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Iran-US जंग की आहट! तेल की जमाखोरी करने वालों को मोदी सरकार की सख्त चेतावनी

ईरान-US जंग से होर्मुज पर संकट, भारत में पेट्रोल पंपों पर हाहाकार। मंत्रालय की एडवाइजरी: खुला फ्यूल कंटेनरों में न लें, पर्याप्त स्टॉक है। तमिलनाडु में पंप निलंबित, जमाखोरी पर सख्त चेतावनी। पैनिक बाइंग से काला बाजार फला, सरकार रूस से सप्लाई बढ़ा रही।

By Pinki Negi

Iran-US जंग की आहट! तेल की जमाखोरी करने वालों को मोदी सरकार की सख्त चेतावनी

ईरान-अमेरिका युद्ध की आग मिडिल ईस्ट में भड़क रही है, जिसका असर भारत के तेल बाजार पर सीधा पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट की आशंका से पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं, तो वही जमाखोरी और काला बाजारी का खेल भी फूट रहा है। इसी बीच पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को सख्त एडवाइजरी जारी कर लोगों से कंटेनरों में खुला फ्यूल न खरीदने की अपील की है। मंत्रालय ने चेताया कि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद घबराहट में नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

Iran-US War का भारत पर सीधा असर

मिडिल ईस्ट में ईरान-अमेरिका (और इजरायल) के बीच तनाव चरम पर है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो विश्व के 20 फीसदी कच्चे तेल का रास्ता है, पर रुकावट की आशंका से भारत जैसे आयातक देशों में हड़कंप मच गया। भारत अपनी 85 फीसदी तेल जरूरत आयात से पूरी करता है, जिसमें मिडिल ईस्ट का बड़ा हिस्सा है। युद्ध की वजह से शिपमेंट लेट हो रहे हैं, फ्रेट लागत दोगुनी हो गई है।

नतीजा? कई शहरों खासकर तमिलनाडु, दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में पेट्रोल पंपों पर सुबह से शाम तक कतारें। लोग अफवाहों के चलते जार-बोतलों में फ्यूल भरवा रहे हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से घातक है।

मंत्रालय की एडवाइजरी

पेट्रोलियम मंत्रालय ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि देशभर के रिटेल आउटलेट्स पर पेट्रोल-डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उपभोक्ताओं से अपील की गई कि ढीले कंटेनरों जैसे प्लास्टिक बोतल या जार में ईंधन न खरीदें या स्टोर न करें। कारण साफ- ऐसा करना आग लगने, विस्फोट और स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है।

मंत्रालय ने डीलरों को सुरक्षा दिशानिर्देशों का सख्त पालन करने के आदेश दिए। साथ ही चेताया कि उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबन से लेकर कानूनी कार्रवाई तक होगी। पीएम मोदी ने ईरान से बात कर सप्लाई चेन सुचारू रखने का आग्रह किया है, जबकि रूस-अमेरिका से अतिरिक्त कार्गो मंगाए जा रहे हैं।

तमिलनाडु घटना से सबक

एडवाइजरी का ट्रिगर तमिलनाडु की एक घटना बनी, जहां एक ग्राहक को पेट्रोल पंप से गलत कंटेनर में फ्यूल लेते पकड़ा गया। पंप ने नियम तोड़े, जिसके चलते उसे तुरंत निलंबित कर दिया गया। संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज हुई। मंत्रालय ने इसे उदाहरण बनाते हुए सभी डीलरों को चेताया- ‘किसी भी उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई होगी’। राज्य सरकारों को निर्देश हैं कि डिपो-गोदामों की रैंडम चेकिंग बढ़ाएं। जमाखोरी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत स्टॉक लिमिट लगाई गई है। विपक्ष नेता संजय राउत ने सरकार पर चुप्पी का आरोप लगाया, लेकिन मंत्रालय ने स्टॉक पर्याप्त होने का डेटा शेयर किया।

पैनिक बाइंग का दुष्परिणाम

फ्यूल कमी की अफवाहें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। लोग घबरा ‘एक्स्ट्रा’ फ्यूल स्टॉक कर रहे, जिससे कृत्रिम कमी पैदा हो रही। होटल, ढाबे बल्क में खरीद रहे, तो रिटेल में शॉर्टेज। LPG सिलेंडरों पर भी दबाव है- कीमतें 5-7 फीसदी चढ़ गईं। विशेषज्ञ चेताते हैं कि अगर तनाव लंबा चला तो CAD बढ़ेगा, रुपया कमजोर होगा। सरकार घरेलू रिफाइनरियों से प्रोडक्शन बढ़ा रही, PNG-पाइपलाइन नेटवर्क तेज कर रही। एनर्जी थिंकटैंक का कहना है कि स्ट्रैटेजिक LPG रिजर्व जरूरी हैं।

डाइवर्सिफिकेशन और जागरूकता

मोदी सरकार रूस-नॉर्वे से सप्लाई बढ़ा रही। अमेरिका ने रूसी तेल शिपमेंट को मंजूरी दी। लेकिन पब्लिक अपील है- घबराएं नहीं, जरूरत भर ही खरीदें। विशेषज्ञ सुझाते हैं कि क्राइसिस कम्युनिकेशन मजबूत हो, रिजर्व बढ़ें। यह जंग भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की सीख दे रही। 

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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