क्योंकि प्रोसेसिंग रुकी। उपभोक्ता दूध की कीमतों में उछाल की आशंका जता रहे। सितंबर 2025 में GST छूट से मदर डेयरी ने टोंड दूध 2 रुपये सस्ता किया था (75 रुपये/लीटर), लेकिन अब संकट गहरा।

यदि 10 दिन में हालात न सुधरे, तो ‘व्हाइट गोल्ड’ की किल्लत आम आदमी की थाली तक पहुंचेगी। केंद्र को डेयरी राहत पैकेज और आयात मार्ग बहाल करने की जरूरत।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें