
मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब भारतीय रसोई पर पड़ने लगा है। 15 मार्च 2026 को घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। दिल्ली में 14.2 किलो वाले सिलेंडर के दाम में ₹60 की बढ़ोतरी हुई है, जो इसे ₹913 तक ले गई। युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन बाधित होने से देश में कुकिंग गैस की किल्लत का डर पैदा हो गया है।
इसके चलते सरकार ने कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर कैपिंग लगा दी है और बुकिंग नियमों में सख्त बदलाव किए हैं। यह वृद्धि पिछले एक साल की सबसे बड़ी है, जो आम उपभोक्ता के बजट पर भारी पड़ रही है।
प्रमुख शहरों में LPG के नए रेट
प्रमुख महानगरों में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों की नई कीमतें इस प्रकार हैं। ये दरें 15 मार्च से लागू हो गई हैं:
| शहर | घरेलू रेट (14.2 किलो) | कमर्शियल रेट (19 किलो) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹913 | ₹1,884.50 |
| मुंबई | ₹912.50 | ₹1,836 |
| कोलकाता | ₹939 | ₹1,988.50 |
| चेन्नई | ₹928.50 | ₹2,043.50 |
| हैदराबाद | ₹965 | ₹2,105.50 |
| लखनऊ | ₹950.50 | ₹2,007 |
| बेंगलुरु | ₹915.50 | ₹1,958 |
| पटना | ₹1,002.50 | ₹2,133.50 |
दिल्ली में घरेलू सिलेंडर अब ₹913 का हो गया है, जो पिछले महीने ₹853 था। इसी तरह मुंबई में मामूली अंतर के साथ ₹912.50 पहुंचा। ये आंकड़े पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की अधिसूचना पर आधारित हैं। कमर्शियल सिलेंडरों में 100 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई, जो रेस्तरां और छोटे व्यवसायों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रही है।
दिल्ली में सप्लाई कैपिंग का बड़ा फैसला
दिल्ली सरकार ने कमर्शियल सिलेंडर की दैनिक सप्लाई पर 20% कैपिंग लगा दी है। शहर की औसत खपत 9000 सिलेंडर प्रतिदिन है, लेकिन अब केवल 1800 सिलेंडर ही वितरित होंगे। यह कदम पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश पर उठाया गया ताकि युद्ध जैसी स्थिति में आवश्यक सेवाओं के लिए गैस उपलब्ध रहे। जमाखोरी रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है और कालाबाजारी पर सख्ती बरती जा रही। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अस्थायी उपाय है, लेकिन छोटे व्यापारियों को इससे नुकसान हो सकता है।
बुकिंग नियम सख्त, PNG पर जोर
गैस की बढ़ती मांग और पैनिक बुकिंग रोकने के लिए रिफिल बुकिंग के अंतराल में बदलाव किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में अब 45 दिन पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं होगा (पहले 25 दिन)। शहरी इलाकों में यह सीमा 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई। सरकार ने 60 लाख परिवारों को पाइप नेचुरल गैस (PNG) पर स्विच करने की सलाह दी है, जो सस्ता और सुरक्षित विकल्प है। इससे लंबे समय में सब्सिडी負担 कम होगा।
एक साल का रुझान
अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक कीमतें धीरे-धीरे बढ़ीं, लेकिन इस बार का ₹60 का उछाल अप्रत्याशित है। मिडिल ईस्ट संकट से कच्चे तेल और गैस के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में 15% बढ़े। सरकार ने सब्सिडी जारी रखने का आश्वासन दिया, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि तनाव लंबा खिंचा तो और वृद्धि हो सकती है। उपभोक्ताओं को सतर्क रहने और वैकल्पिक ईंधन पर विचार करने की सलाह दी जा रही। यह स्थिति भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी दबाव डाल रही, क्योंकि गैस आयात 50% से अधिक है।









