
राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (RBSE) शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। इस बार 5वीं और 8वीं कक्षा के रिजल्ट मार्च 2026 में ही जारी हो सकते हैं, जो पहले मई के अंत में आते थे। साथ ही, 10वीं का रिजल्ट 20 मार्च तक घोषित होने की पूरी संभावना है। यह कदम 1 अप्रैल से नए सत्र की समयबद्ध शुरुआत सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
26.54 लाख छात्रों की प्रतीक्षा अब अंतिम चरण में है, क्योंकि 1.30 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 43,000 शिक्षकों द्वारा तेजी से पूरा हो चुका है। परीक्षाएं 5वीं के लिए 20 फरवरी से 6 मार्च तथा 8वीं के लिए 20 फरवरी से 4 मार्च तक आयोजित हुईं।
नया सत्र अप्रैल से: जल्द रिजल्ट का लक्ष्य
बोर्ड का उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू करना है। इसके लिए रिजल्ट प्रक्रिया को अभूतपूर्व गति दी गई है। 15 मार्च तक मूल्यांकन पूरा करने के निर्देश जारी हुए हैं, जिससे 25 मार्च तक 5वीं-8वीं के नतीजे आ सकते हैं। बिहार बोर्ड की तर्ज पर राजस्थान भी इतिहास रचेगा। इस बदलाव से छात्रों को समय पर प्रमोशन मिलेगा और नए सत्र में बिना रुकावट पढ़ाई शुरू हो सकेगी। अभिभावक भी इस पहल की सराहना कर रहे हैं, हालांकि फेल होने की संभावना इस बार बढ़ सकती है।
रिजल्ट चेक करने का आसान तरीका
रिजल्ट की घोषणा शालादर्पण पोर्टल rajshaladarpan.nic.in पर ऑनलाइन होगी। छात्र रोल नंबर और जन्मतिथि या जिला भरकर तुरंत मार्कशीट डाउनलोड कर सकेंगे। अन्य आधिकारिक साइट्स जैसे rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर भी लिंक सक्रिय होंगे। ध्यान दें, जारी दिन मूल मार्कशीट नहीं मिलेगी। बोर्ड स्कूलों को अंक सूची भेजेगा, जहां से प्रिंसिपल या क्लास टीचर से प्राप्त करें।
रिजल्ट कैसे डाउनलोड करें?
रिजल्ट चेक करने के लिए ये सरल स्टेप्स फॉलो करें:
- सबसे पहले rajshaladarpan.nic.in पर जाएं।
- होमपेज पर ‘कक्षा 5 रिजल्ट’ या ‘कक्षा 8 रिजल्ट’ लिंक पर क्लिक करें।
- रोल नंबर और जन्मतिथि या जिला दर्ज करें।
- स्क्रीन पर रिजल्ट खुल जाएगा, जिसे चेक कर डाउनलोड करें।
ये प्रक्रिया मोबाइल और डेस्कटॉप दोनों पर आसानी से काम करेगी। किसी तकनीकी समस्या पर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
पासिंग क्राइटेरिया और फेल स्टूडेंट्स के लिए राहत
पास होने के लिए हर विषय में न्यूनतम 33% अंक अनिवार्य हैं। फेल छात्रों को चिंता करने की जरूरत नहीं, क्योंकि स्कूल 45 दिनों के अंदर सप्लीमेंट्री परीक्षाएं आयोजित करेंगे। इससे साल खराब होने से बचेगा। बोर्ड ने साफ कहा है कि इस बार नो-डिटेंशन पॉलिसी सख्ती से लागू नहीं होगी।
छात्र नियमित तैयारी करें ताकि पहली बार ही सफलता मिले। अभिभावक बच्चों का हौसला बढ़ाएं। यह बदलाव राजस्थान शिक्षा को नई दिशा देगा। लाखों छात्रों की निगाहें आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। अपडेट के लिए आधिकारिक साइट्स चेक करते रहें।









