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पेट्रोल की छुट्टी! अब सड़कों पर राज करेंगी CNG कारें, सरकार क्यों दे रही है इतना भारी डिस्काउंट?

वेस्ट एशिया संकट से पेट्रोल-डीजल महंगे हो रहे हैं, लेकिन सरकारी नीति से CNG वाहनों को प्राथमिकता मिल रही है। Natural Gas Control Order में CGD को टॉप पर रखा गया है, घरेलू गैस पहले PNG-CNG को। बजट 2026 में बायोगैस ब्लेंडेड CNG पर एक्साइज छूट से कीमतें घटीं। पेट्रोल से 40-50% सस्ता, दिल्ली में 600+ स्टेशन- CNG अब मध्यम वर्ग का सबसे सुरक्षित विकल्प है।

By Pinki Negi

पेट्रोल की छुट्टी! अब सड़कों पर राज करेंगी CNG कारें, सरकार क्यों दे रही है इतना भारी डिस्काउंट?

वेस्ट एशिया में जारी संकट ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को हिला दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते समुद्री खतरे के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन CNG वाहनों को सरकारी नीतियों का पूरा संरक्षण मिल रहा है। बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बायोगैस ब्लेंडेड CNG पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी छूट की घोषणा की, जिससे प्रति किलो CNG की कीमत में कुछ रुपये की कमी आई है। घरेलू गैस आपूर्ति और कीमत नियंत्रण के कारण CNG अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई है, जबकि पेट्रोल इंपोर्ट पर निर्भरता महंगाई बढ़ा रही है।

सरकार की प्राथमिकता: CNG टॉप पर

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का Natural Gas Control Order CNG को VIP का दर्जा देता है। प्राथमिकता सूची में City Gas Distribution (CGD) सबसे ऊपर है, जहां PNG और CNG को घरेलू गैस की पहली खुराक मिलती है। गैस कमी की स्थिति में उद्योगों जैसे उर्वरक या बिजली प्लांट्स की सप्लाई घटाई जाती है, लेकिन आम आदमी की रसोई और यात्रा सुरक्षित रहती है।

दिल्ली-NCR जैसे शहरों में 600 से ज्यादा CNG स्टेशन इस नीति की ताकत दिखाते हैं। दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बसें और ऑटो-रिक्शा CNG पर निर्भर हैं, जो सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ बने हुए हैं।

कीमत स्थिरता: पेट्रोल से अलग फॉर्मूला

पेट्रोल-डीजल की कीमतें कच्चे तेल के वैश्विक भावों से झूलती हैं, लेकिन CNG का बड़ा हिस्सा घरेलू फॉर्मूले और सीलिंग प्राइस से तय होता है। PNGRB के यूनिफाइड टैरिफ सिस्टम से 2026 में CNG-PNG सस्ते होने की उम्मीद है। बजट 2026 में बायोगैस ब्लेंडिंग अनिवार्य करने और उसके मूल्य को एक्साइज गणना से बाहर रखने से कमर्शियल वाहनों – ट्रक, टैक्सी, कारों- की रनिंग कॉस्ट घटी है। इससे सालाना हजारों रुपये की बचत हो रही है, खासकर मध्यम वर्ग के लिए CNG अब सबसे समझदार विकल्प बन गया है।​

ट्रांजिशन फ्यूल के रूप में CNG

भारत कृष्णा-गोदावरी बेसिन जैसे घरेलू स्रोतों और लंबे आयात समझौतों पर जोर दे रहा है। बाजार में 36 से ज्यादा CNG कार मॉडल उपलब्ध हैं, जैसे मारुति सुजुकी स्विफ्ट CNG, जो पेट्रोल से 40-50% सस्ते चलती हैं। हालांकि दिल्ली EV पॉलिसी 2.0 में CNG ऑटो पर फेजआउट (15 अगस्त 2025 से नया रजिस्ट्रेशन बंद) का प्रस्ताव है, लेकिन कारों के लिए CNG अभी सुरक्षित है। प्रदूषण कम करने और ऑयल इंपोर्ट घटाने के लक्ष्य में CNG ब्रिज ईंधन साबित हो रहा है।

चुनौतियां बरकरार, लेकिन भविष्य उज्ज्वल

CNG में पावर थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन टैक्स राहत से मांग बढ़ रही है। EV को लंबे समय का लक्ष्य मानते हुए CNG सार्वजनिक परिवहन को किफायती बनाए रखेगा। वेस्ट एशिया संकट के दौर में CNG कारें सचमुच सड़कों पर राज कर रही हैं- सस्ती, स्थिर और सरकारी संरक्षण वाली। मध्यम वर्ग के लिए यह ईंधन संकट का सबसे मजबूत हथियार है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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