
नौकरीपेशा लोगों की सैलरी से हर महीने कुछ हिस्सा ईपीएफ (Employees’ Provident Fund) में कटता है, जो रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित बचत का आधार बनाता है। लेकिन अगर आप करोड़ों का फंड बनाना चाहते हैं, तो VPF (Voluntary Provident Fund) चुनें। EPF का ही विस्तार, VPF में आप बेसिक सैलरी + DA का 100% तक अतिरिक्त जमा कर सकते हैं। EPFO द्वारा मैनेज्ड यह स्कीम 8.25% ब्याज (FY 2025-26) देती है, जो PPF के 7.1% से बेहतर है।
VPF: EPF से क्या अलग?
EPF में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों 12% योगदान देते हैं- नियोक्ता का 8.33% EPS (पेंशन) में और 3.67% EPF में। VPF पूरी तरह स्वैच्छिक है, सिर्फ कर्मचारी का अतिरिक्त निवेश। कोई नियोक्ता योगदान नहीं, लेकिन EPF जैसा ही सुरक्षित ब्याज। ज्यादा प्रिंसिपल से कंपाउंडिंग का जादू चलता है। उदाहरण: ₹50,000 बेसिक सैलरी पर EPF में ₹6,000 जाते हैं, VPF से ₹50,000 तक अतिरिक्त जोड़ें तो 20 साल में फंड कई गुना बढ़ जाता है। बाजार जोखिम शून्य, सरकारी गारंटी।
टैक्स बचत और रिटर्न का डबल फायदा
सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख तक छूट; EPF+VPF कुल ₹2.5 लाख तक ब्याज टैक्स-फ्री। 5 साल बाद मैच्योरिटी EEE (Exempt-Exempt-Exempt)। बजट 2021 के बाद ₹2.5 लाख से ऊपर ब्याज पर TDS, लेकिन ज्यादातर के लिए फायदेमंद। PPF जैसी सीमा नहीं – VPF में अनलिमिटेड (कंपनी पॉलिसी पर)। लंबे समय में VPF का रिटर्न NPS (12-14%, जोखिमपूर्ण) से कम लेकिन सुरक्षित।
EPF vs VPF vs PPF: तुलनात्मक नजरिया
| पैरामीटर | EPF | VPF | PPF |
|---|
| पैरामीटर | EPF | VPF | PPF |
|---|---|---|---|
| योगदान | 12% अनिवार्य | 100% तक अतिरिक्त | ₹1.5 लाख/साल मैक्स |
| ब्याज दर | 8.25% | 8.25% | 7.1% |
| लॉक-इन | रिटायरमेंट तक | रिटायरमेंट तक | 15 साल |
| योग्यता | सभी EPF सदस्य | EPF सदस्य ही | कोई भी व्यक्ति |
| नियोक्ता योगदान | हां | नहीं | नहीं |
VPF लॉन्ग-टर्म के लिए बेस्ट – ज्यादा निवेश से बड़ा कॉर्पस।
कैसे शुरू करें VPF?
HR/पेरोल को फॉर्म दें या EPFO पोर्टल/कंपनी ऐप पर अप्लाई। तय राशि सैलरी से ऑटो-डेबिट। नौकरी बदलने पर UAN से ट्रांसफर। बैलेंस चेक: UMANG ऐप, EPF पासबुक या DigiLocker। प्राइवेट सेक्टर में ज्यादातर कंपनियां उपलब्ध कराती हैं।
विशेषज्ञ सलाह और सावधानियां
वित्तीय सलाहकार कहते हैं: “VPF अनुशासित बचत है, लेकिन लिक्विडिटी कम। इमरजेंसी फंड अलग रखें।” आंशिक निकासी शादी, मेडिकल, घर जैसी जरूरतों पर। ब्याज दर सालाना बदल सकती है। उच्च सैलरी वालों (₹1 लाख+) के लिए आइडियल। 2026 में बढ़ती महंगाई के दौर में VPF रिटायरमेंट को मजबूत बनाता है।









