
वित्त वर्ष 2025-26 समाप्त होने के अंतिम चरण में करदाता अलर्ट हो जाएं! आयकर विभाग ने एडवांस टैक्स की चौथी और अंतिम किस्त जमा करने की अंतिम तारीख 15 मार्च 2026 निर्धारित की है। अगर आपकी अनुमानित टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से अधिक है, तो इस तिथि तक कुल 100% टैक्स जमा करना अनिवार्य है। समय पर भुगतान न करने पर धारा 234B और 234C के तहत 1% मासिक ब्याज के साथ पेनल्टी लग सकती है, जो आपकी जेब पर भारी बोझ साबित हो सकती है।
कौन हैं एडवांस टैक्स के दायरे में?
एडवांस टैक्स हर साल ITR भरने वाले सभी पर लागू नहीं होता। केवल वही व्यक्ति आते हैं जिनकी कुल टैक्स देनदारी TDS/TCS घटाने के बाद भी 10,000 रुपये से ज्यादा बनी हो। फ्रीलांसर, कंसल्टेंट, शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से कैपिटल गेन कमाने वाले, किराए से आय वाले, FD/निवेश पर ब्याज पाने वाले और व्यापारी इसकी जद में आते हैं। वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से अधिक), जिनकी आय केवल पेंशन या ब्याज से हो और कोई बिजनेस/प्रोफेशनल इनकम न हो, उन्हें इससे छूट है।
नौकरीपेशा लोगों को आमतौर पर चिंता की कोई बात नहीं, क्योंकि नियोक्ता TDS काट लेता है। लेकिन अगर सालभर में शेयर बाजार, क्रिप्टोकरेंसी, बोनस, डिविडेंड या अन्य स्रोतों से अतिरिक्त आय हो, तो बची टैक्स राशि एडवांस टैक्स के रूप में भरनी पड़ती है। टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि अनुमानित आय पर ‘Pay as You Earn’ का नियम लागू होता है।
किस्तों का पूरा शेड्यूल
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एडवांस टैक्स चार किस्तों में जमा होता है:
- 15 जून 2025: 15%
- 15 सितंबर 2025: 45% (कुल)
- 15 दिसंबर 2025: 75% (कुल)
- 15 मार्च 2026: 100% (कुल)
अगर बीच में कैपिटल गेन जैसी अप्रत्याशित आय हो, तो अगली किस्त में समायोजित करें। 15 मार्च के बाद की आय पर टैक्स 31 मार्च तक भरें।
चूकने के जोखिम और समाधान
डेडलाइन मिस करने पर हर महीने 1% ब्याज लगता है, जो छोटी देरी को महंगा बना देता है। उदाहरणस्वरूप, 1 लाख रुपये की देरी पर सालाना 12% अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। इसके अलावा रिफंड प्रक्रिया जटिल हो जाती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऑनलाइन कैलकुलेटर (जैसे ClearTax) से अपनी देनदारी जांचें।
घर बैठे कैसे भरें टैक्स?
- इनकम टैक्स e-फाइलिंग पोर्टल (incometax.gov.in) पर लॉगिन करें।
- ‘e-Pay Tax’ चुनें, चालान 280 जेनरेट करें।
- नेट बैंकिंग, UPI, डेबिट कार्ड या SBI चालान से भुगतान करें।
- रसीद डाउनलोड कर रखें।
करदाता अब चुप्पी तोड़ें! 15 मार्च के बाद फाइनेंशियल ईयर खत्म होने पर पछतावा ही हाथ लगेगा। समय रहते भुगतान करें और टेंशन-फ्री रहें।









